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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: PCI ने ग्लासगो के 7 पैरा पदक विजेताओं को नई दिल्ली में किया सम्मानित

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: PCI ने ग्लासगो के 7 पैरा पदक विजेताओं को नई दिल्ली में किया सम्मानित

सारांश

ग्लासगो 2026 में 3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य के साथ भारत ने किसी एक कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना सर्वश्रेष्ठ पैरा प्रदर्शन दर्ज किया। PCI ने नई दिल्ली में इन 7 पदक विजेताओं और उनके कोचों को सम्मानित किया — एक ऐसे मूवमेंट की शुरुआत जो 2028 पैरालंपिक की नींव बन सकती है।

मुख्य बातें

पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) ने 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पैरा पदक विजेताओं को सम्मानित किया।
भारत ने ग्लासगो 2026 में पैरा इवेंट्स में 7 पदक — 3 स्वर्ण, 2 रजत, 2 कांस्य — जीते, जो किसी एक संस्करण में देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
स्वर्ण पदक विजेताओं में शर्मिला धनखड़ (विमेंस शॉट पुट F57), सोमन राणा (मेन्स शॉट पुट F57) और दिलीप मनाडू गावित (100 मीटर T47) शामिल हैं।
समारोह PCI और M3M फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ; कोचों और सपोर्ट स्टाफ को भी सम्मानित किया गया।
PCI अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने इसे एथलीटों, कोचों और पूरे सपोर्ट सिस्टम की वर्षों की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) ने 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में एक विशेष समारोह में उन पैरा एथलीटों और उनके कोचों को सम्मानित किया, जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026, ग्लासगो में 7 पदक जीतकर इतिहास रचा। यह किसी एक कॉमनवेल्थ गेम्स संस्करण में भारतीय पैरा एथलीटों का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

ऐतिहासिक पदक तालिका

भारत ने ग्लासगो 2026 के पैरा इवेंट्स में कुल 7 पदक हासिल किए — 3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य। यह उपलब्धि पिछले सभी कॉमनवेल्थ संस्करणों में भारत के पैरा प्रदर्शन से बेहतर है और देश में पैरा खेलों की बढ़ती ताकत का संकेत है।

सम्मानित एथलीट और उनकी उपलब्धियाँ

समारोह में निम्नलिखित पैरा एथलीटों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया:

शर्मिला धनखड़ — विमेंस शॉट पुट F57 में स्वर्ण पदक; शिल्पा शायला — विमेंस शॉट पुट F57 में कांस्य पदक; झंडू कुमार — पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक; सोमन राणा — मेन्स शॉट पुट F57 में स्वर्ण पदक; शुभम जुयाल — मेन्स शॉट पुट F57 में रजत पदक; दिलीप मनाडू गावित — 100 मीटर T47 में स्वर्ण पदक; और मोहम्मद बासिल — मेन्स 100 मीटर T47 में रजत पदक

समारोह में कोचों और सपोर्ट स्टाफ के योगदान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया, जिनकी भूमिका इन एथलीटों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता दिलाने में निर्णायक रही।

PCI अध्यक्ष और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

PCI अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा, 'हमारे एथलीटों ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया है कि पक्का इरादा, हिम्मत और कड़ी मेहनत से क्या हासिल किया जा सकता है। यह ऐतिहासिक प्रदर्शन सिर्फ मेडल टैली नहीं है — यह हमारे एथलीटों, कोचों और पूरे सपोर्ट सिस्टम के वर्षों की प्रतिबद्धता का सबूत है।' उन्होंने M3M फाउंडेशन को पैरालंपिक मूवमेंट के साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए धन्यवाद दिया।

डॉ. पायल कनोडिया ने कहा, 'ग्लासगो में जीता गया हर पदक एक खेल की उपलब्धि से कहीं ज्यादा है। यह असाधारण हिम्मत, पक्के इरादे और इंसानी इच्छाशक्ति की कभी न हारने वाली भावना का सबूत है।' उन्होंने एथलीट-केंद्रित खेल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के अपने लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि यह कामयाबी मंजिल नहीं, बल्कि एक बड़े मूवमेंट की शुरुआत है।

M3M फाउंडेशन की भागीदारी

यह सम्मान समारोह PCI और M3M फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। झाझरिया ने कहा कि ऐसी साझेदारियाँ एथलीटों को बड़े सपने देखने और अधिक सफलता पाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

आगे की राह

यह ऐतिहासिक प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब भारत में पैरा खेलों को लेकर जागरूकता और संस्थागत समर्थन दोनों बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि 2024 पेरिस पैरालंपिक में भी भारत ने रिकॉर्ड पदक जीते थे। अब ध्यान 2028 लॉस एंजेलिस पैरालंपिक की तैयारियों पर केंद्रित होगा, जहाँ इन एथलीटों से और बड़ी उम्मीदें हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह संस्थागत निरंतरता में बदलेगा। पिछले कुछ वर्षों में पैरा एथलीटों को मिलने वाली सुविधाएँ और फंडिंग अनियमित रही हैं — सम्मान समारोह तब होते हैं जब पदक आते हैं, लेकिन तैयारी के वर्षों में समर्थन की कमी बनी रहती है। M3M फाउंडेशन जैसी कॉर्पोरेट साझेदारियाँ स्वागतयोग्य हैं, पर सरकारी खेल बजट में पैरा खेलों की हिस्सेदारी अभी भी उनकी क्षमता के अनुपात में नहीं है। 2028 लॉस एंजेलिस पैरालंपिक की तैयारी इस बात की कसौटी होगी।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने पैरा इवेंट्स में कितने पदक जीते?
भारत ने ग्लासगो 2026 के पैरा इवेंट्स में कुल 7 पदक जीते — 3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य। यह किसी एक कॉमनवेल्थ गेम्स संस्करण में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ पैरा प्रदर्शन है।
PCI का सम्मान समारोह कब और कहाँ आयोजित हुआ?
पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) ने 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में यह सम्मान समारोह आयोजित किया। इसका आयोजन M3M फाउंडेशन के सहयोग से किया गया था।
ग्लासगो 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय पैरा एथलीट कौन हैं?
तीन भारतीय पैरा एथलीटों ने स्वर्ण पदक जीते — शर्मिला धनखड़ (विमेंस शॉट पुट F57), सोमन राणा (मेन्स शॉट पुट F57) और दिलीप मनाडू गावित (100 मीटर T47)।
PCI अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने इस उपलब्धि पर क्या कहा?
PCI अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा कि यह ऐतिहासिक प्रदर्शन सिर्फ मेडल टैली नहीं, बल्कि एथलीटों, कोचों और पूरे सपोर्ट सिस्टम की वर्षों की प्रतिबद्धता का सबूत है। उन्होंने M3M फाउंडेशन को पैरालंपिक मूवमेंट के साथ खड़े रहने के लिए धन्यवाद दिया।
भारत के पैरा खेलों के लिए आगे क्या लक्ष्य है?
डॉ. पायल कनोडिया के अनुसार, यह उपलब्धि मंजिल नहीं बल्कि शुरुआत है — लक्ष्य भारत को पैरा खेलों में एक वैश्विक पावरहाउस बनाना है। अगला बड़ा लक्ष्य 2028 लॉस एंजेलिस पैरालंपिक है, जहाँ इन एथलीटों से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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