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क्या पैरों की जलन को अलविदा कहने के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे अपनाएं?

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क्या पैरों की जलन को अलविदा कहने के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे अपनाएं?

सारांश

पैरों में जलन एक आम समस्या है, लेकिन आयुर्वेदिक नुस्खों से इससे राहत पाई जा सकती है। जानिए कैसे कुछ सरल उपाय आपकी परेशानी को कम कर सकते हैं और आपके जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

मुख्य बातें

ठंडे पानी में पैर डालने से राहत मिलती है।
एलोवेरा जेल का उपयोग तुरंत ठंडक प्रदान करता है।
आयुर्वेदिक नुस्खे जैसे आंवला और गिलोय फायदेमंद होते हैं।
खान-पान का ध्यान रखना जरूरी है।
यदि समस्या गंभीर हो, तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

नई दिल्ली, 27 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। पैरों में जलन होना आजकल एक सामान्य समस्या बन चुकी है। कभी खड़े रहने की वजह से, कभी गर्मी के कारण, तो कभी पोषक तत्वों की कमी या थकान के चलते पैरों में अजीब-सी जलन और बेचैनी महसूस होती है। कई बार रात में यह समस्या और बढ़ जाती है, जिससे नींद भी प्रभावित होती है। ऐसे में कुछ सरल घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय अपनाकर इस समस्या से काफी राहत पाई जा सकती है।

सबसे सरल और तात्कालिक उपाय है ठंडे पानी में पैरों को डालना। दिन में एक या दो बार 10 से 15 मिनट तक पैरों को ठंडे पानी में रखें। यदि चाहें तो इसमें थोड़ा सेंधा नमक या नीम की पत्तियां डाल सकते हैं, जो जलन के साथ-साथ सूजन और थकान को भी कम करती हैं। इसके बाद नारियल तेल में थोड़ा सा कपूर मिलाकर पैरों की हल्की मालिश करें। यह उपाय न केवल ठंडक देता है, बल्कि नसों को भी आराम पहुंचाता है। एलोवेरा जेल भी जलन के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। दिन में 1-2 बार पैरों के तलवों और जलन वाले हिस्से पर एलोवेरा जेल लगाने से तत्काल ठंडक मिलती है।

शरीर की आंतरिक गर्मी को कम करने के लिए ठंडा दूध या छाछ पीना भी फायदेमंद होता है। रोज एक गिलास छाछ पीने से पेट भी ठीक रहता है और जलन की समस्या भी धीरे-धीरे कम होती जाती है। इसी तरह धनिया का पानी भी काफी प्रभावी होता है। रात को एक चम्मच धनिया पानी में भिगो दें और सुबह उसे छानकर पी लें। यह शरीर को ठंडा रखता है और जलन में राहत देता है।

आयुर्वेदिक उपायों की बात करें तो आंवला, गिलोय और त्रिफला बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। आंवला पाउडर को पानी या शहद के साथ लेने से शरीर में विटामिन-सी की कमी पूरी होती है और जलन कम होती है। गिलोय का काढ़ा पीने से शरीर की गर्मी संतुलित रहती है। वहीं त्रिफला चूर्ण रात को आधा या एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ लेने से पाचन ठीक रहता है और पैरों की जलन में भी लाभ मिलता है।

खान-पान का ध्यान रखना भी आवश्यक है। हरी सब्जियां, नारियल पानी, केला, अनार और भरपूर मात्रा में सादा पानी लें। अत्यधिक मसालेदार, तला-भुना और जंक फूड से बचें, क्योंकि ये शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं।

यदि पैरों में जलन अत्यधिक हो, साथ में सुन्नपन या दर्द हो, या डायबिटीज के मरीज हों, या यह समस्या लंबे समय से बनी हुई हो, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि आयुर्वेदिक उपायों का अनुसरण करना न केवल पारंपरिक चिकित्सा का हिस्सा है, बल्कि यह एक स्वस्थ जीवनशैली को भी बढ़ावा देता है। वर्तमान में, ऐसे उपायों की आवश्यकता है जो हमें प्राकृतिक तरीके से समस्याओं का समाधान प्रदान करें।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पैरों में जलन के लिए क्या घरेलू उपाय हैं?
ठंडे पानी में पैर डालना, एलोवेरा जेल का उपयोग, और नारियल तेल से मालिश करना प्रभावी उपाय हैं।
क्या आयुर्वेदिक नुस्खे पैरों की जलन में मदद करते हैं?
हाँ, आंवला, गिलोय और त्रिफला जैसे आयुर्वेदिक नुस्खे जलन में राहत देने में मदद करते हैं।
क्या खान-पान से पैरों की जलन प्रभावित होती है?
हाँ, संतुलित आहार, जिसमें हरी सब्जियां और सादा पानी शामिल हैं, जलन को कम करने में सहायक होते हैं।
डॉक्टर से कब सलाह लेनी चाहिए?
यदि जलन बहुत अधिक हो, या साथ में सुन्नपन या दर्द महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
क्या पैरों की जलन गंभीर समस्या हो सकती है?
यदि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के साथ जुड़ी है, तो यह गंभीर हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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