6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: PCI ने ग्लासगो के 7 पदक विजेता पैरा एथलीटों को किया सम्मानित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: PCI ने ग्लासगो के 7 पदक विजेता पैरा एथलीटों को किया सम्मानित

सारांश

ग्लासगो 2026 में 3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य — किसी एक कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का सर्वश्रेष्ठ पैरा प्रदर्शन। PCI ने नई दिल्ली में सम्मान समारोह आयोजित कर इन चैंपियंस को पहचाना। यह सिर्फ पदकों की गिनती नहीं, 2028 पैरालंपिक्स की ओर भारत के बढ़ते कदमों का संकेत है।

मुख्य बातें

पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) ने 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पैरा पदक विजेताओं का सम्मान किया।
भारत ने ग्लासगो 2026 में पैरा इवेंट्स में 7 पदक ( 3 स्वर्ण, 2 रजत, 2 कांस्य ) जीते — किसी एक संस्करण में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन।
स्वर्ण पदक विजेताओं में शर्मिला धनखड़ (शॉट पुट F57), सोमन राणा (शॉट पुट F57) और दिलीप मनाडू गावित (100 मीटर T47) शामिल हैं।
समारोह PCI और M3M फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित हुआ; कोचों और सपोर्ट स्टाफ को भी सराहा गया।
PCI अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया और डॉ.
पायल कनोडिया ने भारत को पैरा खेलों में वैश्विक पावरहाउस बनाने का संकल्प दोहराया।

पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) ने 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में एक विशेष समारोह आयोजित कर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026, ग्लासगो में पदक जीतने वाले भारतीय पैरा एथलीटों और उनके कोचों को सम्मानित किया। भारत ने इस संस्करण में पैरा इवेंट्स में 7 पदक3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य — जीतकर किसी एक कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ पैरा प्रदर्शन दर्ज किया।

पदक विजेता एथलीट और उनकी उपलब्धियाँ

समारोह में सम्मानित एथलीटों की सूची में शर्मिला धनखड़ (महिला शॉट पुट F57, स्वर्ण), शिल्पा शायला (महिला शॉट पुट F57, कांस्य), झंडू कुमार (पैरा पावरलिफ्टिंग, कांस्य), सोमन राणा (पुरुष शॉट पुट F57, स्वर्ण), शुभम जुयाल (पुरुष शॉट पुट F57, रजत), दिलीप मनाडू गावित (100 मीटर T47, स्वर्ण) और मोहम्मद बासिल (पुरुष 100 मीटर T47, रजत) शामिल थे।

यह समारोह PCI और M3M फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें कोचों और सपोर्ट स्टाफ के योगदान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

PCI अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया का संबोधन

PCI अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने इस अवसर पर कहा, 'हमारे एथलीटों ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया है कि पक्का इरादा, हिम्मत और कड़ी मेहनत से क्या हासिल किया जा सकता है। यह ऐतिहासिक प्रदर्शन सिर्फ मेडल टैली नहीं है — यह हमारे एथलीटों, कोचों और पूरे सपोर्ट सिस्टम के वर्षों की प्रतिबद्धता का सबूत है।'

झाझरिया ने M3M फाउंडेशन को पैरालंपिक आंदोलन के साथ खड़े रहने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसी साझेदारियाँ एथलीटों को बड़े सपने देखने और अधिक सफलता पाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

डॉ. पायल कनोडिया का दृष्टिकोण

डॉ. पायल कनोडिया ने कहा कि ग्लासगो में मिली उपलब्धियाँ भारत के पैरा एथलीटों की हिम्मत और लगन को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा, 'ग्लासगो में जीता गया हर पदक एक खेल की उपलब्धि से कहीं ज़्यादा है — यह असाधारण हिम्मत, पक्के इरादे और इंसानी इच्छाशक्ति की कभी न हारने वाली भावना का सबूत है।'

कनोडिया ने एक समावेशी, एथलीट-केंद्रित स्पोर्टिंग इकोसिस्टम बनाने का लक्ष्य रेखांकित किया, जो हर पैरा एथलीट को विश्व-स्तरीय अवसर, इंफ्रास्ट्रक्चर और सपोर्ट प्रदान करे।

