शिल्पा शायला का बेंगलुरु में भव्य स्वागत, CWG 2026 ब्रॉन्ज के बाद बोलीं — 'देश के लिए और मेडल जीतूंगी'
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक की पैरा-एथलीट शिल्पा कंचुगरकोप्पालु शायला का 6 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में भव्य स्वागत किया गया, जब वे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिला एफ57 शॉट पुट स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर स्वदेश लौटीं। कर्नाटक सरकार ने उन्हें विशेष सम्मान देते हुए उनकी उपलब्धि को राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया।
शिल्पा का संकल्प
एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए शिल्पा शायला ने कहा, 'मैं सभी का दिल से शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। एयरपोर्ट पर पहुंचते ही सभी ने मेरा बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया। इससे मुझे काफी खुशी और गर्व महसूस हुआ। मैं इसी तरह आपका भरोसा जीतती रहूंगी। मैं अपने देश और कर्नाटक के लिए और भी कई मेडल जीतूंगी।' उनके इस संकल्प ने स्वागत में उपस्थित समर्थकों में जोश भर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने किया सम्मान
एक दिन पूर्व, बुधवार को केंद्रीय इस्पात और भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शिल्पा के साथ उनके कोच सत्यनारायण और पुष्पा निरंजन प्रसाद को भी सम्मानित किया। मंत्री ने इस उपलब्धि को कर्नाटक और पूरे देश के लिए प्रेरणादायक बताते हुए शिल्पा को युवा पीढ़ी का आदर्श करार दिया।
प्रतियोगिता का विवरण
28 जुलाई की देर रात हुई महिला शॉट पुट एफ57 फाइनल में शिल्पा ने 8.65 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ ब्रॉन्ज पदक जीता। उनके प्रयासों का क्रम 6.69, 6.95, 7.26, 6.91 और 7.09 मीटर रहा; छठा प्रयास अमान्य घोषित किया गया। इसी स्पर्धा में भारत की शर्मिला धनखड़ ने 9.81 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता — उनके छह प्रयास 9.48, 9.58, 9.81, 9.17, 9.37 और 9.60 मीटर रहे। घाना की जिनाबु इसाह ने 8.65 मीटर के प्रयास से रजत पदक हासिल किया।
भारत का समग्र प्रदर्शन
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कुल 39 पदक — 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य — जीतकर मेडल टैली में चौथा स्थान प्राप्त किया। इस अभियान में पैरा-एथलीटों का योगदान उल्लेखनीय रहा — उन्होंने कुल 7 पदक (3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य) जीते। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में पैरा-खेलों को मुख्यधारा में लाने की माँग लगातार बढ़ रही है।
आगे की राह
शिल्पा शायला की यह सफलता कर्नाटक में पैरा-खेलों के प्रति बढ़ते समर्थन का प्रमाण है। उनके कोचों के साथ मिलकर राज्य सरकार के सम्मान ने यह संदेश दिया है कि खिलाड़ियों के पीछे की पूरी टीम को भी पहचाना जाना चाहिए। आने वाले अंतरराष्ट्रीय पैरा-एथलेटिक्स आयोजनों में शिल्पा की भागीदारी पर सभी की निगाहें रहेंगी।