गर्मियों में जूतों से आने वाली बदबू से छुटकारा पाने के आसान तरीके
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जैसे ही गर्मी का मौसम आता है, हमारे शरीर से पसीना निकलने लगता है। उमस भरे वातावरण में यह पसीना कपड़ों और जूतों में नमी बनाए रखता है, जिससे कई लोग इस मौसम में जूतों से उठने वाली बदबू से परेशान रहते हैं। बाहर से जूते साफ-सुथरे लगते हैं, लेकिन अंदर से आने वाली गंध काफी असहजता पैदा करती है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि जूतों में गंध आने का मुख्य कारण पसीना और बैक्टीरिया का मिश्रण होता है। हमारे पैरों में शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक पसीने वाली ग्रंथियां होती हैं। जब हम जूते पहनते हैं, तो हवा का आना-जाना सीमित हो जाता है, जिससे पसीना अंदर ही रह जाता है। यह नमी धीरे-धीरे बैक्टीरिया और फंगस के विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाती है। ये सूक्ष्म जीव पसीने और मृत त्वचा के कणों को तोड़ते हैं, जिससे तेज गंध उत्पन्न होती है। यही कारण है कि गर्मी में जूते पहनने पर गंध और बढ़ जाती है।
इस समस्या से निपटने के लिए जूतों को हर बार धोना आवश्यक नहीं है। कुछ सरल घरेलू उपाय नमी और बैक्टीरिया को कम करने में सहायता करते हैं।
बेकिंग सोडा इस मामले में अत्यंत प्रभावी है, क्योंकि यह स्वाभाविक रूप से नमी को सोख लेता है और गंध पैदा करने वाले तत्वों को खत्म करता है। यदि इसे रातभर जूतों के अंदर रखा जाए, तो सुबह तक गंध काफी कम हो जाती है। इसी प्रकार, सिरके और पानी का हल्का मिश्रण भी बैक्टीरिया को कम करने में मददगार होता है, क्योंकि सिरके में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। इसे हल्के स्प्रे के रूप में उपयोग करने से जूतों की गंध को नियंत्रित किया जा सकता है।
केवल घरेलू उपाय ही नहीं, बल्कि कुछ रोजमर्रा की आदतें भी इस समस्या को कम कर सकती हैं। जूतों को लगातार पहनने से बचना चाहिए ताकि उन्हें हवा लग सके और अंदर की नमी सूख सके। साफ और सूखे मोजे पहनना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि मोजे पसीने को जूतों तक पहुँचने से रोकते हैं। साथ ही, जूतों को उपयोग के बाद खुली हवा में रखना चाहिए ताकि प्राकृतिक वेंटिलेशन से उनकी नमी कम हो सके।