अमरनाथ यात्रा 2026: 11 दिनों में 2.75 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन
सारांश
मुख्य बातें
श्री अमरनाथ यात्रा 2026 में 3 जुलाई से शुरू हुई तीर्थयात्रा के मात्र 11 दिनों में 2.75 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। मंगलवार, 14 जुलाई को 5,335 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था जम्मू से कश्मीर घाटी की ओर रवाना हुआ, जो यात्रा की निरंतर और उत्साहजनक गति को दर्शाता है।
यात्रा का ताज़ा हाल
अधिकारियों के अनुसार, सोमवार, 13 जुलाई को अकेले 24,259 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन किए। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा-प्राप्त काफिलों में रवाना हुए 5,335 तीर्थयात्रियों में से 3,599 नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप और 1,736 बालटाल बेस कैंप के लिए निकले।
रामबन में दुर्घटना: 18 यात्री घायल
सोमवार सुबह लगभग 7:20 बजे, जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर रामबन जिले के चंदरकोट के निकट एक सड़क दुर्घटना में 18 तीर्थयात्री घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, पहलगाम जा रहे काफिले की बस (जेके01वाई-1044) के ब्रेक चंदरकोट लंगर स्थल के पास फेल हो गए, जिससे वह काफिले की दूसरी बस (जेके01वाई-1052) से जा टकराई और पास खड़ी एक कार (जेके 21के-8115) को भी नुकसान पहुँचा — कुल तीन वाहन क्षतिग्रस्त हुए।
रामबन के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद इलियास खान, एसएसपी अरुण गुप्ता, नेशनल हाईवे के एसएसपी राजा आदिल हामिद और एडिशनल डिप्टी कमिश्नर वरुणजीत सिंह चरक ने घटनास्थल पर पहुँचकर राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी की। सभी घायलों को जिला अस्पताल रामबन पहुँचाया गया।
घायलों की स्थिति और उपचार
रामबन जिला अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुदर्शन सिंह कटोच ने बताया कि सभी 18 तीर्थयात्रियों को मामूली चोटें आईं और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई — किसी को भी लंबे समय तक भर्ती रहने की आवश्यकता नहीं पड़ी। हालाँकि, बस (जेके01वाई-1044) के चालक को गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घायल तीर्थयात्रियों में उत्तर प्रदेश के कानपुर से हर्ष राजपूत (23), विशाल गुप्ता (18), पंकज सोनकर (23) और संदीप कुमार (37); महाराष्ट्र से सुहास जीवन मौराडे (29); राजस्थान से पवन कुमार (57), केरन (48), विनोद कुमार (54), भरत भूषण (45) और गंगा सिंह (41); पंजाब से सीमा (60); तथा बिहार से ब्यास शान (38), वीरेंद्र शान (43), बिजली साहनी (50), शिव बालक (27), बबीता देवी (32), बीरबल (29) और तारा चंद सैनी (35) शामिल थे।
ज़िला प्रशासन ने घायल यात्रियों के लिए वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था की ताकि वे बिना किसी रुकावट के अपनी आगे की यात्रा जारी रख सकें। क्षतिग्रस्त वाहनों को तत्काल हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया।
यात्रा का महत्व और समापन तिथि
समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह पवित्र गुफा मंदिर उस हिम-संरचना (स्टैलेग्माइट) के लिए प्रसिद्ध है, जो चंद्रमा की कलाओं के साथ घटती-बढ़ती है। श्रद्धालु इसे भगवान शिव की अलौकिक शक्ति का प्रतीक मानते हैं। 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर संपन्न होगी।
गौरतलब है कि इस वर्ष यात्रा की शुरुआती गति पिछले वर्षों की तुलना में उत्साहजनक रही है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले हफ्तों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।