25 जुलाई 2026
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झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीता ब्रॉन्ज, PM मोदी बोले — 'अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया'

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झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीता ब्रॉन्ज, PM मोदी बोले — 'अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया'

सारांश

ई-रिक्शा चलाने और सब्जी बेचने से लेकर कॉमनवेल्थ मंच तक — झंडू कुमार की कहानी सिर्फ एक ब्रॉन्ज मेडल की नहीं, बल्कि अटूट इरादे की है। 190 किग्रा के लिफ्ट के साथ उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का खाता खोला और PM मोदी से लेकर खेल मंत्री तक सबकी तारीफ बटोरी।

मुख्य बातें

झंडू कुमार ने 25 जुलाई 2026 को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुष हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
झंडू ने 190 किलोग्राम का सफल लिफ्ट किया — यह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पहला पदक है।
PM नरेंद्र मोदी और खेल मंत्री मनसुख मांडविया दोनों ने एक्स पर बधाई संदेश साझा किए।
गोल्ड नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस को और सिल्वर इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग को मिला।
झंडू ने संघर्ष के दिनों में ई-रिक्शा चलाया और सब्जी बेचकर जीवनयापन किया था।

पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने 25 जुलाई 2026 को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुष हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत का खाता खोला190 किलोग्राम का सफल लिफ्ट करने वाले झंडू की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेल मंत्री मनसुख मांडविया दोनों ने बधाई दी।

PM मोदी और खेल मंत्री की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'झंडू कुमार का शानदार प्रदर्शन। उन्होंने पुरुषों के हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए मेडल का खाता खोला है। झंडू को बधाई। उनकी यह उपलब्धि उनकी जबरदस्त ताकत, अटूट संकल्प और बरसों की अनुशासित मेहनत का बेहतरीन उदाहरण है। हर चुनौती का सामना करते हुए और इंटरनेशनल मंच पर शानदार प्रदर्शन करके उन्होंने पूरे देश का मान बढ़ाया है और अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया है।'

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी एक्स पर लिखा, 'भारत के लिए ब्रॉन्ज। झंडू कुमार ने पुरुषों के हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में 190 किलोग्राम का जबरदस्त लिफ्ट करके भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पहला मेडल जीता। पूरे देश को उन पर गर्व है।'

संघर्ष से शिखर तक का सफर

झंडू कुमार का यह सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। आर्थिक तंगी के दौर में उन्होंने ई-रिक्शा चलाया और सब्जी बेचकर घर का गुजारा किया, लेकिन अपने सपने से कभी मुँह नहीं मोड़ा। उनकी यह पृष्ठभूमि उन्हें देश के उन लाखों युवाओं का प्रतीक बनाती है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराने का हौसला रखते हैं।

झंडू ने बताया, 'मैंने अपना गुजारा करने के लिए ई-रिक्शा चलाया, सब्जियाँ बेचीं और बहुत संघर्ष किया। हालांकि मैंने अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा। मुझे हमेशा विश्वास था कि एक दिन मैं अपने देश के लिए जरूर मेडल जीतूंगा।'

मेडल तालिका और प्रतिस्पर्धा

पुरुष हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट की अंतिम स्टैंडिंग में नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने गोल्ड मेडल और इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने सिल्वर मेडल जीता, जबकि झंडू ने भारत के लिए ब्रॉन्ज सुनिश्चित किया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पहला पदक है।

आगे की राह

झंडू ने कहा कि यह मेडल केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का है जिन्होंने मुश्किल वक्त में उन पर भरोसा बनाए रखा। उनके अनुसार, यह सफलता उन्हें भविष्य में भारत के लिए बड़े मंचों पर और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देगी। गौरतलब है कि पैरा खेलों में भारत की बढ़ती उपस्थिति इस बात का संकेत है कि देश में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए बुनियादी ढाँचा और समर्थन धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाता है कि सरकारी खेल अकादमियाँ और स्कॉलरशिप योजनाएँ इन खिलाड़ियों तक समय पर क्यों नहीं पहुँचतीं। PM मोदी की बधाई स्वागत योग्य है, पर असली बदलाव तब होगा जब ऐसे खिलाड़ियों को पदक जीतने से पहले पहचाना और समर्थन दिया जाए।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कौन-सा मेडल जीता?
झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुष हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने 190 किलोग्राम का सफल लिफ्ट किया और यह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पहला पदक रहा।
PM मोदी ने झंडू कुमार के बारे में क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा कि झंडू की उपलब्धि उनकी जबरदस्त ताकत, अटूट संकल्प और बरसों की अनुशासित मेहनत का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने कहा कि झंडू ने अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया है।
झंडू कुमार का संघर्ष कैसा रहा?
झंडू कुमार ने आर्थिक तंगी के दौर में ई-रिक्शा चलाकर और सब्जी बेचकर गुजारा किया। इसके बावजूद उन्होंने अपना सपना नहीं छोड़ा और अंततः कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश के लिए पदक जीता।
पुरुष हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में गोल्ड और सिल्वर किसने जीता?
नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने गोल्ड मेडल और इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने सिल्वर मेडल जीता। झंडू कुमार ने भारत के लिए ब्रॉन्ज पदक हासिल किया।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने झंडू की जीत पर क्या कहा?
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एक्स पर लिखा कि झंडू कुमार ने 190 किलोग्राम का जबरदस्त लिफ्ट करके कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पहला मेडल जीता और पूरे देश को उन पर गर्व है।
राष्ट्र प्रेस
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