महाराष्ट्र: 'आयुष्मान भारत' योजना से गरीबों को मिल रहा मुफ्त इलाज, नालासोपारा में बदल रही जिंदगियां
सारांश
Key Takeaways
- आयुष्मान भारत योजना गरीबों के लिए मुफ्त इलाज प्रदान करती है।
- सोपारा अस्पताल ने इस योजना के तहत सफलतापूर्वक इलाज किया है।
- पिछले महीने में 15 से ज्यादा मरीजों को फायदा हुआ है।
- इस योजना का सकारात्मक प्रभाव मरीजों के जीवन पर देखा जा रहा है।
- आयुष्मान कार्ड धारक बिना किसी खर्च के इलाज करवा सकते हैं।
नालासोपारा, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना (प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना) वास्तव में लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक आशीर्वाद साबित हो रही है। यह योजना न केवल गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों को नई जीवनरेखा दे रही है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों पर इलाज का आर्थिक बोझ भी समाप्त कर रही है।
महाराष्ट्र के नालासोपारा पश्चिम स्थित सोपारा अस्पताल (वसई-विरार शहर महानगरपालिका) ने इस दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है, जहां आयुष्मान कार्ड धारकों को सम्पूर्ण निशुल्क और उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
यहां हार्ट संबंधी बीमारियों, निमोनिया, सांस लेने में दिक्कत, अस्थमा, रक्त की कमी (एनीमिया), दस्त, पैरालिसिस, मलेरिया, डेंगू सहित कई गंभीर और सामान्य बीमारियों का अत्याधुनिक तरीके से उपचार किया जा रहा है।
विशेष रूप से, इन सभी उपचारों के लिए मरीजों को कोई भी खर्च नहीं करना पड़ता। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पिछले एक महीने में 15 से अधिक मरीजों का सफलतापूर्वक निशुल्क इलाज किया गया है और उन्हें स्वस्थ होकर घर भेजा गया है।
सोपारा अस्पताल के इंचार्ज डॉ. गौरव वाघ ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को लगातार लाभ मिल रहा है। पिछले एक महीने में 15 मरीजों ने इस योजना का लाभ उठाया है, जिनमें रायगढ़, रत्नागिरी, जलगांव जैसे दूरदराज के क्षेत्रों से आए मरीज शामिल हैं। इन मरीजों को निमोनिया, हार्ट से संबंधित समस्याएं और रक्त की कमी जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ा, लेकिन आयुष्मान कार्ड के जरिए उन्हें पूर्ण रूप से मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिला। उन्होंने यह भी कहा कि सभी मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं, जो इस योजना की सफलता का बड़ा प्रमाण है।
डॉ. वाघ ने आम जनता से निवेदन किया कि प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना का अधिक से अधिक लोग लाभ उठाएं। यदि किसी व्यक्ति के पास आयुष्मान कार्ड है, तो वह नजदीकी अधिकृत अस्पताल में जाकर बिना किसी आर्थिक चिंता के अपना इलाज करवा सकता है। यह योजना गरीबों और जरूरतमंदों के लिए एक सशक्त सुरक्षा कवच है, जो उन्हें महंगी चिकित्सा से बचाती है। इस योजना का सकारात्मक प्रभाव मरीजों और उनके परिवारों की जिंदगी पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
मरीज इकबाल शेख की पत्नी ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि उनके पति पिछले 18 दिनों से सोपारा अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पूरी तरह मुफ्त किया जा रहा है। उनके पति को सांस लेने में गंभीर समस्या थी, जिसके कारण उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि यदि आयुष्मान कार्ड नहीं होता, तो इतने महंगे इलाज का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था। इस योजना के कारण उनके पति का बेहतर इलाज हो रहा है और उन्हें एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ा।