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क्या अमरनाथ यात्रा में 1.63 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए?

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क्या अमरनाथ यात्रा में 1.63 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए?

सारांश

अमरनाथ यात्रा में 1.63 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच तीर्थयात्रा का महत्व बढ़ता जा रहा है। जानें इस यात्रा के बारे में विशेष जानकारी।

मुख्य बातें

अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी।
1.63 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
यात्रा 9 अगस्त को समाप्त होगी।
श्रद्धालुओं को गुफा मंदिर तक पहुँचने में समय लगता है।

श्रीनगर, 12 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। अमरनाथ यात्रा ने आस्था और भक्ति का एक नया इतिहास रचा है। 3 जुलाई से आरंभ हुई इस पवित्र यात्रा में अब तक 1.63 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं। इसके साथ ही शनिवार को जम्मू से 6,639 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था कश्मीर के लिए रवाना हुआ।

अधिकारियों के अनुसार, 3 जुलाई से चालू अमरनाथ यात्रा में अब तक 1.63 लाख लोग बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। आज 6,639 तीर्थयात्रियों का एक और समूह जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा काफिलों के साथ कश्मीर घाटी के लिए निकला।

अधिकारियों ने बताया कि 2,337 यात्रियों को लेकर 116 वाहनों का पहला सुरक्षा काफिला तड़के 2.504,302 यात्रियों को लेकर 161 वाहनों का दूसरा सुरक्षा काफिला तड़के 3.55

पहलगाम में गुरुवार को 'छड़ी मुबारक' (भगवान शिव की पवित्र गदा) का भूमि पूजन किया गया।

इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। यह यात्रा पहलगाम हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी।

180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियों को सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत बढ़ाने के लिए लाया गया है। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से गुफा मंदिर तक के पूरे रास्ते और दोनों आधार शिविरों के रास्ते में सभी पारगमन शिविरों को सुरक्षा बलों ने सुरक्षित कर लिया है।

सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत को बढ़ाने के लिए सीएपीएफ की 180 अतिरिक्त कंपनियां लाई गई हैं। पूरे मार्ग को सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षित कर लिया गया है।

पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वाले लोग चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी से होकर गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं और 46 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हैं।

तीर्थयात्रियों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं। वहीं, छोटे बालटाल मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है और यात्रा पूरी करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौटना पड़ता है। सुरक्षा कारणों से इस वर्ष यात्रियों के लिए कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है।

अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई389 अगस्त

श्री अमरनाथ जी यात्रा भक्तों के लिए सबसे पवित्र धार्मिक तीर्थयात्राओं में से एक है, क्योंकि किंवदंती है कि भगवान शिव ने इस गुफा के अंदर माता पार्वती को शाश्वत जीवन और अमरता के रहस्य बताए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय संस्कृति और एकता का भी प्रतीक है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित अनुभव सुनिश्चित करती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरनाथ यात्रा कब शुरू हुई थी?
अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2023 को शुरू हुई थी।
यात्रा में कितने श्रद्धालु शामिल हुए हैं?
अब तक 1.63 लाख श्रद्धालुओं ने यात्रा में भाग लिया है।
क्या इस वर्ष हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध है?
नहीं, सुरक्षा कारणों से इस वर्ष यात्रियों के लिए कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है।
अमरनाथ यात्रा कब समाप्त होगी?
यह यात्रा 9 अगस्त 2023 को समाप्त होगी।
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए कितनी दूरी तय करनी पड़ती है?
तीर्थयात्रियों को गुफा मंदिर तक पहुँचने में 4 दिन लगते हैं या बालटाल मार्ग से 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है।
राष्ट्र प्रेस
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