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मीराबाई चानू का तीसरा स्वर्ण, शर्मिला धनखड़ ने रचा इतिहास — तीनों चैंपियन अहमदाबाद एक्सपीरियंस सेंटर पहुंचे

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मीराबाई चानू का तीसरा स्वर्ण, शर्मिला धनखड़ ने रचा इतिहास — तीनों चैंपियन अहमदाबाद एक्सपीरियंस सेंटर पहुंचे

सारांश

मीराबाई चानू की वेटलिफ्टिंग हैट्रिक, शर्मिला धनखड़ की 20 साल के इंतज़ार को खत्म करने वाली पैरा-एथलेटिक्स जीत और दिलीप गवित का 10.71 सेकंड का सुनहरा दौड़ — तीनों चैंपियन ग्लासगो के अहमदाबाद एक्सपीरियंस सेंटर पहुँचे और 2026 की मेज़बानी का जश्न मनाया।

मुख्य बातें

मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक जीता।
शर्मिला धनखड़ ने शॉट पुट F57 में 9.81 मीटर के सीज़न-बेस्ट प्रयास से स्वर्ण जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स पैरा-एथलेटिक्स में भारत का 20 साल का इंतज़ार समाप्त किया।
दिलीप गवित ने 100 मीटर T47 में 10.71 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता।
जूडो में भारत को 2 स्वर्ण और 1 रजत ; 5 मुक्केबाज़ फाइनल में, कम-से-कम 5 रजत पदक पक्के।
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की मेज़बानी के लिए अहमदाबाद का प्रचार कर रहे हैं।

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में 31 जुलाई का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक रहा। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू, पैरा-एथलीट शर्मिला धनखड़ और दिलीप गवित — तीनों स्वर्ण पदक विजेताओं ने ग्लासगो में स्थापित अहमदाबाद एक्सपीरियंस सेंटर (पेवेलियन) का दौरा किया, जहाँ उन्होंने गुजराती संस्कृति की झलक देखी और कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की मेज़बानी के लिए अहमदाबाद के प्रति उत्साह जताया। इस अवसर पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उपस्थित रहे, जो एथलीटों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ अहमदाबाद में होने वाले अगले कॉमनवेल्थ गेम्स के प्रचार में जुटे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

शुक्रवार को भारत के लिए जूडो में दो स्वर्ण और एक रजत पदक आया। इसके अलावा 5 मुक्केबाज़ों ने अपने-अपने वर्ग के फाइनल में जगह बनाकर कम-से-कम 5 रजत पदक सुनिश्चित कर लिए। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय दल पदक तालिका में अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश में है।

मीराबाई चानू की ऐतिहासिक हैट्रिक

मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। एक्सपीरियंस सेंटर पहुँचने पर उन्होंने कहा, 'हम यहाँ आकर बहुत खुश हैं। गुजरात की संस्कृति देखने का मौका मिला, इसके लिए मैं सर को धन्यवाद देना चाहती हूँ।' उन्होंने यह भी कहा कि भारत में अगला कॉमनवेल्थ गेम्स होने पर हमें गर्व है और हम पूरी कोशिश करेंगे कि अच्छा प्रदर्शन करें और देश का नाम और ऊँचा करें।

शर्मिला धनखड़ — भारत की पहली पैरा-एथलेटिक्स स्वर्ण विजेता

शर्मिला धनखड़ ने ग्लासगो में महिलाओं की शॉट पुट F57 स्पर्धा में 9.81 मीटर के सीज़न-बेस्ट प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता। गौरतलब है कि वे कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा-एथलेटिक्स स्वर्ण जीतने वाली भारत की पहली एथलीट बनीं और इस जीत ने पैरा-एथलेटिक्स पदक के लिए भारत के 20 साल के इंतज़ार को समाप्त किया।

दिलीप गवित की 10.71 सेकंड की उड़ान

पैरा-एथलीट दिलीप गवित ने पुरुषों की 100 मीटर T47 एथलेटिक्स स्पर्धा में 10.71 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। एक्सपीरियंस सेंटर पर उन्होंने कहा, 'यहाँ आकर बहुत अच्छा लग रहा है। उपमुख्यमंत्री ने मुझे गले लगाया, मुझे बहुत अच्छा लगा।'

अहमदाबाद 2026 की तैयारी

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ग्लासगो में अहमदाबाद एक्सपीरियंस सेंटर के ज़रिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की मेज़बानी का प्रचार कर रहे हैं। पेवेलियन में गुजराती संस्कृति, खान-पान और कला की झलक दी गई है, जो अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को अहमदाबाद से परिचित कराने की कोशिश है। भारत के शीर्ष एथलीटों की इस पेवेलियन में उपस्थिति ने इसे एक बड़े प्रचार अवसर में बदल दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत के पैरा-खेल ढाँचे की दशकों की अनदेखी पर एक सवाल भी है — 20 साल का इंतज़ार यह बताता है कि पैरा-एथलेटिक्स को मुख्यधारा की नीति में वह स्थान नहीं मिला जिसका वह हकदार था। मीराबाई चानू की तीसरी हैट्रिक प्रेरणादायक है, लेकिन यह भी सोचने वाली बात है कि वेटलिफ्टिंग के बाहर भारत के पास कितने ऐसे 'सीरियल चैंपियन' हैं। अहमदाबाद एक्सपीरियंस सेंटर एक चतुर कूटनीतिक कदम है, पर 2026 की वास्तविक परीक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर और पैरा-खेलों के समावेश पर होगी।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कितने स्वर्ण पदक जीते हैं?
मीराबाई चानू ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग में लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीता है। यह उनकी कॉमनवेल्थ गेम्स में हैट्रिक है।
शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स में क्या इतिहास रचा?
शर्मिला धनखड़ ग्लासगो में महिलाओं की शॉट पुट F57 स्पर्धा में 9.81 मीटर के सीज़न-बेस्ट प्रयास के साथ स्वर्ण जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स पैरा-एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली एथलीट बनीं। इस जीत ने पैरा-एथलेटिक्स पदक के लिए भारत का 20 साल का इंतज़ार खत्म किया।
दिलीप गवित ने ग्लासगो में कौन-सी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता?
पैरा-एथलीट दिलीप गवित ने पुरुषों की 100 मीटर T47 एथलेटिक्स स्पर्धा में 10.71 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता।
अहमदाबाद एक्सपीरियंस सेंटर ग्लासगो में क्यों बनाया गया है?
यह पेवेलियन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की मेज़बानी के लिए अहमदाबाद के प्रचार-प्रसार हेतु बनाया गया है। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी इसके ज़रिए गुजराती संस्कृति और अहमदाबाद की मेज़बानी क्षमता को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने पेश कर रहे हैं।
31 जुलाई को ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?
31 जुलाई को भारत के लिए जूडो में 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक आए। इसके अलावा 5 मुक्केबाज़ों ने अपने-अपने वर्ग के फाइनल में जगह बनाकर कम-से-कम 5 रजत पदक सुनिश्चित किए।
राष्ट्र प्रेस
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