क्या चंडीगढ़ की विमेंस टीम ने पेंचक सिलाट में गोल्ड जीता?
सारांश
Key Takeaways
- खेलो इंडिया की बढ़ती लोकप्रियता
- महिलाओं का खेलों में योगदान
- चंडीगढ़ की टीम का अद्भुत प्रदर्शन
- गोल्ड मेडल की महत्वता
- युवाओं को प्रेरित करने वाला प्लेटफॉर्म
दमन और दीव, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 'खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026' के तीसरे दिन चंडीगढ़ की सिमरन और सोनिया ने बुधवार को घोगला बीच पर पेंचक सिलाट में महिलाओं के गंडा डबल्स फाइनल में दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव की अनुष्का सिंह और अंशु कुमारी को हराकर गोल्ड अपने नाम किया।
चंडीगढ़ की गोल्ड मेडलिस्ट सोनिया ने कहा, "मैंने यहाँ चंडीगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व किया। गंडा डबल इवेंट में दो खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। मैंने इसमें गोल्ड मेडल जीता। यह एक नया और रोमांचक अनुभव था।"
गोल्ड मेडलिस्ट सिमरन ने कहा, "मैंने बीच गेम्स में चंडीगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए गंडा इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। चैंपियन बनने पर हमें बहुत अच्छा लग रहा है। बीच गेम्स खिलाड़ियों के लिए बहुत अच्छी सुविधाओं के साथ एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म प्रदान करते हैं।"
दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव की सिल्वर मेडलिस्ट अनुष्का सिंह ने कहा, "पेंचक सिलाट में हिस्सा लेना बहुत अच्छा लग रहा है। हमने गोल्ड मेडल जीतने की कोशिश की, लेकिन कोई बात नहीं, मैंने सिल्वर जीता। हम इससे बहुत खुश हैं। हमने तय किया है कि अगले साल हम गोल्ड का लक्ष्य रखेंगे और उसे जीतेंगे। खेलो इंडिया प्लेटफॉर्म बहुत अच्छा है। इसने हमें कई मौके दिए हैं। हम इसकी बहुत सराहना करते हैं। इस सपोर्ट के लिए खेलो इंडिया के बहुत आभारी हैं।"
पेंचक सिलाट में सिल्वर मेडल जीतने वाली अंशु कुमारी ने कहा, "मैं अपने कोच, मास्टर हिलिया थॉमस और एलेक्स सर को धन्यवाद देना चाहती हूं, जिन्होंने मुझे यहाँ खेलने का मौका दिया। मैंने इस खेल में सिल्वर मेडल जीता है।"
'खेलो इंडिया बीच गेम्स' (केआइबीजी) में खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा है। 5-10 जनवरी के बीच केआइबीजी के दूसरे सीजन में वॉलीबॉल, पेंचक सिलाट, ओपन वाटर स्विमिंग, मल्लखंब, फुटबॉल, सेपक टकरा, कबड्डी और रस्साकशी शामिल हैं, जिसमें मल्लखंब और रस्साकशी के अलावा, सभी अन्य खेलों में 32 गोल्ड मेडल दांव पर लगे हैं। इसमें करीब 1,100 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।