लहर सिंह सिरोया ने पवन खेड़ा पर कांग्रेस को घेरा, पूछा- गांधी परिवार में क्यों नहीं मिली शरण?
सारांश
Key Takeaways
- कर्नाटक से बीजेपी नेता लहर सिंह सिरोया ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर गंभीर आरोप लगाए।
- उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति को कमजोर बताया।
- कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों की वजह से नेताओं को समर्थन नहीं मिल रहा।
बेंगलुरु, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक से राज्यसभा सांसद और प्रमुख बीजेपी नेता लहर सिंह सिरोया ने बुधवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि वह कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए असम पुलिस से बचते हुए हैदराबाद में इधर-उधर भागने की कोशिश कर रहे हैं।
पवन खेड़ा ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के मीडिया और प्रचार विभाग के चेयरमैन हैं और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य भी हैं।
सिरोया ने कहा कि वह खेड़ा की गतिविधियों पर नज़र रख रहे हैं और इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने दावा किया कि अब कांग्रेस नेताओं के पास देश में छिपने के लिए बहुत कम विकल्प बचे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यह दिलचस्प है कि खेड़ा ने कर्नाटक को सुरक्षित स्थान नहीं माना। उनका आरोप है कि राज्य में कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों के कारण खेड़ा को वहां समर्थन मिलना मुश्किल होगा। इन मतभेदों की वजह जल्द ही सामने आएगी।
सिरोया ने कहा कि खेड़ा केरल भी नहीं जा सकते, क्योंकि वहां कांग्रेस और उसके इंडिया गठबंधन के सहयोगी सीपीआई (एम) के बीच रिश्ते अच्छे नहीं हैं, साथ ही मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के साथ भी तनाव चल रहा है। तमिलनाडु भी विकल्प नहीं है, क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस और डीएमके के बीच तनाव रहा था।
कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए सिरोया ने पूछा कि पार्टी के पास अब सहयोगी कहां बचे हैं? हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी जोखिम हो सकता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को वहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सहारा लेना पड़ सकता है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हर जगह अपनी साख खो दी है। उसके पास भरोसेमंद सहयोगी या सुरक्षित राजनीतिक जमीन नहीं बची है। तेलंगाना के लोग नहीं चाहते कि उनका राज्य कांग्रेस की अंदरूनी समस्याओं और विवादों का सुरक्षित ठिकाना बने।
सिरोया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि वह खेड़ा से पुलिस का सामना करने के लिए क्यों नहीं कह रहे हैं? उन्होंने 'डरो मत' संदेश का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या यह इस मामले में लागू नहीं होता? इसके अलावा, उन्होंने पूछा कि खेड़ा ने दिल्ली में राहुल गांधी या उनके परिवार के घर में शरण क्यों नहीं ली?