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तेलंगाना कर्मचारी स्वास्थ्य योजना लॉन्च: 37.80 लाख लोगों को 886 अस्पतालों में कैशलेस इलाज

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तेलंगाना कर्मचारी स्वास्थ्य योजना लॉन्च: 37.80 लाख लोगों को 886 अस्पतालों में कैशलेस इलाज

सारांश

तेलंगाना सरकार ने 37.80 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए नई कैशलेस स्वास्थ्य योजना लॉन्च की — 886 निजी अस्पताल, 1,816 उपचार, और एक विशेष ट्रस्ट। गौरतलब है कि यह योजना ऐसे वक्त आई है जब सरकार पूर्व BRS सरकार के ₹10,000 करोड़ के लंबित बिलों का भुगतान कर रही है।

मुख्य बातें

तेलंगाना सरकार ने 17 जुलाई 2025 को नई कर्मचारी स्वास्थ्य योजना (NEHS) लॉन्च की।
योजना से 8 लाख कर्मचारी-पेंशनर और 29.80 लाख आश्रित — कुल 37.80 लाख लोग — लाभान्वित होंगे।
राज्य के 886 सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 1,816 प्रकार के उपचार कैशलेस उपलब्ध होंगे।
पारदर्शी संचालन के लिए सरकारी अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों की समान भागीदारी वाला विशेष ट्रस्ट गठित।
पूर्व BRS सरकार के ₹10,000 करोड़ लंबित बिलों में से प्रतिमाह ₹2,000 करोड़ का भुगतान जारी।
राजीव आरोग्यश्री योजना की सीमा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख की गई, 1.06 करोड़ परिवार लाभान्वित।

तेलंगाना सरकार ने 17 जुलाई 2025 को राज्य के सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रित परिजनों के लिए नई कर्मचारी स्वास्थ्य योजना (NEHS) की औपचारिक शुरुआत की, जिसके तहत लगभग 37.80 लाख लाभार्थियों को राज्यभर के सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हैदराबाद स्थित राज्य सचिवालय में आयोजित शुभारंभ समारोह में उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा ने लाभार्थियों को स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए और NEHS पोर्टल का उद्घाटन किया।

योजना की मुख्य विशेषताएँ

सरकारी आँकड़ों के अनुसार, इस योजना से 8 लाख सरकारी कर्मचारी एवं पेंशनर तथा उनके 29.80 लाख आश्रित परिजन — कुल मिलाकर 37.80 लाख लोग — लाभान्वित होंगे। लाभार्थी राज्य के 886 सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस भर्ती और उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। योजना में 1,816 प्रकार के इलाज और सर्जरी शामिल हैं, जिनकी दरें केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) के अनुरूप निर्धारित की गई हैं।

पारदर्शिता के लिए विशेष ट्रस्ट का गठन

उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने बताया कि योजना के पारदर्शी और प्रभावी संचालन के लिए एक विशेष ट्रस्ट गठित किया गया है, जिसमें सरकारी अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को समान भागीदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारी की स्थिति में कई कर्मचारी इलाज के लिए कर्ज लेने को मजबूर हो जाते थे और बाद में उसे चुकाने में कठिनाइयों का सामना करते थे। यह योजना उसी समस्या के समाधान के रूप में तैयार की गई है।

पूर्व सरकार पर आरोप और लंबित बिलों का निपटारा

भट्टी विक्रमार्क ने पूर्ववर्ती भारत राष्ट्र समिति (BRS) सरकार पर कर्मचारियों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार करीब ₹10,000 करोड़ के बिलों का भुगतान किए बिना चली गई थी। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार प्रतिमाह लगभग ₹2,000 करोड़ जारी कर इन लंबित बिलों का निपटारा कर रही है और वे स्वयं हर 15 दिन में इसकी समीक्षा करते हैं।

व्यापक स्वास्थ्य नीति का हिस्सा

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने कर्मचारियों की समस्याओं पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद इस योजना को अंतिम रूप दिया। इस उपसमिति के अध्यक्ष स्वयं उपमुख्यमंत्री थे, जबकि मंत्री दुड्डिला श्रीधर बाबू, पोन्नम प्रभाकर और सीतक्का इसके सदस्य थे। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार ने राजीव आरोग्यश्री योजना के तहत मुफ्त इलाज की सीमा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख कर दी है, जिससे राज्य के 1.06 करोड़ पात्र परिवारों को कॉरपोरेट अस्पतालों में लाभ मिल रहा है।

आगे की राह

सरकार ने सरकारी कर्मचारियों से अपील की है कि वे नई ऊर्जा के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं — जैसे गरीबों को गुणवत्तापूर्ण चावल, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, किसानों को मुफ्त बिजली और घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली — को आम जनता तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। NEHS पोर्टल के माध्यम से योजना के डिजिटल क्रियान्वयन पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

886 अस्पताल, 1,816 उपचार — लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। राज्य सरकार खुद स्वीकार करती है कि पूर्व सरकार के ₹10,000 करोड़ के बिल अभी भी चुकाए जा रहे हैं, जो दर्शाता है कि स्वास्थ्य वित्त पोषण में निरंतरता एक पुरानी चुनौती है। ट्रस्ट मॉडल और NEHS पोर्टल सही दिशा में कदम हैं, परंतु यह देखना होगा कि निजी अस्पताल दावों के निपटारे में देरी न करें — जो राज्य-आधारित बीमा योजनाओं की सबसे आम शिकायत रही है। CGHS दरों पर आधारित मूल्य निर्धारण से निजी अस्पतालों की भागीदारी की गुणवत्ता पर भी नज़र रखनी होगी।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना की नई कर्मचारी स्वास्थ्य योजना (NEHS) क्या है?
यह तेलंगाना सरकार द्वारा 17 जुलाई 2025 को शुरू की गई योजना है, जिसके तहत राज्य के सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रित परिजनों को 886 सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज मिलेगा। योजना में 1,816 प्रकार के उपचार और सर्जरी शामिल हैं।
NEHS से कितने लोगों को फायदा मिलेगा?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, योजना से लगभग 8 लाख सरकारी कर्मचारी एवं पेंशनर और उनके 29.80 लाख आश्रित परिजन — कुल 37.80 लाख लोग — लाभान्वित होंगे।
NEHS में इलाज की दरें कैसे तय की गई हैं?
योजना के तहत इलाज की दरें केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) के अनुरूप निर्धारित की गई हैं। लाभार्थी राज्यभर के 886 सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 1,816 प्रकार के उपचार कैशलेस प्राप्त कर सकेंगे।
पूर्व BRS सरकार के लंबित बिलों का क्या हुआ?
उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क के अनुसार, पूर्व BRS सरकार लगभग ₹10,000 करोड़ के बिलों का भुगतान किए बिना चली गई थी। वर्तमान सरकार प्रतिमाह करीब ₹2,000 करोड़ जारी कर इन बकाया बिलों का निपटारा कर रही है।
राजीव आरोग्यश्री योजना में क्या बदलाव हुआ है?
तेलंगाना सरकार ने राजीव आरोग्यश्री योजना के तहत मुफ्त इलाज की सीमा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख कर दी है। इससे राज्य के 1.06 करोड़ पात्र परिवारों को कॉरपोरेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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