क्या यूपी में आयुष्मान अस्पतालों को 30 दिन में भुगतान होगा? इलाज में लापरवाही नहीं करने के निर्देश

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क्या यूपी में आयुष्मान अस्पतालों को 30 दिन में भुगतान होगा? इलाज में लापरवाही नहीं करने के निर्देश

सारांश

योगी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों को 30 दिन में भुगतान करने के निर्देश दिए हैं, जिससे गरीब मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। यह कदम उपचार में लापरवाही को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है।

Key Takeaways

  • आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों को 30 दिनों में भुगतान किया जाएगा।
  • क्लेम निस्तारण प्रक्रिया को तेजी और पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है।
  • योगी सरकार का कदम गरीब मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है।
  • क्लेम पेंडेंसी में कमी आई है।
  • मेडिकल ऑडिट की संख्या बढ़ाई गई है।

लखनऊ, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। योगी सरकार जरूरतमंद और गरीब लोगों को बेहतर, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत इलाज कराने वाले परिवारों के लिए जहां कैशलेस उपचार की व्यवस्था की गई है, वहीं योजना से जुड़े अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित कर व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

इसका परिणाम यह है कि पिछले एक वर्ष में आयुष्मान योजना के क्लेम निस्तारण में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।

स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश के सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत क्लेम का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। जनवरी 2025 में जहां क्लेम की पेंडेंसी 10 लाख 75 हजार तक पहुंच गई थी, वहीं दिसंबर 2025 तक यह घटकर मात्र 3 लाख रह गई है। इसे भी जल्द ही निस्तारित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में योजना के तहत प्रति माह औसतन 2 लाख से अधिक क्लेम अस्पतालों से प्राप्त होते हैं। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले क्लेम का समयबद्ध निस्तारण एक बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पुराने लंबित मामलों के साथ-साथ नए क्लेम का भी नियमित और सुव्यवस्थित तरीके से निस्तारण हो। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि सूचीबद्ध अस्पताल बिना किसी रुकावट के आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज सुनिश्चित करें।

साचीज की एसीईओ पूजा यादव ने बताया कि क्लेम निस्तारण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तेज बनाने के लिए मेडिकल ऑडिट व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। इसी क्रम में मेडिकल ऑडिटरों की संख्या 40 से बढ़ाकर 130 कर दी गई है। इससे क्लेम की जांच प्रक्रिया तेज हुई है। इसके साथ ही क्लेम प्रोसेसिंग डेस्क (सीपीडी) की संख्या भी 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है। योजना के तहत अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत क्लेम्स का भुगतान 30 दिनों की निर्धारित समय-सीमा यानी टर्न अराउंड टाइम (टीएटी) के भीतर किया जाए। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एजेंसी स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें की जा रही हैं और लंबित मामलों की सतत निगरानी की जा रही है।

साचीज की सीईओ ने बताया कि जनवरी 25 से दिसंबर 25 की अवधि के दौरान आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश के सूचीबद्ध अस्पतालों को क्लेम्स के सापेक्ष कुल 4,649 करोड़ रुपए की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योगी सरकार न सिर्फ इलाज की व्यवस्था कर रही है, बल्कि अस्पतालों के आर्थिक हितों की भी पूरी तरह से रक्षा कर रही है, ताकि वे गरीब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकें।

योगी सरकार की नीतियों से क्लेम पेंडेंसी में कमी, समयबद्ध भुगतान और मजबूत ऑडिट व्यवस्था ने अस्पतालों का विश्वास बढ़ाया है। इसका सीधा लाभ गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मिल रहा है, जिन्हें अब इलाज के लिए कर्ज और संपत्ति बेचने की मजबूरी से पूरी तरह से मुक्ति मिल गई है।

Point of View

NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी अस्पतालों को समय पर भुगतान मिलेगा?
हां, योजना के तहत सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को 30 दिनों के भीतर भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्लेम निस्तारण में सुधार क्यों हुआ है?
सरकार ने मेडिकल ऑडिट और क्लेम प्रोसेसिंग को तेज करने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं।
क्या यह नीति गरीब मरीजों के लिए फायदेमंद है?
हां, इस नीति से गरीब मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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