14 जुलाई 2026
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अमरनाथ यात्रा 2026: 11 दिनों में 2.75 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

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अमरनाथ यात्रा 2026: 11 दिनों में 2.75 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

सारांश

अमरनाथ यात्रा 2026 ने 11 दिनों में 2.75 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन का आँकड़ा पार किया। रामबन में बस के ब्रेक फेल होने से 18 यात्री मामूली रूप से घायल हुए, पर सभी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी मिल गई। 57 दिवसीय यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर संपन्न होगी।

मुख्य बातें

अमरनाथ यात्रा 2026 में 3 जुलाई से 11 दिनों में 2.75 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
सोमवार, 13 जुलाई को अकेले 24,259 यात्रियों ने पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन किए।
रामबन जिले के चंदरकोट के पास बस के ब्रेक फेल होने से 18 तीर्थयात्री मामूली रूप से घायल; बस चालक को गंभीर चोटें।
सभी 18 घायल यात्रियों को रामबन जिला अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दी गई।
यात्रा 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर समाप्त होगी।
पवित्र गुफा मंदिर समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।

श्री अमरनाथ यात्रा 2026 में 3 जुलाई से शुरू हुई तीर्थयात्रा के मात्र 11 दिनों में 2.75 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। मंगलवार, 14 जुलाई को 5,335 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था जम्मू से कश्मीर घाटी की ओर रवाना हुआ, जो यात्रा की निरंतर और उत्साहजनक गति को दर्शाता है।

यात्रा का ताज़ा हाल

अधिकारियों के अनुसार, सोमवार, 13 जुलाई को अकेले 24,259 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन किए। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा-प्राप्त काफिलों में रवाना हुए 5,335 तीर्थयात्रियों में से 3,599 नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप और 1,736 बालटाल बेस कैंप के लिए निकले।

रामबन में दुर्घटना: 18 यात्री घायल

सोमवार सुबह लगभग 7:20 बजे, जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर रामबन जिले के चंदरकोट के निकट एक सड़क दुर्घटना में 18 तीर्थयात्री घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, पहलगाम जा रहे काफिले की बस (जेके01वाई-1044) के ब्रेक चंदरकोट लंगर स्थल के पास फेल हो गए, जिससे वह काफिले की दूसरी बस (जेके01वाई-1052) से जा टकराई और पास खड़ी एक कार (जेके 21के-8115) को भी नुकसान पहुँचा — कुल तीन वाहन क्षतिग्रस्त हुए।

रामबन के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद इलियास खान, एसएसपी अरुण गुप्ता, नेशनल हाईवे के एसएसपी राजा आदिल हामिद और एडिशनल डिप्टी कमिश्नर वरुणजीत सिंह चरक ने घटनास्थल पर पहुँचकर राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी की। सभी घायलों को जिला अस्पताल रामबन पहुँचाया गया।

घायलों की स्थिति और उपचार

रामबन जिला अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुदर्शन सिंह कटोच ने बताया कि सभी 18 तीर्थयात्रियों को मामूली चोटें आईं और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई — किसी को भी लंबे समय तक भर्ती रहने की आवश्यकता नहीं पड़ी। हालाँकि, बस (जेके01वाई-1044) के चालक को गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घायल तीर्थयात्रियों में उत्तर प्रदेश के कानपुर से हर्ष राजपूत (23), विशाल गुप्ता (18), पंकज सोनकर (23) और संदीप कुमार (37); महाराष्ट्र से सुहास जीवन मौराडे (29); राजस्थान से पवन कुमार (57), केरन (48), विनोद कुमार (54), भरत भूषण (45) और गंगा सिंह (41); पंजाब से सीमा (60); तथा बिहार से ब्यास शान (38), वीरेंद्र शान (43), बिजली साहनी (50), शिव बालक (27), बबीता देवी (32), बीरबल (29) और तारा चंद सैनी (35) शामिल थे।

ज़िला प्रशासन ने घायल यात्रियों के लिए वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था की ताकि वे बिना किसी रुकावट के अपनी आगे की यात्रा जारी रख सकें। क्षतिग्रस्त वाहनों को तत्काल हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया।

यात्रा का महत्व और समापन तिथि

समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह पवित्र गुफा मंदिर उस हिम-संरचना (स्टैलेग्माइट) के लिए प्रसिद्ध है, जो चंद्रमा की कलाओं के साथ घटती-बढ़ती है। श्रद्धालु इसे भगवान शिव की अलौकिक शक्ति का प्रतीक मानते हैं। 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर संपन्न होगी।

गौरतलब है कि इस वर्ष यात्रा की शुरुआती गति पिछले वर्षों की तुलना में उत्साहजनक रही है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले हफ्तों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन रामबन में बस के ब्रेक फेल होने की घटना उस बुनियादी ढाँचागत चुनौती की याद दिलाती है जो हर वर्ष इस मार्ग पर सामने आती है। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर वाहनों की यांत्रिक जाँच की व्यवस्था कितनी पुख्ता है, यह सवाल बना रहता है। जिला प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय रही, पर 57 दिनों की लंबी यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए वाहन-सत्यापन प्रोटोकॉल को और कड़ा करने की आवश्यकता स्पष्ट है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरनाथ यात्रा 2026 में अब तक कितने श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं?
3 जुलाई 2026 से शुरू हुई यात्रा के पहले 11 दिनों में 2.75 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। अकेले सोमवार, 13 जुलाई को 24,259 यात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए।
रामबन में अमरनाथ यात्रियों की बस दुर्घटना में क्या हुआ?
सोमवार सुबह लगभग 7:20 बजे जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर रामबन के चंदरकोट के पास काफिले की एक बस के ब्रेक फेल हो गए, जिससे वह दूसरी बस से टकरा गई और एक कार को भी नुकसान पहुँचा। इस हादसे में 18 तीर्थयात्री मामूली रूप से घायल हुए और बस चालक गंभीर रूप से घायल हुए।
रामबन दुर्घटना में घायल यात्रियों की स्थिति क्या है?
रामबन जिला अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुदर्शन सिंह कटोच के अनुसार, सभी 18 घायल तीर्थयात्रियों को मामूली चोटें आईं और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। जिला प्रशासन ने उनके आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था की।
अमरनाथ यात्रा 2026 कब समाप्त होगी?
57 दिवसीय श्री अमरनाथ यात्रा 2026 का समापन 28 अगस्त 2026 को होगा, जो श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पर्व के साथ मेल खाता है।
अमरनाथ गुफा मंदिर कहाँ स्थित है और इसकी क्या विशेषता है?
अमरनाथ गुफा मंदिर समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। इसमें बर्फ से बनी एक प्राकृतिक हिम-संरचना (स्टैलेग्माइट) है, जो चंद्रमा की कलाओं के साथ घटती-बढ़ती है और श्रद्धालु इसे भगवान शिव की अलौकिक शक्ति का प्रतीक मानते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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