12 जुलाई 2026
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नेपाल ने ऊर्जा संकट का सामना करने के लिए नया कदम उठाया, 2 दिन की छुट्टी की घोषणा

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नेपाल ने ऊर्जा संकट का सामना करने के लिए नया कदम उठाया, 2 दिन की छुट्टी की घोषणा

सारांश

नेपाल ने ईंधन संकट से निपटने के लिए सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों के लिए कार्य सप्ताह को 5 दिन करने का निर्णय लिया है। यह कदम शनिवार और रविवार को छुट्टी देने के साथ ही लागू होगा। जानिए इस महत्वपूर्ण फैसले के बारे में।

मुख्य बातें

नेपाल ने कार्य सप्ताह को घटाकर 5 दिन किया है।
शनिवार और रविवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव किया गया है।
यह कदम ऊर्जा संकट से निपटने के लिए उठाया गया है।
श्रीलंका ने भी ऊर्जा बचाने के लिए छुट्टियों का ऐलान किया है।

काठमांडू, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण कई देश ईंधन संकट से बचने के उपाय खोज रहे हैं। इस क्रम में अब नेपाल का नाम भी शामिल हो गया है। सरकार ने ऊर्जा संकट से मुकाबला करने के लिए सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए कार्य सप्ताह को छह दिन से घटाकर पांच दिन करने का निर्णय लिया है।

हिमालयी राष्ट्र में अब तक शनिवार को ही हर हफ्ते का एकमात्र अवकाश होता था।

नेपाल के विभिन्न समाचार स्रोतों ने सरकार के प्रवक्ता और शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल के हवाले से यह जानकारी दी। पोखरेल ने कहा कि रविवार (5 अप्रैल) को हुई मंत्री परिषद की बैठक में लिया गया निर्णय चैत्र 23 (6 अप्रैल) से लागू होगा। शनिवार और रविवार को सार्वजनिक अवकाश देने का निर्णय लिया गया है। यह दो दिन का वीकेंड इसी सप्ताह से प्रभावी होगा।

पोखरेल ने स्पष्ट किया, "ईंधन की आपूर्ति में आई कठिनाई को देखते हुए, सरकारी और शैक्षणिक संस्थान दो दिन बंद रहेंगे।"

सरकारी कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया गया है। अब ये सोमवार से शुक्रवार तक, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगे। हालाँकि, नए कार्य समय का पालन शैक्षणिक संस्थानों पर नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम देश में पेट्रोलियम उत्पादों की अनियमित आपूर्ति से उत्पन्न समस्याओं को हल करने के लिए उठाया गया है।

इससे पहले, भारत का एक अन्य पड़ोसी देश भी अवकाश का ऐलान कर चुका है। श्रीलंका सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों को हर बुधवार बंद रखने का निर्णय लिया था, जिसका उद्देश्य ऊर्जा की बचत करना और सीमित संसाधनों का प्रबंधन करना था। इसके साथ ही, ईंधन की कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने क्यूआर-कोड आधारित ईंधन राशनिंग प्रणाली भी लागू की थी।

श्रीलंका सरकार ने 17 मार्च को यह घोषणा की थी कि हफ्ते में चार दिन अधिकांश स्कूल और दफ्तर बंद रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि शैक्षणिक संस्थानों में भी ऊर्जा की बचत संभव होगी। यह कदम सीमित संसाधनों का सामंजस्य बनाने में भी मदद करेगा।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल ने कार्य सप्ताह में परिवर्तन क्यों किया?
नेपाल ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों का कार्य सप्ताह छह दिन से घटाकर पांच दिन किया है।
क्या अब शनिवार और रविवार को अवकाश होगा?
हाँ, अब शनिवार और रविवार को सार्वजनिक अवकाश दिया जाएगा।
यह निर्णय कब से प्रभावी होगा?
यह निर्णय चैत्र 23 (6 अप्रैल) से प्रभावी होगा।
सरकारी कार्यालयों के समय में क्या बदलाव आया है?
अब सरकारी कार्यालय सोमवार से शुक्रवार तक, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगे।
श्रीलंका ने भी इस तरह का क्या कदम उठाया है?
श्रीलंका ने सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों को हर बुधवार बंद रखने का निर्णय लिया है।
राष्ट्र प्रेस
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