CWG 2026: झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में जीता ब्रॉन्ज, ग्लासगो में भारत का पहला मेडल
सारांश
मुख्य बातें
ग्लासगो में 25 जुलाई 2026 को भारत के झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुष हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत की मेडल टैली का खाता खोला। 130.9 के बेस्ट स्कोर के साथ झंडू ने न केवल अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया, बल्कि देश को इस प्रतिष्ठित बहु-खेल आयोजन में पहली पदक की खुशी भी दिलाई।
मुकाबले का घटनाक्रम
दो ग्रुपों में बँटे इस मुकाबले में झंडू कुमार ने 130.9 की बेस्ट लिफ्ट के साथ ग्रुप बी में पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने युगांडा के डेनिस म्बाजीरा (114.1) और ऑस्ट्रेलिया के बेन राइट (110.9) को स्पष्ट अंतर से पीछे छोड़ा। कंबाइंड स्टैंडिंग में नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने 132.8 की सर्वश्रेष्ठ ओवरऑल लिफ्ट के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग 131.0 के स्कोर के साथ सिल्वर पर रहे। झंडू 0.1 अंक के मामूली अंतर से सिल्वर से चूक गए, लेकिन उनकी 130.9 की लिफ्ट ब्रॉन्ज सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त रही।
झंडू कुमार की प्रेरणादायक पृष्ठभूमि
1 जनवरी 1997 को बिहार के नालंदा जिले के हरनौत में जन्मे झंडू जन्म से ही पोलियो से प्रभावित थे। सब्जी विक्रेता के परिवार से आने वाले झंडू ने आर्थिक और शारीरिक दोनों चुनौतियों को दृढ़ संकल्प से पार किया। उन्होंने 2017 में पैरा-एथलीट के रूप में खेल जगत में कदम रखा और F55 शॉट पुट व डिस्कस थ्रो इवेंट्स में जिला व राज्य स्तरीय कई पदक जीते। जिम में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के दौरान पावरलिफ्टिंग के प्रति उनकी रुचि जागी और एक राज्य चैंपियनशिप में मिली सलाह के बाद उन्होंने पैरा पावरलिफ्टिंग को अपना प्रमुख खेल बना लिया।
अशोक मलिक चौथे स्थान पर, पदक से चूके
इसी दिन भारत के अशोक मलिक पुरुष लाइटवेट पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में 200 किलोग्राम की शानदार बेस्ट लिफ्ट के बावजूद 143.8 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे और पोडियम से मामूली अंतर से चूक गए। मलेशिया के बॉनी बुन्याऊ गुस्टिन — जो इस कैटेगरी के मौजूदा कॉमनवेल्थ चैंपियन और वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हैं — ने 153.5 अंक के साथ ब्रॉन्ज जीतकर मलिक की चुनौती को विफल कर दिया। इंग्लैंड के मार्क स्वान ने 222 किलोग्राम की टॉप लिफ्ट और 153.9 अंक के साथ गोल्ड जीता, जबकि नाइजीरिया के कई बार के पैरालंपिक मेडलिस्ट रोलैंड एज़ुरुइक काउंटबैक नियम की वजह से सिल्वर पर रहे — उनकी बेस्ट लिफ्ट 185 किलोग्राम थी। गौरतलब है कि यह इवेंट ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का पहला गोल्ड मेडल इवेंट भी था।
अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन
हैवीवेट इवेंट में भारत के दूसरे प्रतिभागी परमजीत कुमार 135.6 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहे। स्कॉटलैंड के फिनले डेविडसन (141.4) पाँचवें और नाइजीरिया के इब्राहिम दाउदा (140.1) छठे स्थान पर रहे। केन्या के न्गुंगी मारिंगा (127.0), ऑस्ट्रेलिया के डैनियल बॉस (123.3), कैमरून के बेलिंगा मांगा (103.9), सोलोमन आइलैंड्स के मोफेट टोलोमे (94.0) और माल्टा के निक मर्सिएका (92.5) ने क्रमशः आठवें से बारहवें स्थान पर अपना अभियान समाप्त किया।
आगे क्या
झंडू कुमार के इस ब्रॉन्ज मेडल ने ग्लासगो 2026 में भारतीय दल का उत्साह बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में पैरा खेलों सहित अन्य स्पर्धाओं में भारतीय एथलीट मेडल टैली को और आगे ले जाने की कोशिश करेंगे।