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पाकिस्तान के बाद थाईलैंड में सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की नई व्यवस्था

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पाकिस्तान के बाद थाईलैंड में सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की नई व्यवस्था

सारांश

थाईलैंड ने ईंधन बचाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश दिया है। यह निर्णय पाकिस्तान के समान समय में लिया गया है, जहां भी ऐसे उपाय लागू किए गए हैं। जानें, इस कदम के पीछे का कारण और इसके प्रभाव।

मुख्य बातें

थाईलैंड ने सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश दिया है।
ईंधन की खपत कम करने के लिए उपाय उठाए गए हैं।
पाकिस्तान में भी इसी प्रकार के कदम उठाए गए हैं।
सरकारी दफ्तर हफ्ते में चार दिन खुलेंगे।
यह नियम आवश्यक सेवाओं पर लागू नहीं होगा।

बैंकॉक, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। थाईलैंड ने भी ईंधन की बचत के उद्देश्य से सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश दिया है, जो कि पाकिस्तान के बाद का कदम है। थाई प्रधानमंत्री अनुटिन चार्नवीराकुल ने यह घोषणा मंगलवार को की।

सरकारी कर्मचारियों के विदेश यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। सोमवार को प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों ने स्थिति पर गहन चर्चा की और मंगलवार को निर्णय की सूचना दी। ये कदम मध्य पूर्व में संकट के कारण ईंधन की खपत को कम करने के लिए उठाए गए हैं।

इससे पूर्व, पाकिस्तान ने भी इसी प्रकार के कदम उठाए थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को बढ़ती तेल की कीमतों के मद्देनजर खर्चों में कटौती का ऐलान किया। सांसदों और मंत्रियों के वेतन में कटौती और बच्चों के स्कूलों को बंद रखने जैसे निर्णय लिए गए।

इसके अंतर्गत सरकारी कार्यालय हफ्ते में केवल चार दिन खुलेंगे और आधे कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इस सप्ताह के अंत से स्कूल दो हफ्तों के लिए बंद रहेंगे। प्रमुख दैनिक डॉन ने बताया है कि भविष्य में संभावित कठिनाइयों को देखते हुए प्रधानमंत्री ने सख्त मितव्ययिता उपायों की घोषणा की और कहा कि ईंधन की कीमतों से संबंधित “कठिन निर्णय” लेना अनिवार्य हो गया है।

मंत्रियों और सलाहकारों के विदेश दौरे पर रोक लगाई गई है, जबकि मंत्री दो महीने तक वेतन नहीं लेंगे और सांसदों की सैलरी में भी 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।

पाकिस्तान में अब दो महीने तक सरकारी गाड़ियों को 50 प्रतिशत कम ईंधन मिलेगा। 60 प्रतिशत सरकारी वाहन नहीं चलेंगे। सभी सरकारी विभाग अपने खर्च में 20 प्रतिशत की कटौती करेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पाकिस्तान के नियंत्रण में नहीं है और वैश्विक परिस्थितियों के कारण ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस संकट के समय संयम रखें और सरकार के प्रयासों में सहयोग करें।

सरकार द्वारा घोषित प्रमुख कदमों में सार्वजनिक और निजी दफ्तरों में कर्मचारियों की संख्या को आधा करने का निर्णय शामिल है। कर्मचारियों का एक हिस्सा घर से काम करेगा ताकि ईंधन की खपत कम की जा सके। हालांकि, यह नियम बैंक, अस्पताल, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों जैसी आवश्यक सेवाओं पर लागू नहीं होगा।

वहीं, वियतनाम ने भी लोगों से ईंधन बचाने के लिए घर से काम करने और वाहनों के कम उपयोग की अपील की है, जबकि बांग्लादेश ने पहले ही बिजली और ईंधन की बचत के लिए विश्वविद्यालयों को बंद करने की घोषणा की और ईद-उल-फितर की छुट्टियां आगे बढ़ा दी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्थिति वैश्विक बाजारों की अनिश्चितता को दर्शाती है। सरकारी उपायों का उद्देश्य आर्थिक स्थिरता को बनाए रखना है, लेकिन इससे कर्मचारियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह देखना बाकी है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या थाईलैंड ने वर्क फ्रॉम होम का आदेश दिया है?
हाँ, थाईलैंड ने सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश दिया है।
पाकिस्तान में भी ऐसा कदम उठाया गया है?
हाँ, पाकिस्तान ने भी बढ़ती तेल कीमतों के कारण ऐसे ही उपाय किए हैं।
यह निर्णय कब लिया गया?
यह निर्णय 10 मार्च को थाई प्रधानमंत्री के द्वारा लिया गया।
सरकारी दफ्तर कितने दिन खुलेंगे?
सरकारी दफ्तर हफ्ते में केवल चार दिन खुलेंगे।
यह नियम किन क्षेत्रों पर लागू नहीं होगा?
यह नियम बैंक, अस्पताल, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों पर लागू नहीं होगा।
राष्ट्र प्रेस
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