चीन में हाईटेक उद्योग निवेश 5.2% बढ़ा, लिथियम-आयन बैटरी में 20.6% की उछाल
सारांश
मुख्य बातें
चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच देश के उच्च प्रौद्योगिकी (हाईटेक) उद्योग में निवेश पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5.2 प्रतिशत बढ़ा है। बीजिंग में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में राज्य परिषद के सूचना कार्यालय ने यह जानकारी साझा की। यह वृद्धि नीतिगत समर्थन और बाज़ार की बढ़ती मांग, दोनों के संयुक्त प्रभाव को दर्शाती है।
मुख्य क्षेत्रों में निवेश का रुझान
आंकड़ों के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में मुख्य तकनीकों और उनके व्यावहारिक उपयोग की मांग में तेज़ी आई है, जिससे कंपनियाँ संबंधित उद्योग श्रृंखलाओं में निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित हो रही हैं। इलेक्ट्रॉनिक विशेष सामग्री निर्माण उद्योग में निवेश 8.5 प्रतिशत बढ़ा, जबकि एकीकृत सर्किट निर्माण उद्योग में यह वृद्धि 12.0 प्रतिशत रही।
सबसे उल्लेखनीय वृद्धि लिथियम-आयन बैटरी निर्माण उद्योग में दर्ज की गई, जहाँ निवेश 20.6 प्रतिशत बढ़ा। विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे नई ऊर्जा वाहनों (NEV) का तेज़ी से विस्तार और बाज़ार में ऊर्जा भंडारण की मज़बूत माँग प्रमुख कारण हैं।
उपकरण नवीनीकरण नीति का असर
गौरतलब है कि चीन सरकार की बड़े पैमाने पर उपकरण नवीनीकरण नीति का सकारात्मक प्रभाव लगातार सामने आ रहा है। इस नीति के तहत कंपनियाँ अपने उपकरणों के नवीनीकरण, तकनीकी बदलाव और उन्नयन की प्रक्रिया को तेज़ कर रही हैं।
पहले आठ महीनों में उपकरण खरीद में निवेश 9.3 प्रतिशत बढ़ा, और कुल निवेश में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 19.5 प्रतिशत तक पहुँच गई — जो औद्योगिक आधुनिकीकरण की दिशा में एक स्पष्ट संकेत है।
निवेश का नए क्षेत्रों की ओर बदलाव
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है और चीन अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं को घरेलू उत्पादन आधार पर मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है। राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि निवेश का रुझान परंपरागत उद्योगों से हटकर उभरते और भविष्य के उद्योगों की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI और अर्धचालक (semiconductor) क्षेत्र में निवेश की यह वृद्धि दीर्घकालिक तकनीकी आत्मनिर्भरता की रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती है।
आगे की संभावनाएँ
यदि यह रुझान बना रहा, तो वर्ष 2026 के अंत तक हाईटेक उद्योग में वार्षिक निवेश वृद्धि इस दशक के उच्चतम स्तरों में से एक हो सकती है। विशेष रूप से ऊर्जा भंडारण और अर्धचालक क्षेत्रों में वृद्धि की गति आने वाले महीनों में भारत सहित अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए प्रतिस्पर्धी संदर्भ बनाती है।