CWG 2026: पैरा स्पोर्ट्स में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन — 3 गोल्ड, 2 सिल्वर, 2 ब्रॉन्ज के साथ 7 मेडल
सारांश
मुख्य बातें
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पैरा इवेंट्स में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज करते हुए कुल 7 मेडल जीते — जिनमें 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल हैं। ग्लासगो में 1 अगस्त 2026 को समाप्त हुए इस अभियान में भारतीय पैरा एथलीटों ने तीन अलग-अलग स्पर्धाओं में पोडियम पर दोहरी उपस्थिति दर्ज की।
मुख्य घटनाक्रम
झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला मेडल जीतकर अभियान की शुरुआत की। दो ग्रुप में विभाजित पावरलिफ्टिंग मुकाबले में झंडू ने 130.9 के बेस्ट रिजल्ट के साथ ग्रुप-बी में शीर्ष स्थान हासिल किया, युगांडा के डेनिस म्बाजीरा (114.1) और ऑस्ट्रेलिया के बेन राइट (110.9) को पीछे छोड़ते हुए।
हालाँकि, कंबाइंड स्टैंडिंग में नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने 132.8 की बेस्ट ओवरऑल लिफ्ट के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने 131.0 के साथ सिल्वर जीता, जबकि झंडू की 130.9 की लिफ्ट ब्रॉन्ज के लिए पर्याप्त रही — वे सिल्वर से महज 0.1 के अंतर से चूके।
महिला शॉट पुट F57: गोल्ड और ब्रॉन्ज का डबल
महिलाओं की शॉट पुट F57 स्पर्धा में भारत को एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल मिला। पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने फाइनल में 9.81 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए पहला स्थान हासिल किया। शिल्पा कंचुगरकोप्पालु शायला ने 7.26 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। घाना की जिनाबु इसाह ने 8.65 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर अपने नाम किया।
पुरुष 100 मीटर T47: गोल्ड-सिल्वर की जोड़ी
पुरुषों की 100 मीटर T47 दौड़ में भारत ने गोल्ड और सिल्वर दोनों मेडल जीतकर शानदार डबल पोडियम फिनिश हासिल की। दिलीप महादु गावित ने 10.71 सेकंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनाकथ ने 10.83 सेकंड के साथ सिल्वर अपने नाम किया। इंग्लैंड के केविन सैंटोस ने 10.85 सेकंड के साथ ब्रॉन्ज जीता।
पुरुष शॉट पुट F57: एक और डबल पोडियम
पुरुषों की शॉट पुट F57 स्पर्धा में भी भारत ने दो मेडल जीते। सोमन राणा ने 13.40 मीटर के विजयी थ्रो के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। शुभम जुयाल ने अपने अंतिम प्रयास में 13.28 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल पक्का किया। कैमरून के सेड्रिक इड्रिस लेकेजो अजमदजी ने 12.57 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ ब्रॉन्ज जीता।
आम जनता और खेल जगत पर असर
यह प्रदर्शन भारतीय पैरा स्पोर्ट्स के बढ़ते कद को रेखांकित करता है। तीन स्पर्धाओं में डबल पोडियम फिनिश यह दर्शाता है कि भारत अब केवल प्रतिभागी नहीं, बल्कि पैरा एथलेटिक्स में एक प्रमुख ताकत बन चुका है। यह प्रदर्शन 2028 लॉस एंजेलेस पैरालंपिक्स से पहले भारतीय पैरा एथलीटों के लिए बड़े मंच पर आत्मविश्वास का संचार करेगा।