पलामू में आयुष्मान भारत योजना से गरीबों को मिले मुफ्त चिकित्सा लाभ
सारांश
Key Takeaways
- आयुष्मान भारत योजना ने गरीबों के लिए मुफ्त चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करायी हैं।
- पात्र लाभार्थियों को सालाना 5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज मिलता है।
- यह योजना कमजोर वर्ग के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है।
- सरकार की पहल से गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
- अस्पताल में भर्ती प्रक्रिया सरल और त्वरित है।
रांची, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पलामू में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने लोगों के लिए एक वरदान साबित किया है। इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को सालाना 5 लाख रुपए तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज प्रदान किया जा रहा है।
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि इस योजना ने उनकी सबसे बड़ी चिंता, इलाज के खर्च को समाप्त कर दिया है, जिससे उन्हें कम समय में बेहतर इलाज प्राप्त हो रहा है और पैसे की चिंता भी दूर हो गई है।
मरीज के परिजन शकीर आलम ने राष्ट्र प्रेस से चर्चा के दौरान बताया कि उनकी पत्नी की डिलीवरी के बाद नवजात की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। डॉक्टरों ने जाँच के बाद संक्रमण की समस्या बताई और तुरंत इलाज शुरू किया। उन्होंने कहा कि यदि आयुष्मान योजना नहीं होती, तो इतना महंगा इलाज कराना उनके लिए संभव नहीं था। इस योजना के कारण उन्हें 70 से 80 प्रतिशत तक आर्थिक राहत मिली है और अब तक उन्हें कोई खर्च नहीं उठाना पड़ा है। अस्पताल के स्टाफ के व्यवहार की भी उन्होंने सराहना की और कहा कि यह योजना गरीबों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
इसी तरह एक अन्य लाभार्थी के परिजन धनंजय विश्वकर्मा ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि उनके बेटे का इलाज भी इसी योजना के तहत चल रहा है। पहले इलाज के लिए पैसे का डर सबसे बड़ी समस्या होती थी, लेकिन अब सरकार की इस पहल से गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
अस्पताल के कर्मचारी रवि कुमार ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने गरीब मरीजों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। पहले इलाज की कमी के कारण कई लोग परेशान रहते थे, वहीं अब उन्हें समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल रही है। यह योजना सच में समाज के कमजोर वर्ग के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है।
अस्पताल संचालक और प्राइवेट अस्पताल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष तिवारी ने कहा कि उनके अस्पताल में वर्तमान में करीब 10 मरीज आयुष्मान योजना के तहत भर्ती हैं। योजना की प्रक्रिया काफी सरल है। मरीज के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड या आयुष्मान कार्ड होना चाहिए। इसके बाद आयुष्मान पोर्टल पर नाम की पुष्टि होते ही मरीज को भर्ती कर लिया जाता है और इलाज पूरी तरह मुफ्त किया जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना के तहत सामान्य सर्जरी, नवजात के लिए एनआईसीयू, बच्चों के लिए पीआईसीयू, इमरजेंसी सेवाएं और कई गंभीर बीमारियों का इलाज भी शामिल है। पहले जहां गरीबों को इलाज के लिए कर्ज लेना पड़ता था या संपत्ति बेचनी पड़ती थी, वहीं अब उन्हें निजी अस्पतालों में भी सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल रहा है।