कॉमनवेल्थ मेडलिस्ट नरेंदर ने PM मोदी को सुनाया पाकिस्तानी मुक्केबाज का चुटीला किस्सा, PM खिलखिलाकर हंसे
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 अगस्त 2026 को अपने आवास पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस मुलाकात में 90 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीतने वाले मुक्केबाज नरेंदर ने एक ऐसा किस्सा सुनाया जिसे सुनकर पीएम मोदी जोर-जोर से हँस पड़े। यह किस्सा जुड़ा था एक पाकिस्तानी मुक्केबाज से, जिसे तीन 'नरेंदर' एक साथ मिल गए थे।
मुख्य घटनाक्रम
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 13 स्वर्ण पदक सहित कुल 39 पदक जीते — एक ऐतिहासिक प्रदर्शन। इस उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए प्रधानमंत्री ने रविवार को खिलाड़ियों को अपने निवास पर आमंत्रित किया। मुक्केबाज नरेंदर उन खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने भारत की पदक तालिका में योगदान दिया।
पाकिस्तानी मुक्केबाज से जुड़ा दिलचस्प किस्सा
नरेंदर ने पीएम मोदी को बताया कि वह 2015 के वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में हिस्सा लेने गए थे, जहाँ उनका पहला मुकाबला एक पाकिस्तानी मुक्केबाज से था। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना की ओर से उन्हें स्पष्ट संदेश मिला था — 'चाहे कुछ भी हो जाए, पाकिस्तान से नहीं हारना।'
नरेंदर ने बताया कि उन्होंने पहला बाउट 4-1 से और दूसरा बाउट 3-2 से जीता। हालाँकि दूसरे बाउट में दोनों मुक्केबाजों के सिर आपस में टकरा गए, जिससे दोनों को चोट लग गई और दोनों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
अस्पताल में जब दोनों साथ थे, तब पाकिस्तानी मुक्केबाज ने नरेंदर से कहा — 'मैं आपसे एक बात कहूँ, आपका नाम नरेंदर है, आपके कोच का नाम नरेंदर राणा है और आपके प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंदर है — ऐसे में मुझे नरेंदर नाम से ही नफरत हो गई है।' यह सुनकर पीएम मोदी खिलखिलाकर हँस पड़े।
फाइनल में प्रदर्शन
नरेंदर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के डामार थॉमस से 0-5 के एकतरफा स्कोर से हारे और स्वर्ण पदक से चूक गए। बावजूद इसके, सिल्वर मेडल के साथ उनकी वापसी उल्लेखनीय रही।
भारतीय मुक्केबाजी का शानदार प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों — पुरुष और महिला दोनों — ने मिलकर कुल 10 पदक जीते, जो इस खेल में देश के अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मुक्केबाजी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मज़बूत करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।
आगे क्या
पीएम मोदी के साथ इस मुलाकात ने न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहन देने का संदेश भी दिया। नरेंदर जैसे युवा मुक्केबाजों का यह प्रदर्शन आने वाले ओलंपिक चक्र के लिए भारतीय मुक्केबाजी की उम्मीदें और बढ़ाता है।