मध्य प्रदेश के दीदियों द्वारा निर्मित विशेष होली हैम्पर, सीएम ने दिखाई हरी झंडी

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मध्य प्रदेश के दीदियों द्वारा निर्मित विशेष होली हैम्पर, सीएम ने दिखाई हरी झंडी

सारांश

मध्य प्रदेश की दीदियों ने विशेष होली हैम्पर तैयार किया है, जिसमें प्राकृतिक रंग और अन्य सामग्री शामिल हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इन हैम्परों को लेकर सात वाहनों को हरी झंडी दिखाई है। जानिए इस पहल के बारे में।

Key Takeaways

  • मध्य प्रदेश की दीदियों ने विशेष होली हैम्पर का निर्माण किया।
  • मुख्यमंत्री ने सात वाहनों को हरी झंडी दिखाई।
  • स्पेशल होली हैम्पर में प्राकृतिक रंग और अन्य सामग्री शामिल हैं।
  • महिलाओं का सशक्तिकरण आजीविका मिशन का मुख्य उद्देश्य है।
  • स्व-सहायता समूहों ने 310 करोड़ का व्यापार किया।

भोपाल, 25 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। रंगों का पर्व होली नजदीक है और इस बार इसे प्राकृतिक रंगों से मनाने का संकल्प लिया गया है। आम नागरिकों के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता को सुनिश्चित करने हेतु मध्य प्रदेश की ग्रामीण आजीविका मिशन की दीदियों ने एक विशेष होली हैम्पर तैयार किया है। इन हैम्परों को लेकर राजधानी से आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के सात वाहनों को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की दीदियों द्वारा तैयार स्पेशल होली हैम्पर का विमोचन किया गया। इस हैम्पर में प्राकृतिक रंग, देशी घी, मिठाई, गोकाष्ठ, पूजा सामग्री और टी-शर्ट जैसे 10 उत्पाद शामिल हैं। उज्जैन, सागर, कटनी, सीहोर और रीवा जिलों की दीदियों द्वारा तैयार होली हैम्पर पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र (सीएमटीसी) का उद्घाटन करते हुए होली हैम्पर वाले सात वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में स्व-सहायता समूहों की आजीविका मिशन क्षमतावर्धन कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि आजीविका मिशन से जुड़ी दीदियां एकता की शक्ति का जीवंत उदाहरण हैं। बहनों द्वारा किए जा रहे प्रयासों ने देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बहनें अब ट्रैक्टर से लेकर ड्रोन तक चला रही हैं और गैस तथा पेट्रोल रिफिलिंग जैसे कार्यों में भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार की मदद से प्रदेश की बहनें सशक्त हो रही हैं। प्रदेश के 5 लाख स्व-सहायता समूहों में 65 लाख से अधिक दीदियां जुड़कर सशक्त बनी हैं। इनमें से 12 लाख से अधिक दीदियां लखपति बन चुकी हैं। राज्य सरकार बहनों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्व-सहायता समूहों ने पिछले वर्ष विभिन्न कंपनियों और मेलों के माध्यम से 310 करोड़ रुपए का व्यापार किया है। मध्य प्रदेश, देश का सर्वाधिक प्राकृतिक खेती वाला राज्य है। स्व-सहायता समूहों की 50 हजार बहनें प्राकृतिक खेती में सक्रिय हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में महिला और बाल विकास विभाग में 26 प्रतिशत की वृद्धि की है। इसके साथ ही बजट का कुल 34 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण विकास पर खर्च किया जाएगा।

इस कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, कौशल विकास मंत्री गौतम टेटवाल और पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह उपस्थित थे। इस अवसर पर विभिन्न जिलों के स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा तैयार विभिन्न उत्पादों के स्टालों का अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री यादव ने आजीविका मार्ट ग्वालियर, जबलपुर एयरपोर्ट पर स्व-सहायता समूहों के रिटेल आउटलेट और संभागीय एवं जिला स्तर पर होली मेलों का वर्चुअल शुभारंभ किया।

Point of View

बल्कि यह दिखाती है कि किस प्रकार महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं।
NationPress
26/02/2026

Frequently Asked Questions

स्पेशल होली हैम्पर में क्या-क्या शामिल है?
इस हैम्पर में प्राकृतिक रंग, देशी घी, मिठाई, गोकाष्ठ, पूजा सामग्री और टी-शर्ट जैसे 10 उत्पाद शामिल हैं।
सीएम ने कब और कहाँ हरी झंडी दिखाई?
सीएम मोहन यादव ने 25 फरवरी को भोपाल में इन वाहनों को हरी झंडी दिखाई।
आजीविका मिशन का उद्देश्य क्या है?
आजीविका मिशन का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
मध्य प्रदेश में प्राकृतिक खेती का क्या महत्व है?
मध्य प्रदेश देश का सर्वाधिक प्राकृतिक खेती वाला राज्य है, जो किसानों की आय में वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।
स्व-सहायता समूहों में कितनी महिलाएँ शामिल हैं?
प्रदेश में 5 लाख स्व-सहायता समूहों में 65 लाख से अधिक दीदियां जुड़ी हुई हैं।
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