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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: मुक्केबाजी में प्रीति-जैस्मीन का स्वर्ण, ट्रिपल जंप और पैरा शॉट पुट में भी भारत का दबदबा

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: मुक्केबाजी में प्रीति-जैस्मीन का स्वर्ण, ट्रिपल जंप और पैरा शॉट पुट में भी भारत का दबदबा

सारांश

ग्लासगो में एक ही दिन में भारत ने मुक्केबाजी में दो स्वर्ण, ट्रिपल जंप में डबल पोडियम और पैरा शॉट पुट में फिर डबल पोडियम — यह सिर्फ पदकों की गिनती नहीं, भारतीय एथलेटिक्स की चौड़ाई का ऐलान है। उपराष्ट्रपति और रक्षा मंत्री ने हर विजेता को व्यक्तिगत बधाई दी।

मुख्य बातें

प्रीति पवार (54 किग्रा) और जैस्मीन लैम्बोरिया (57 किग्रा) ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीते।
जदुमणि सिंह ने पुरुषों के 55 किग्रा बॉक्सिंग इवेंट में रजत पदक हासिल किया।
प्रवीण चित्रवेल (रजत) और सेल्वा प्रभु (कांस्य) ने पुरुषों के ट्रिपल जंप में भारत को डबल पोडियम दिलाया।
पैरा एथलेटिक्स में सोमन राणा (स्वर्ण) और शुभम जुयाल (रजत) ने शॉट पुट F57 में एक और डबल पोडियम दर्ज किया।
राधाकृष्णन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर सभी विजेताओं को व्यक्तिगत बधाई दी।

ग्लासगो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार, 1 जुलाई को भारत ने मुक्केबाजी, ट्रिपल जंप और पैरा शॉट पुट में कुल सात पदक अपनी झोली में डाले। प्रीति पवार और जैस्मीन लैम्बोरिया ने बॉक्सिंग में स्वर्ण जीतकर तिरंगे की शान बढ़ाई, जबकि सोमन राणा ने पैरा शॉट पुट में भी देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया। इस उपलब्धि पर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर विजेता एथलीटों को बधाई दी।

मुक्केबाजी में भारत की स्वर्णिम दोहरी जीत

प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में और जैस्मीन लैम्बोरिया ने महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीते। वहीं पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जदुमणि सिंह ने रजत पदक हासिल किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मुक्केबाजी अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार अपनी पकड़ मज़बूत कर रही है।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, 'प्रीति पवार और जैस्मीन लैम्बोरिया को महिलाओं के 54 किग्रा और 57 किग्रा बॉक्सिंग इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई। आपके शानदार प्रदर्शन, कड़ी मेहनत और पक्के इरादे ने देश को बहुत गर्व महसूस कराया है।'

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जैस्मीन लैम्बोरिया के बारे में लिखा, 'उनके निडर प्रदर्शन, पक्के इरादे और चैंपियनशिप के जोश ने देश को बहुत गर्व महसूस कराया है।' जदुमणि सिंह के बारे में उन्होंने कहा कि 'शुरुआती मुकाबले से लेकर फाइनल तक, जदुमणि सिंह ने एक सच्चे चैंपियन का अंदाज दिखाया।'

ट्रिपल जंप में ऐतिहासिक डबल पोडियम

पुरुषों के ट्रिपल जंप इवेंट में प्रवीण चित्रवेल ने रजत और सेल्वा प्रभु ने कांस्य पदक जीतकर भारत को यादगार डबल पोडियम फिनिश दिलाई। गौरतलब है कि भारतीय ट्रैक-एंड-फील्ड एथलीटों का कॉमनवेल्थ मंच पर इस तरह का एकसाथ पोडियम पर आना भारतीय एथलेटिक्स की बढ़ती गहराई का प्रमाण है।

राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर लिखा, 'उनके शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर भारतीय एथलेटिक्स की बढ़ती काबिलियत को दिखाया है।' उपराष्ट्रपति ने भी दोनों एथलीटों को बधाई देते हुए उनकी 'लगातार सफलता और भारत के लिए और भी बहुत कुछ हासिल करने' की शुभकामनाएं दीं।

पैरा शॉट पुट में भारत का एक और डबल पोडियम

पैरा एथलेटिक्स में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। पुरुषों के शॉट पुट F57 इवेंट में सोमन राणा ने स्वर्ण और शुभम जुयाल ने रजत पदक जीता। रक्षा मंत्री ने इसे 'पैरा एथलेटिक्स में भारत की बढ़ती विरासत में एक और गर्व का अध्याय' बताया।

यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत ने एक ही दिन में दो अलग-अलग स्पर्धाओं में डबल पोडियम फिनिश हासिल की — जो देश के खेल बुनियादी ढाँचे और प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार का संकेत है।

नेताओं की प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय गर्व

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दोनों ने एक्स पर अलग-अलग पोस्ट के ज़रिए हर पदक विजेता को व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। राजनाथ सिंह ने प्रीति पवार के बारे में लिखा कि उनका 'शांत, पक्का इरादा और बहुत बढ़िया स्किल एक आत्मविश्वास, मजबूत और उभरते हुए भारत की भावना को दिखाता है।'

इस दिन के प्रदर्शन के साथ भारत ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपनी पदक तालिका को और मज़बूत किया है। आने वाले दिनों में भारतीय एथलीटों से और पदकों की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय खेल तंत्र की गहराई का संकेत है। मुक्केबाजी में दो स्वर्ण जोड़ दें तो यह दिन भारत के कॉमनवेल्थ इतिहास के सबसे समृद्ध एकल दिनों में गिना जाएगा। हालाँकि मुख्यधारा की कवरेज नेताओं की बधाई पर केंद्रित रही, असली कहानी यह है कि ये एथलीट अलग-अलग राज्यों, अलग-अलग खेलों और अलग-अलग सक्षमता श्रेणियों से आते हैं — जो दर्शाता है कि भारतीय खेल अब केवल कुछ 'स्टार' नामों पर निर्भर नहीं रहा। पैरा एथलेटिक्स में डबल पोडियम विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिसे अक्सर मुख्यधारा की खबरों में उचित स्थान नहीं मिलता।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 1 जुलाई को कितने पदक जीते?
1 जुलाई 2026 को ग्लासगो में भारत ने मुक्केबाजी, ट्रिपल जंप और पैरा शॉट पुट मिलाकर कुल सात पदक जीते — तीन स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य। यह भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का एक बेहद सफल दिन रहा।
प्रीति पवार और जैस्मीन लैम्बोरिया ने किस इवेंट में स्वर्ण पदक जीता?
प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किग्रा बॉक्सिंग इवेंट में और जैस्मीन लैम्बोरिया ने महिलाओं के 57 किग्रा बॉक्सिंग इवेंट में स्वर्ण पदक जीता। दोनों ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को गौरवान्वित किया।
ट्रिपल जंप में भारत ने कौन से पदक जीते और किसने जीते?
पुरुषों के ट्रिपल जंप इवेंट में प्रवीण चित्रवेल ने रजत पदक और सेल्वा प्रभु ने कांस्य पदक जीता। इस डबल पोडियम फिनिश को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'यादगार' बताया।
पैरा शॉट पुट में भारत के लिए किसने पदक जीते?
पुरुषों के शॉट पुट F57 इवेंट में सोमन राणा ने स्वर्ण और शुभम जुयाल ने रजत पदक जीता। यह पैरा एथलेटिक्स में भारत की एक और यादगार डबल पोडियम फिनिश रही।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एथलीटों को कैसे बधाई दी?
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दोनों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अलग-अलग पोस्ट के ज़रिए प्रत्येक पदक विजेता को व्यक्तिगत रूप से बधाई दी और उनकी उपलब्धियों को देश के लिए प्रेरणादायक बताया।
राष्ट्र प्रेस
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