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उत्तर प्रदेश में ओला-उबर का पंजीकरण अनिवार्य, नए नियम लागू

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उत्तर प्रदेश में ओला-उबर का पंजीकरण अनिवार्य, नए नियम लागू

सारांश

योगी सरकार ने ओला और उबर के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा में इजाफा होगा। जानें इस निर्णय के पीछे के कारण और इसके प्रभाव।

मुख्य बातें

यात्रियों की सुरक्षा के लिए ओला और उबर का पंजीकरण अनिवार्य होगा।
आवेदन की फीस 25 हजार रुपये है।
ड्राइवर का मेडिकल और पुलिस सत्यापन आवश्यक है।
रिन्युअल हर पांच साल में होगा।
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना से 59,163 ग्राम सभाओं को बस सेवा मिलेगी।

लखनऊ, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिवहन से संबंधित एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक के बाद संवाददाताओं से बताया कि अब यूपी में ओला और उबर को भी पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। उन्होंने मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 93 का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत सरकार ने 1 जुलाई, 2025 को नियमावली में संशोधन किया है।

भारत सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए उत्तर प्रदेश भी इन्हें लागू करेगा। पहले ओला-उबर पर कोई नियंत्रण नहीं था, लेकिन अब इन्हें भी पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके तहत आवेदन, लाइसेंस, और रिन्युअल शुल्क का भुगतान करना आवश्यक होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि ड्राइवर की पहचान और उसकी चिकित्सा, पुलिस सत्यापन, तथा फिटनेस टेस्ट की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।

परिवहन मंत्री ने बताया कि अब यूपी में बिना पंजीकरण शुल्क, फिटनेस, चिकित्सा परीक्षण, और पुलिस सत्यापन के कोई भी वाहन नहीं चल सकेगा। यह अधिसूचना जारी होने के बाद तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि आवेदन की शुल्क 25 हजार रुपये होगी, जबकि 50-100 या उससे अधिक गाड़ी चलाने वाली कंपनियों की लाइसेंसिंग शुल्क पांच लाख रुपये होगी। रिन्युअल हर पांच साल में होगा, जिसके लिए पांच हजार रुपये का शुल्क देना होगा।

परिवहन मंत्री ने यह भी बताया कि एक ऐसा ऐप विकसित किया जाएगा, जिससे सभी जानकारी जनता के लिए उपलब्ध रहेगी। इसके तहत ड्राइवरों की समस्त जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी।

बैठक में कुल 31 प्रस्ताव आए, जिनमें से 30 प्रस्तावों को कैबिनेट ने स्वीकृति दी। योगी सरकार ने ग्रामीणों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026’ को भी मंजूरी दी है। इस योजना के अंतर्गत अब उत्तर प्रदेश के हर गांव तक बसें पहुँचेंगी। वर्तमान में 12,200 गांवों तक बसें नहीं पहुँच रही हैं, लेकिन नई नीति के तहत उत्तर प्रदेश की सभी 59,163 ग्राम सभाओं तक बस सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यात्रियों को भी एक सुरक्षित यात्रा अनुभव मिलेगा।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओला-उबर पंजीकरण की फीस क्या होगी?
ओला-उबर का पंजीकरण शुल्क 25 हजार रुपये होगा।
क्या ड्राइवर का मेडिकल टेस्ट भी आवश्यक होगा?
जी हाँ, ड्राइवर का मेडिकल टेस्ट और पुलिस सत्यापन आवश्यक होगा।
पंजीकरण के बिना वाहन चलाना संभव है?
नहीं, अब बिना पंजीकरण, फिटनेस और मेडिकल टेस्ट के वाहन नहीं चलाए जा सकेंगे।
रिन्युअल शुल्क कितनी होगी?
रिन्युअल के लिए 5 हजार रुपये का शुल्क देना होगा।
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 क्या है?
यह योजना हर गांव तक बस सेवाएँ पहुँचाने के लिए बनाई गई है।
राष्ट्र प्रेस
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