रामबन में अमरनाथ तीर्थयात्रियों की बस में लगी आग, राजस्थान के सभी यात्री सुरक्षित बचे
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर रामबन जिले के करोल के निकट 17 जुलाई को अमरनाथ यात्रा से लौट रहे राजस्थान के तीर्थयात्रियों की बस में टायर फटने के बाद भीषण आग लग गई। बस पूरी तरह जलकर राख हो गई, परंतु ड्राइवर, स्थानीय निवासियों और आपातकालीन बचाव दल की त्वरित कार्रवाई से सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए और एक बड़ी त्रासदी टल गई।
घटनाक्रम: कैसे लगी बस में आग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस राजस्थान के सलूंबर जिले के धाकरदा गाँव के तीर्थयात्रियों को लेकर अमरनाथ गुफा मंदिर से दर्शन करने के बाद वापस लौट रही थी। रामबन क्षेत्र से गुजरते समय बस का पिछला टायर फट गया, जिसके बाद आग भड़क उठी और देखते ही देखते पूरे वाहन में फैल गई। धुएँ से भरी बस में यात्रियों में दहशत फैल गई।
ड्राइवर और स्थानीय लोगों ने बिना देर किए यात्रियों को बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस, अग्निशमन सेवा, राजमार्ग प्राधिकरण और जिला प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे और आग पर काबू पाया — तब तक बस पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुकी थी।
यात्रियों का सामान और दस्तावेज़ जलकर राख
हालाँकि सभी तीर्थयात्री बाल-बाल बचे, लेकिन उनका सामान, नकदी, कपड़े और महत्वपूर्ण दस्तावेज़ आग में पूरी तरह नष्ट हो गए। इस खबर से सलूंबर जिले में तीर्थयात्रियों के परिजनों में शुरुआत में गहरी चिंता फैल गई। अधिकारियों द्वारा सभी के सुरक्षित बचाए जाने की पुष्टि के बाद परिवारों ने राहत की साँस ली।
बचाए गए तीर्थयात्रियों को प्राथमिक उपचार, पेयजल और अन्य तत्काल सहायता प्रदान की गई। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने जम्मू के लिए वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था की और उनकी राजस्थान वापसी के लिए आगे की यात्रा सुगम बनाई।
उपराज्यपाल और प्रशासन की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों और रामबन के उपायुक्त के साथ स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'भगवान शिव की कृपा से सभी तीर्थयात्री सुरक्षित हैं।' उन्होंने रामबन जिला प्रशासन को तीर्थयात्रियों को तत्काल सहायता देने और उनकी सुरक्षित राजस्थान वापसी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
रामबन के उपायुक्त मोहम्मद अलियास खान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण गुप्ता ने बचाव अभियान का नेतृत्व किया। प्रशासन ने एक्स पर जारी बयान में पुष्टि की कि सभी यात्रियों को सुरक्षित बचाकर राहत सामग्री और वैकल्पिक परिवहन उपलब्ध कराया गया।
जाँच जारी, टायर फटना प्रारंभिक कारण
अधिकारी आग लगने के सटीक कारण की जाँच कर रहे हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार टायर फटने से आग लगी, हालाँकि घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। यह ऐसे समय में हुआ है जब श्री अमरनाथ यात्रा अपने चरम पर है और हर रोज़ हज़ारों श्रद्धालु इसी राजमार्ग से गुजरते हैं। गौरतलब है कि एनएच-44 पहाड़ी इलाके में स्थित है और यहाँ वाहन दुर्घटनाओं की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं, जिससे यात्रा के दौरान वाहन सुरक्षा एक बार फिर चर्चा में आ गई है।