सीडब्ल्यूजी 2026 गोल्ड मेडलिस्ट शर्मिला धनखड़ पहुंचीं छिथरोली, ढोल-नगाड़ों से हुआ ऐतिहासिक स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की विमेंस शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वालीं शर्मिला धनखड़ शनिवार, 8 अगस्त 2026 को हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में अपने पैतृक गांव छिथरोली लौटीं, जहां सैकड़ों ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों की थाप और 'भारत माता की जय' के जयघोष के बीच गांव की इस बेटी का सम्मान समारोह अविस्मरणीय बन गया।
भव्य रोड शो और स्वागत यात्रा
शर्मिला दोपहर करीब 12 बजे भड़फ बस स्टैंड पहुंचीं, जहां ग्रामीणों ने उनका पहला अभिनंदन किया। इसके बाद डीजे की धुन पर एक भव्य रोड शो निकाला गया, जिसमें करीब 40-50 मोटरसाइकिल और 20-25 वाहन शामिल रहे। यह विजय काफिला कनीना मंडी, अंबेडकर चौक, बस स्टैंड कनीना, गाहड़ा और सीहोर होते हुए दोपहर करीब 2 बजे छिथरोली पहुंचा। रास्ते भर जगह-जगह खेल प्रेमियों और ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से 'गोल्डन गर्ल' का अभिनंदन किया।
पहली शिक्षिका से भावुक मुलाकात
गांव पहुंचते ही शर्मिला सबसे पहले एसडीएम स्कूल गईं, जहां विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। शर्मिला अपनी पहली शिक्षिका और प्राचार्या रेखा दांगी से गले मिलीं और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि वह जीवनभर अपने गुरुजनों की ऋणी रहेंगी।
शर्मिला धनखड़ की संघर्ष गाथा
सम्मान समारोह में शर्मिला ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जीत हासिल करने के बाद यह पहला ऐसा सम्मान है। उन्होंने खुलासा किया कि खेल की तैयारी के लिए उनके परिवार को अपना घर तक बेचना पड़ा था। अब एक निजी कंपनी ने रेवाड़ी में जमीन खरीदकर नया मकान बनाकर देने का वादा किया है। इसके अलावा, एक अन्य निजी कंपनी ने गांव में गरीब, असहाय, अनाथ और दिव्यांग बच्चों के लिए आश्रम खोलने का प्रस्ताव भी दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब पैरा-एथलीटों के संघर्ष की कहानियाँ राष्ट्रीय विमर्श में बार-बार सामने आती रही हैं।
विधायक की बधाई और खेल नीति पर जोर
रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण यादव ने कहा कि शर्मिला ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर गांव का नाम विश्व पटल पर पहुंचाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि शर्मिला भविष्य में एशियन गेम्स में भी देश के लिए पदक जीतेंगी। यादव ने कहा कि हरियाणा की खेल नीति के कारण प्रदेश के खिलाड़ी देश और दुनिया में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
स्टेडियम में जलभराव, ग्रामीणों की माँग
ग्रामीणों के अनुसार शर्मिला धनखड़ महेंद्रगढ़ जिले की कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली एकमात्र महिला खिलाड़ी हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बावजूद सम्मान समारोह के लिए राजीव गांधी खेल स्टेडियम तैयार नहीं हो सका, क्योंकि बरसात के कारण स्टेडियम परिसर में पानी भर गया था। इसके चलते आयोजन एक निजी समारोह स्थल पर करना पड़ा। ग्रामीणों ने माँग की है कि स्टेडियम से जलभराव दूर कर उचित सफाई, रखरखाव और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि भविष्य के खिलाड़ियों को बेहतर माहौल मिल सके। गौरतलब है कि यह मसला केवल एक स्टेडियम का नहीं, बल्कि ग्रामीण खेल ढाँचे और खिलाड़ियों के सम्मान से जुड़ा व्यापक सवाल है।