कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ट्रिपल जंप में भारत को दोहरा तमगा, सेल्वा प्रभु का पहला सीनियर इंटरनेशनल मेडल
सारांश
मुख्य बातें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 2 अगस्त को ग्लासगो में पुरुष ट्रिपल जंप स्पर्धा ने भारत को एकसाथ दो पदक दिलाए — प्रवीण चित्रवेल ने 16.58 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक जीता, जबकि सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। सेल्वा के लिए यह उनके करियर का पहला सीनियर अंतरराष्ट्रीय पदक है।
सेल्वा प्रभु की भावुक प्रतिक्रिया
सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने पदक जीतने के बाद कहा कि वह भारत के लिए तमगा हासिल कर अत्यंत गर्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह उनका पहला सीनियर इंटरनेशनल मेडल है, जो उनके लिए बेहद खास है। सेल्वा ने यह पदक अपने परिवार, कोच और उन तमाम लोगों को समर्पित किया जिन्होंने उनकी इस यात्रा में सहयोग किया। उन्होंने स्वीकार किया कि शीर्ष स्तर पर सफलता पाना कभी आसान नहीं होता।
प्रवीण चित्रवेल: प्रदर्शन पर नज़र, मेडल से राहत
प्रवीण चित्रवेल ने 16.58 मीटर की अपनी सर्वश्रेष्ठ जंप से रजत पदक हासिल किया। हालाँकि उन्होंने कहा कि वह मेडल से अधिक अपने प्रदर्शन पर केंद्रित थे और इससे थोड़े निराश भी हैं। गौरतलब है कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में प्रवीण चौथे स्थान पर रहे थे और पदक से वंचित रह गए थे — इसलिए इस बार रजत पदक उनके लिए राहत की साँस भी है। उन्होंने कहा कि वह आगामी एशियन गेम्स में और बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखते हैं।
पैरा एथलीट शुभम जुयाल की प्रेरणादायक कहानी
मेंस शॉट पुट F57 स्पर्धा में पैरा एथलीट शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर गोला फेंककर रजत पदक जीता। शुभम ने बताया कि ठीक चार साल पहले 1 अगस्त को वह आईसीयू में भर्ती थे और उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि वह किसी कॉमनवेल्थ गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व कर पदक जीत सकेंगे। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने कोच, परिवार, मित्रों और भारतीय सेना को दिया, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया।
भारत के पदक अभियान पर असर
इस दिन की तीन पदक-उपलब्धियाँ — ट्रिपल जंप में एक रजत व एक कांस्य और पैरा शॉट पुट में एक रजत — भारत के ग्लासगो 2026 अभियान को नई ऊर्जा देती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय एथलेटिक्स दल राष्ट्रमंडल खेलों में ट्रैक-एंड-फील्ड में अपनी उपस्थिति मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है। सेल्वा प्रभु और प्रवीण चित्रवेल दोनों की नज़रें अब एशियन गेम्स पर टिकी हैं, जहाँ वे अपने प्रदर्शन को और ऊँचा ले जाने का इरादा रखते हैं।