28 जुलाई 2026
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शर्मिला धनखड़ ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शॉट पुट F57 में जीता गोल्ड, पैरा एथलेटिक्स में रचा इतिहास

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शर्मिला धनखड़ ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शॉट पुट F57 में जीता गोल्ड, पैरा एथलेटिक्स में रचा इतिहास

सारांश

शर्मिला धनखड़ ने ग्लासगो में 9.81 मीटर का थ्रो कर वह कर दिखाया जो भारत के किसी पैरा एथलीट ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पहले कभी नहीं किया — शॉट पुट F57 में स्वर्ण पदक। हरियाणा की इस बेटी की जीत पर राष्ट्रपति से लेकर मुख्यमंत्रियों तक ने बधाई दी।

मुख्य बातें

शर्मिला धनखड़ ने 28 जुलाई 2026 को ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला शॉट पुट F57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।
उन्होंने 9.81 मीटर का थ्रो कर यह खिताब अपने नाम किया।
शर्मिला पैरा एथलेटिक्स में कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बनीं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एक्स पर बधाई दी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी , राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा , केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और अर्जुन राम मेघवाल ने भी बधाई संदेश दिए।

हरियाणा की पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने 28 जुलाई 2026 को ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला शॉट पुट F57 स्पर्धा में 9.81 मीटर का थ्रो कर स्वर्ण पदक हासिल किया — और इसी के साथ वे पैरा एथलेटिक्स में कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गईं। इस ऐतिहासिक जीत पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और कई केंद्रीय मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों ने बधाई दी।

ऐतिहासिक प्रदर्शन और शर्मिला की प्रतिक्रिया

शर्मिला धनखड़ ने 9.81 मीटर का थ्रो कर महिला शॉट पुट F57 स्पर्धा में शीर्ष स्थान हासिल किया। जीत के बाद उन्होंने कहा, 'मैं बहुत खुश हूँ कि मैंने अपने देश के लिए मेडल जीता है। मैं कड़ी मेहनत करती रहूँगी और मेडल जीतूँगी। आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अच्छी तैयारी करूँगी। मेडल जीतना मेरे लिए सपने जैसा लग रहा है। मैं चाहती हूँ कि सभी एथलीट गोल्ड लाएँ।'

यह जीत इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पैरा एथलेटिक्स श्रेणी में भारत का पहला स्वर्ण पदक है — एक ऐसा मील का पत्थर जो भारतीय पैरा खेलों के बढ़ते कद को रेखांकित करता है।

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की बधाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर लिखा, 'ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के शॉट पुट F57 इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने पर शर्मिला धनखड़ को बहुत-बहुत बधाई। पैरा एथलेटिक्स में भारत की पहली कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट बनकर आपने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आपकी यह कामयाबी युवा एथलीटों को अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।'

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी एक्स पर बधाई देते हुए कहा, 'आपकी शानदार उपलब्धियों ने देश का मान बढ़ाया है और ये आने वाली पीढ़ियों के एथलीटों को प्रेरित करेंगी। हम आपके उज्ज्वल भविष्य और आगे भी ऐसी ही सफलता और सम्मान पाने की कामना करते हैं।'

मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने शर्मिला को बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रदर्शन ने देश और हरियाणा दोनों का नाम रोशन किया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा कि शर्मिला का 'साहस, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।'

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस जीत को 'केवल एक पदक नहीं, बल्कि अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अथक परिश्रम की विजय' करार दिया। कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी एक्स पर बधाई देते हुए कहा कि शर्मिला ने कॉमनवेल्थ गेम्स की पैरा एथलेटिक्स स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बनकर नया इतिहास रचा है।

भारतीय पैरा खेलों के लिए व्यापक संदर्भ

यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारत पैरा खेलों में लगातार अपनी उपस्थिति मज़बूत कर रहा है। गौरतलब है कि टोक्यो और पेरिस पैरालंपिक में भारतीय पैरा एथलीटों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था, और शर्मिला की यह जीत उस सिलसिले को कॉमनवेल्थ मंच पर भी आगे बढ़ाती है। शर्मिला हरियाणा से आती हैं, जो भारत के खेल मानचित्र पर लंबे समय से एक प्रमुख राज्य रहा है।

आने वाले समय में शर्मिला की नज़र अगले बड़े अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स आयोजनों पर होगी, जहाँ वे इस स्वर्णिम प्रदर्शन को और आगे ले जाने का प्रयास करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय पैरा खेलों की बदलती तस्वीर का प्रमाण है — टोक्यो और पेरिस पैरालंपिक की सफलताओं के बाद अब कॉमनवेल्थ मंच पर भी तिरंगा लहराया। हालाँकि राजनीतिक बधाइयों की बाढ़ स्वाभाविक है, असली सवाल यह है कि क्या इन एथलीटों को मिलने वाले प्रशिक्षण बुनियादी ढाँचे और वित्तीय समर्थन में भी उतनी ही तेज़ी आई है। हरियाणा जैसे राज्यों ने खेल नीति में निवेश किया है, लेकिन पैरा एथलीटों के लिए समर्पित सुविधाएँ अभी भी सामान्य एथलीटों की तुलना में पीछे हैं। शर्मिला की उपलब्धि उस नीतिगत प्राथमिकता की माँग करती है जो बधाई संदेशों से आगे जाए।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शर्मिला धनखड़ ने ग्लासगो में कौन-सा पदक जीता?
शर्मिला धनखड़ ने 28 जुलाई 2026 को ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला शॉट पुट F57 स्पर्धा में 9.81 मीटर का थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता। वे पैरा एथलेटिक्स में कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बनीं।
शॉट पुट F57 कैटेगरी क्या होती है?
F57 पैरा एथलेटिक्स की एक वर्गीकरण श्रेणी है जिसमें वे एथलीट भाग लेते हैं जो व्हीलचेयर पर बैठकर थ्रोइंग इवेंट में हिस्सा लेते हैं और जिनके पैरों में आंशिक कार्यक्षमता होती है। यह श्रेणी अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति के मानकों के अनुसार निर्धारित होती है।
शर्मिला धनखड़ की जीत पर किन-किन नेताओं ने बधाई दी?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर बधाई संदेश दिए।
क्या यह कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा एथलेटिक्स में भारत का पहला गोल्ड है?
हाँ, शर्मिला धनखड़ की यह जीत कॉमनवेल्थ गेम्स की पैरा एथलेटिक्स स्पर्धाओं में भारत का पहला स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारतीय पैरा एथलीटों ने पैरालंपिक खेलों में पदक जीते थे, लेकिन कॉमनवेल्थ पैरा एथलेटिक्स में यह ऐतिहासिक उपलब्धि पहली बार हासिल हुई है।
शर्मिला धनखड़ कहाँ से हैं?
शर्मिला धनखड़ हरियाणा से हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उन्हें 'हरियाणा की पैरा एथलीट' बताते हुए बधाई दी और कहा कि उनके प्रदर्शन ने देश और हरियाणा दोनों का नाम रोशन किया है।
राष्ट्र प्रेस
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