10 अगस्त 2026
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जेपीएससी-जेएसएससी विवाद: रांची में भाजपा विधायकों ने किया सीएम आवास घेराव, पुलिस ने हिरासत में लिया

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जेपीएससी-जेएसएससी विवाद: रांची में भाजपा विधायकों ने किया सीएम आवास घेराव, पुलिस ने हिरासत में लिया

सारांश

जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा गड़बड़ी के विरोध में रांची में दोहरा दबाव — एक तरफ भाजपा विधायकों का सीएम आवास घेराव और पुलिस हिरासत, दूसरी तरफ हजारों छात्रों का विधानसभा मार्च। तीन दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद झारखंड में राजनीतिक और प्रशासनिक संकट गहराता जा रहा है।

मुख्य बातें

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों और कार्यकर्ताओं ने 10 अगस्त को रांची में कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया।
पुलिस ने BJP के कई विधायकों सहित अनेक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में रणनीतिक बैठक के बाद घेराव की कार्रवाई की गई।
हजारों जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी पुराने विधानसभा परिसर से नए विधानसभा भवन की ओर मार्च करते हुए आगे बढ़े।
सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद आंदोलन और तेज हुआ।
छात्रों की माँग — परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जाँच, विवादित परीक्षाएँ रद्द करना और भर्ती प्रक्रिया में सुधार।

झारखंड की राजधानी रांची में 10 अगस्त 2026 को जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों और कार्यकर्ताओं ने कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान BJP के कई विधायकों सहित अनेक कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इसी समय हजारों छात्र पुराने विधानसभा परिसर से नए विधानसभा भवन की ओर मार्च करते हुए आगे बढ़ रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

BJP ने मुख्यमंत्री आवास घेराव से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में पार्टी विधायकों की एक रणनीतिक बैठक आयोजित की। इस बैठक में छात्र आंदोलन और राज्य सरकार के रुख पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद सोमवार सुबह करीब पौने दस बजे भाजपा विधायक और कार्यकर्ता अचानक मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ गए।

मुख्यमंत्री आवास के बाहर पहुँचकर प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की माँग करते हुए जोरदार नारेबाजी की। पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग लगाई थी और बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किया गया था, फिर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।

छात्र आंदोलन का उभार

भाजपा के प्रदर्शन के समानांतर जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन भी सोमवार को और तेज हो गया। पुराने विधानसभा परिसर के आसपास सुबह से ही बड़ी तादाद में छात्र एकत्रित हुए। तिरंगा, बैनर और तख्तियाँ थामे छात्र नारे लगाते हुए नए विधानसभा भवन की ओर बढ़े। इस दौरान कुछ छात्रों ने सुरक्षा के लिए लगाए गए पहले बैरिकेडिंग गेट को भी पार कर लिया।

गौरतलब है कि रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही थी। इसके बाद छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया था।

छात्रों की प्रमुख माँगें

छात्र मुख्यतः तीन माँगों पर अड़े हैं — जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जाँच, विवादित परीक्षाओं को रद्द करना, और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में परीक्षा पारदर्शिता को लेकर बहस पहले से ही उग्र रूप ले चुकी थी।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक दबाव

छात्रों के आंदोलन और BJP के घेराव के मद्देनज़र विधानसभा परिसर और मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया। विधानसभा की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। राजधानी में राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव एक साथ बढ़ने से स्थिति संवेदनशील बनी रही।

आगे क्या

तीन दौर की वार्ता विफल होने के बाद सरकार पर छात्रों की माँगें मानने का दबाव बढ़ता जा रहा है। BJP के सड़क पर उतरने से विपक्षी दबाव और तेज हुआ है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि हेमंत सोरेन सरकार आंदोलन को शांत करने के लिए क्या कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनीतिक वैधता की परीक्षा बन चुका है। तीन दौर की वार्ता का बेनतीजा रहना बताता है कि सरकार के पास अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। बिना स्वतंत्र जाँच और ठोस सुधार के, यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी-जेएसएससी विवाद क्या है और छात्र क्यों आंदोलन कर रहे हैं?
छात्र जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) और जेएसएससी (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। उनकी माँगें हैं — निष्पक्ष जाँच, विवादित परीक्षाएँ रद्द करना और भर्ती प्रक्रिया में सुधार।
भाजपा ने सीएम आवास घेराव क्यों किया?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने छात्रों के आंदोलन के समर्थन में और झारखंड सरकार पर दबाव बनाने के लिए 10 अगस्त को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की भी माँग की।
सरकार और छात्रों के बीच वार्ता का क्या हुआ?
रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। इसके बाद छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया, जिससे आंदोलन और तेज हो गया।
10 अगस्त को रांची में सुरक्षा व्यवस्था कैसी रही?
भाजपा के घेराव और छात्रों के मार्च के मद्देनज़र विधानसभा परिसर और मुख्यमंत्री आवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने बैरिकेडिंग की और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
इस आंदोलन में आगे क्या हो सकता है?
तीन दौर की वार्ता विफल होने और विपक्ष के सड़क पर उतरने के बाद हेमंत सोरेन सरकार पर दबाव बढ़ गया है। अब सरकार को या तो छात्रों की माँगें मानने का ठोस आश्वासन देना होगा या स्वतंत्र जाँच का रास्ता खोलना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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