केरल में वीज़ा धोखाधड़ी: रेमो सावियो कोरिया गिरफ्तार, कनाडा-ऑस्ट्रेलिया वीज़ा के नाम पर ₹3.25 लाख ठगे
सारांश
मुख्य बातें
पथानामथिट्टा जिले की मलयालापुझा पुलिस ने 15 सितंबर 2026 को एर्नाकुलम से रेमो सावियो कोरिया (उम्र 36 वर्ष) को गिरफ्तार किया, जिस पर कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अन्य यूरोपीय देशों में वर्क वीज़ा एवं नौकरी दिलाने का झूठा वादा करके केरल भर में कई लोगों से लाखों रुपये ठगने का आरोप है। आरोपी को एर्नाकुलम लॉ कॉलेज के निकट मार्केट रोड से पकड़ा गया।
मुख्य घटनाक्रम
आरोपों के अनुसार, रेमो सावियो कोरिया ने मलयालापुझा के एक युवक को कनाडा के लिए वर्क वीज़ा दिलाने के बहाने दिसंबर 2022 में ₹3,25,000 लिए। न तो वीज़ा दिलाया गया और न ही पैसे वापस किए गए। जब पीड़ित को न वीज़ा मिला और न धनराशि वापस हुई, तो उसने मलयालापुझा पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
अनेक थानों में दर्ज हैं मामले
यह कोई पहली शिकायत नहीं थी। आरोपी के खिलाफ केरल के कई पुलिस स्टेशनों में नौकरी और वीज़ा धोखाधड़ी के मामले पहले से दर्ज हैं — जिनमें केलाकम (कन्नूर), माला (तिरुवनंतपुरम), हरिपाद, एर्नाकुलम साउथ, पुथेनवेलिक्कारा और एर्नाकुलम टाउन नॉर्थ शामिल हैं। इन मामलों की बहुलता यह दर्शाती है कि यह कथित धोखाधड़ी एकल घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और लंबे समय से चला आ रहा कार्यक्रम था।
फरार होने के बाद पकड़ा गया
जैसे ही आरोपी को मलयालापुझा पुलिस की जाँच की जानकारी मिली, वह अलग-अलग स्थानों पर छिपने लगा। पुलिस ने व्यापक तलाशी के बाद अंततः एर्नाकुलम में उसका ठिकाना पता लगाया। गिरफ्तारी मलयालापुझा पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर शान एनएस, एससीपीओ डी'क्रूज और सीपीओ श्रीजीत प्रकाश एवं गोपाकुमार की संयुक्त टीम ने अंजाम दी।
न्यायिक कार्यवाही
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। जाँच में अन्य पीड़ितों की पहचान और ठगी की कुल राशि का निर्धारण अभी जारी है।
विदेशी नौकरी धोखाधड़ी का बढ़ता खतरा
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब विदेशों में रोज़गार के नाम पर धोखाधड़ी के मामले केरल में लगातार बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में प्रवासी श्रमिकों की बड़ी तादाद और विदेश में बसने की आकांक्षा का फायदा उठाकर कथित एजेंट संगठित तरीके से ठगी करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर शिकायत और पुलिस सहयोग ही प्रमुख प्रतिरोधक उपाय हैं।