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नीमकाथाना में अवैध खनन और जबरन वसूली: विधायक मोदी ने ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाएं

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नीमकाथाना में अवैध खनन और जबरन वसूली: विधायक मोदी ने ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाएं

सारांश

नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी ने अवैध खनन और खनिज वसूली के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने ठेकेदारों पर आरोप लगाया है कि वे स्थानीय लोगों से अधिक पैसे वसूल रहे हैं, जिससे परेशानी बढ़ रही है। क्या प्रशासन इस मामले में कार्रवाई करेगा?

मुख्य बातें

अवैध खनन का मुद्दा गंभीर है।
ठेकेदारों द्वारा जबरन वसूली हो रही है।
स्थानीय लोगों को आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक ने सरकारी कार्रवाई की मांग की है।
आवश्यक है कि सैटेलाइट सर्विलांस के जरिए निगरानी की जाए।

नीमकाथाना, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नीमकाथाना के विधायक सुरेश मोदी ने राजस्थान विधानसभा में अपने क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन और खनिज वसूली की गंभीर समस्या को जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने सरकार का ध्यान इस ओर खींचा कि ठेकेदारों द्वारा निर्धारित रॉयल्टी से कहीं ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

विधायक मोदी ने बताया कि नीमकाथाना क्षेत्र में चेजा पत्थर जैसे मुख्य खनिजों के लिए ईआरसीसी (ई-रॉयल्टी कलेक्शन कॉन्ट्रैक्ट) का ठेका मेसर्स जीणमाता एसोसियट्स को 23 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2027 तक दिया गया है। सरकार द्वारा निर्धारित रॉयल्टी, डीएमएफटी और अन्य शुल्क मिलाकर कुल 61.60 रुपये प्रति टन होना चाहिए, लेकिन ठेकेदार लगभग 90 रुपये प्रति टन, यानी करीब डेढ़ गुना राशि, जबरन वसूल कर रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने जगह-जगह नाके लगा रखे हैं, जहां बाहुबली लोग वाहनों को रोककर यह अतिरिक्त राशि ऐंठते हैं। वसूली के बदले कोई वैध रसीद नहीं दी जाती, बल्कि केवल देवनारायण मंदिर के नाम से एक साधारण गेट पास दिया जाता है, जिसमें राशि, हस्ताक्षर, पता या किसी प्रयोजन का कोई विवरण नहीं होता। यह पूरी तरह अवैध और मनमानी प्रक्रिया है।

विधायक ने कहा कि जहां खनन के समय रॉयल्टी चुकानी चाहिए, वहां ठेकेदार तैयार माल (रोड़ी) पर भी वसूली कर रहे हैं। यह एक समानांतर अवैध व्यवस्था की स्थापना कर रहा है, जो अवैध खनन को वैध बनाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने ईआरसीसी व्यवस्था को खनिज उद्योग के लिए एक नासूर करार दिया और इसे शराब या ड्रग माफिया की तरह नया माफिया बनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने रैला क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यहां अवैध खनन का बोलबाला है। खनिज विभाग ने रॉयल्टी कलेक्शन का ठेका देकर अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया है। आंकड़े देते हुए उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2021 तक अवैध खनन पर 49 करोड़ 79 लाख 88 हजार 713 रुपये की पेनल्टी लगाई गई, जबकि 1 जनवरी 2021 से 31 दिसंबर 2023 तक 23 करोड़ 62 लाख 14 हजार 369 रुपये की मांग कायम की गई। फिर भी कार्रवाई न के बराबर है।

विधायक मोदी ने कई बार प्रशासन और खनिज विभाग को शिकायतें दीं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार को संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने सरकार से मांग की कि रैला क्षेत्र में सैटेलाइट सर्विलांस के माध्यम से विशेष निगरानी की जाए, साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित की जाए। अब तक हुई गैरकानूनी वसूली और अनियमितताओं के लिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर आम जनता को इस लूट से मुक्ति दिलाई जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे गंभीर हैं और प्रशासन को त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है। अवैध खनन और जबरन वसूली के खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीमकाथाना में अवैध खनन का मुख्य कारण क्या है?
अवैध खनन का मुख्य कारण ठेकेदारों द्वारा निर्धारित रॉयल्टी से अधिक पैसे वसूलना है।
विधायक सुरेश मोदी ने क्या कार्रवाई की है?
विधायक मोदी ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया और सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
क्या ठेकेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है?
अभी तक ठेकेदारों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, हालांकि शिकायतें दर्ज की गई हैं।
स्थानीय लोगों को इससे क्या परेशानी हो रही है?
स्थानीय लोगों को अधिक पैसे वसूले जाने के कारण आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
क्या सरकार इस मामले में सख्त कदम उठाएगी?
यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन विधायक ने विशेष निगरानी और जांच की मांग की है।
राष्ट्र प्रेस
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