आम जनता और पैरा खेलों पर असर

गौरतलब है कि भारत के पैरा खेलों में यह उभार तब आया है जब 2024 पेरिस पैरालंपिक्स में भी देश ने रिकॉर्ड पदक जीते थे। ग्लासगो का प्रदर्शन इस निरंतरता को और पुख्ता करता है। कनोडिया ने स्पष्ट किया कि 'यह मंजिल नहीं, बल्कि भारत को पैरा खेलों में वैश्विक पावरहाउस बनाने की एक बड़ी मुहिम की शुरुआत है।'

आने वाले वर्षों में 2028 लॉस एंजेलेस पैरालंपिक्स को ध्यान में रखते हुए PCI की यह पहल भारतीय पैरा एथलीटों की तैयारी और मनोबल दोनों को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह गति संस्थागत ढाँचे में तब्दील होगी या सिर्फ समारोहों तक सिमटी रहेगी। भारत के पैरा एथलीट अक्सर व्यक्तिगत जुझारूपन के बल पर पदक जीतते हैं, न कि विश्व-स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण। M3M फाउंडेशन जैसी कॉर्पोरेट साझेदारियाँ स्वागत-योग्य हैं, पर सरकारी खेल बजट में पैरा खेलों की हिस्सेदारी अभी भी अनुपातहीन रूप से कम है। 2028 लॉस एंजेलेस पैरालंपिक्स की तैयारी के लिए PCI को सम्मान समारोहों से आगे बढ़कर दीर्घकालिक प्रशिक्षण और पुनर्वास नीति पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने पैरा इवेंट्स में कितने पदक जीते?
भारत ने ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के पैरा इवेंट्स में कुल 7 पदक जीते — 3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य। यह किसी एक कॉमनवेल्थ गेम्स संस्करण में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ पैरा प्रदर्शन है।
PCI के सम्मान समारोह में किन एथलीटों को सम्मानित किया गया?
समारोह में शर्मिला धनखड़ (स्वर्ण, महिला शॉट पुट F57), सोमन राणा (स्वर्ण, पुरुष शॉट पुट F57), दिलीप मनाडू गावित (स्वर्ण, 100 मीटर T47), शुभम जुयाल (रजत, पुरुष शॉट पुट F57), मोहम्मद बासिल (रजत, पुरुष 100 मीटर T47), शिल्पा शायला (कांस्य, महिला शॉट पुट F57) और झंडू कुमार (कांस्य, पैरा पावरलिफ्टिंग) को सम्मानित किया गया।
PCI का यह सम्मान समारोह कहाँ और कब आयोजित हुआ?
यह समारोह 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में PCI और M3M फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इसमें एथलीटों के साथ-साथ कोचों और सपोर्ट स्टाफ को भी सराहा गया।
देवेंद्र झाझरिया ने इस उपलब्धि पर क्या कहा?
PCI अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा कि यह ऐतिहासिक प्रदर्शन सिर्फ मेडल टैली नहीं, बल्कि एथलीटों, कोचों और पूरे सपोर्ट सिस्टम के वर्षों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने M3M फाउंडेशन की साझेदारी को पैरालंपिक आंदोलन के लिए अहम बताया।
भारत के पैरा खेलों के भविष्य के लिए यह प्रदर्शन क्यों महत्वपूर्ण है?
ग्लासगो 2026 का यह रिकॉर्ड प्रदर्शन 2024 पेरिस पैरालंपिक्स की सफलता के बाद भारतीय पैरा खेलों में निरंतरता को दर्शाता है। डॉ. पायल कनोडिया के अनुसार, यह भारत को पैरा खेलों में वैश्विक पावरहाउस बनाने की बड़ी मुहिम की शुरुआत है, जो 2028 लॉस एंजेलेस पैरालंपिक्स की तैयारी के लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 22 घंटे पहले
  2. 22 घंटे पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले