26 जून 2026
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मेरठ में राजस्थान रोडवेज की डबल डेकर एसी बस जलकर खाक, 26 यात्री सुरक्षित बचे

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मेरठ में राजस्थान रोडवेज की डबल डेकर एसी बस जलकर खाक, 26 यात्री सुरक्षित बचे

सारांश

जयपुर से हरिद्वार जा रही राजस्थान रोडवेज की डबल डेकर एसी बस 26 जून को मेरठ में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर जलकर खाक हो गई। AC वायरिंग में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में बस पूरी तरह नष्ट हो गई, लेकिन चालक की सूझबूझ और यात्रियों की सतर्कता से सभी 26 लोग सुरक्षित बच निकले।

मुख्य बातें

राजस्थान रोडवेज की डबल डेकर एसी बस 26 जून 2026 को मेरठ में दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई।
बस में सवार सभी 26 यात्री सुरक्षित बाहर निकले, किसी को चोट नहीं आई।
आग का कारण बस के पिछले हिस्से में लगे एयर कंडीशनर की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
चालक राजेंद्र कुमार ने बाइक सवार की सूचना पर तुरंत बस रोककर यात्रियों को 2-3 मिनट में सुरक्षित निकाला।
लगेज कंपार्टमेंट में रखा कई लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया।
मेरठ, सरधना और मुजफ्फरनगर से 4 दमकल वाहन मौके पर पहुँचे; आग बुझाने में डेढ़ से दो घंटे लगे।

राजस्थान रोडवेज की एक डबल डेकर एसी बस शुक्रवार, 26 जून 2026 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर उस समय भीषण आग की चपेट में आ गई जब वह जयपुर से हरिद्वार की ओर जा रही थी। बस पूरी तरह जलकर राख हो गई, लेकिन चालक की त्वरित सूझबूझ और यात्रियों की सतर्कता के चलते सभी 26 यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए।

कैसे लगी आग

प्रारंभिक जाँच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस गुरुवार रात करीब 10 बजे जयपुर से रवाना हुई थी। शुक्रवार सुबह करीब 7:10 बजे जब बस मेरठ-मुजफ्फरनगर सीमा के निकट पहुँची, तब बस के पिछले हिस्से में लगे एयर कंडीशनर की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट हो गया। देखते ही देखते बस के भीतर धुआँ भरने लगा और आग की लपटें उठने लगीं।

बस के पीछे चल रहे एक बाइक सवार ने पिछले हिस्से से धुआँ और आग निकलते देखी। उसने तत्काल बस को ओवरटेक कर चालक को सूचित किया।

चालक की सूझबूझ से बची जानें

बस चालक राजेंद्र कुमार, जो जयपुर के सूर्य नगर कॉलोनी के निवासी हैं, ने तुरंत दादरी फ्लाईओवर उतरने के बाद बस को हाईवे के किनारे रोक दिया। उन्होंने सीकर निवासी परिचालक रामकुमार हुड्डा को सभी यात्रियों को शांतिपूर्वक और तुरंत बाहर निकालने का निर्देश दिया।

मुख्य दरवाज़े पर भीड़ होने के कारण कुछ युवा यात्रियों ने इमरजेंसी खिड़कियाँ खोलकर बाहर छलाँग लगाई, जिससे बाकी यात्रियों को भी तेज़ी से निकलने में मदद मिली। महज दो से तीन मिनट के भीतर सभी 26 यात्री सुरक्षित बाहर आ गए। आग से उठता काला धुआँ करीब दो किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था।

सामान जलकर राख, गैस पाइप फटी

यात्रियों को सुरक्षित निकालने के बाद चालक और परिचालक ने लगेज कंपार्टमेंट से सामान बचाने का प्रयास किया। वे केवल दो-तीन बैग ही निकाल पाए थे कि एसी की गैस पाइप फट गई और आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। बस के लगेज कंपार्टमेंट में रखा कई लाख रुपये का सामान, बैग और कपड़े जलकर राख हो गए।

दमकल विभाग की कार्रवाई

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह करीब 7:30 बजे सूचना मिलने के बाद मेरठ से दो, सरधना से एक और मुजफ्फरनगर से एक दमकल वाहन मौके पर भेजा गया। हालाँकि सूचना मिलने से पहले ही 20 से 25 मिनट में पूरी बस जल चुकी थी। आग पर पूरी तरह काबू पाने में दमकल कर्मियों को करीब डेढ़ से दो घंटे की मशक्कत करनी पड़ी। आग के कारण दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह ठप हो गया।

यात्रियों की आगे की व्यवस्था

घटना के बाद मेरठ पुलिस और उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने यात्रियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की। बाद में सभी यात्रियों को एक अन्य बस से हरिद्वार भेजा गया ताकि वे अपनी यात्रा पूरी कर सकें। यह घटना बस में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और वायरिंग रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अगर बाइक सवार ने समय पर सूचना न दी होती या चालक ने तुरंत निर्णय न लिया होता, तो परिणाम घातक हो सकते थे। राज्य परिवहन निगमों को बस बेड़े की अग्नि सुरक्षा ऑडिट को प्राथमिकता देनी होगी — यह सुखद अंत हर बार नहीं मिलता।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेरठ में राजस्थान रोडवेज की बस में आग कैसे लगी?
प्रारंभिक जाँच के अनुसार बस के पिछले हिस्से में लगे एयर कंडीशनर की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगी। 26 जून 2026 को सुबह करीब 7:10 बजे मेरठ-मुजफ्फरनगर सीमा के पास यह घटना हुई।
बस में कितने यात्री थे और क्या सभी सुरक्षित बचे?
बस में कुल 26 यात्री सवार थे और सभी सुरक्षित बाहर निकल आए। किसी को कोई चोट नहीं आई। चालक और परिचालक की त्वरित कार्रवाई से महज 2-3 मिनट में सभी को निकाल लिया गया।
बस कहाँ से कहाँ जा रही थी और आग पर काबू कब पाया गया?
बस जयपुर से हरिद्वार जा रही थी और गुरुवार रात करीब 10 बजे रवाना हुई थी। दमकल विभाग को सुबह 7:30 बजे सूचना मिली और आग पर पूरी तरह काबू पाने में डेढ़ से दो घंटे लगे।
यात्रियों के सामान का क्या हुआ?
बस के लगेज कंपार्टमेंट में रखा कई लाख रुपये का सामान, बैग और कपड़े जलकर राख हो गए। चालक और परिचालक केवल दो-तीन बैग ही बचा पाए, इससे पहले एसी की गैस पाइप फट गई और पूरी बस आग की चपेट में आ गई।
घटना के बाद यात्रियों को आगे कैसे भेजा गया?
मेरठ पुलिस और उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने यात्रियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की। इसके बाद सभी 26 यात्रियों को एक अन्य बस से हरिद्वार रवाना किया गया ताकि वे अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
राष्ट्र प्रेस
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