यूपी कैबिनेट ने 23 प्रस्तावों को मंजूरी दी: चित्रकूट एक्सप्रेसवे, स्मार्ट स्कूल और अग्निवीर आरक्षण पर बड़े फैसले
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई कैबिनेट बैठक में विकास और जनकल्याण से जुड़े 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में बुनियादी ढाँचे, शिक्षा, रोज़गार, कृषि, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास जैसे कई अहम क्षेत्र शामिल हैं। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रेसवार्ता में स्वीकृत प्रस्तावों का विवरण साझा किया।
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे: बुंदेलखंड को मिलेगी नई रफ्तार
कैबिनेट ने चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित परियोजना प्रस्ताव को स्वीकृति दी। यह 15.172 किलोमीटर लंबा प्रवेश-नियंत्रित छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे ईपीसी मोड पर बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत ₹1,008.67 करोड़ है। पूरा व्यय राज्य सरकार वहन करेगी और निर्माणकर्ता के चयन के लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी। इससे बुंदेलखंड से चित्रकूट धाम तक आवागमन सुगम होने और पर्यटन को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्मार्ट स्कूल और कृषि ऋण: शिक्षा व किसान दोनों पर ध्यान
बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रण वाले परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिली। इससे सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में आधुनिक शैक्षिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता पर सतत बहस जारी है।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से ₹6 लाख तक का दीर्घकालिक ऋण 6% वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इससे किसानों को कृषि और ग्रामीण ज़रूरतों के लिए सस्ती वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
अग्निवीरों को आरक्षण और पीआरडी जवानों को कैशलेस इलाज
कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों को उत्तर प्रदेश जेल वार्डन की सीधी भर्ती में 20% पद आरक्षित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही प्रवर्तन सिपाही (परिवहन) की सीधी भर्ती में भी 20% पदों पर क्षैतिज आरक्षण और आयु सीमा में छूट देने का फैसला हुआ। इन निर्णयों से सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं को सरकारी रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे।
प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा देने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा पीआरडी स्वयंसेवकों के ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया।
खिलौना उद्योग, एथेनॉल संयंत्र और एनएसजी केंद्र
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 को मंजूरी दी गई, जिससे प्रदेश में खिलौना निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और रोज़गार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलने की संभावना है। जनपद मथुरा स्थित उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड की छाता शुगर कंपनी लिमिटेड में कंसेशन-कम-लीज के ज़रिये 120 केएलपीडी क्षमता के एथेनॉल उत्पादन संयंत्र की स्थापना को भी स्वीकृति दी गई।
सुरक्षा के मोर्चे पर अयोध्या की मिल्कीपुर तहसील के ग्राम पूरे लाल खान में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के लिए लगभग 65 एकड़ बंजर भूमि भारत सरकार को निशुल्क आवंटित करने का निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि अयोध्या में इस तरह की सुरक्षा अवसंरचना पर काम पिछले कुछ वर्षों से चर्चा में है।
शहरी विकास और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
शहरी विकास के क्षेत्र में लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली को मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत विकसित करने के लिए धनराशि स्वीकृत करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी मिली। लखनऊ में स्वीकृत हाईटेक टाउनशिप परियोजना को पूर्ण करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिली।
पूर्वांचल क्षेत्र में वर्ल्डफिश परियोजना के संचालन के लिए राज्य सरकार, मत्स्य विभाग और वर्ल्डफिश के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को मंजूरी दी गई। इसके अलावा वाहनों की तकनीकी स्वस्थता सुनिश्चित करने के लिए स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) स्थापना नीति में संशोधन, 10 वर्ष तक की किरायेदारी और पट्टा विलेखों पर स्टांप शुल्क एवं रजिस्ट्रेशन फीस में छूट, तथा उचित दर दुकानदारों को वितरित खाद्यान्न की मात्रा के सापेक्ष ₹25 प्रति क्विंटल अतिरिक्त मार्जिन मनी देने का भी फैसला किया गया।
इन 23 फैसलों के क्रियान्वयन की दिशा और गति ही तय करेगी कि ये घोषणाएँ ज़मीन पर कितनी असरदार साबित होती हैं।