25 अगस्त 2026
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योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: ₹21,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी, बुंदेलखंड-पूर्वांचल को मिली नई सौगात

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योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: ₹21,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी, बुंदेलखंड-पूर्वांचल को मिली नई सौगात

सारांश

योगी कैबिनेट ने एक ही बैठक में ₹21,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी देकर बुंदेलखंड, पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी को एक साथ साधने की कोशिश की है — गंगा एक्सप्रेसवे हरिद्वार तक, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और आठ मेगा औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन इसकी धुरी हैं।

मुख्य बातें

योगी कैबिनेट ने 25 अगस्त को ₹21,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को एक साथ मंजूरी दी।
गंगा एक्सप्रेसवे को ₹10,761 करोड़ की लागत से हरिद्वार तक विस्तारित किया जाएगा; 6 लेन , भविष्य में 8 लेन तक विस्तार संभव।
झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए ₹7,968.30 करोड़ मंजूर; बीडा और डिफेंस कॉरिडोर को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी।
सुल्तानपुर में ₹272.25 करोड़ से इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) विकसित होगा।
आठ मेगा औद्योगिक इकाइयों को ₹2,901.97 करोड़ के निवेश प्रोत्साहन की संस्तुति; नेट एसजीएसटी और पूंजीगत सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
सभी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का व्यय राज्य सरकार वहन करेगी; केंद्र की वित्तीय भागीदारी प्रस्तावित नहीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार, 25 अगस्त को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में ₹21,000 करोड़ से अधिक की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई, जिनमें एक्सप्रेसवे विस्तार, औद्योगिक क्लस्टर और मेगा निवेश प्रोत्साहन शामिल हैं। बुंदेलखंड से लेकर पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक इन फैसलों का असर व्यापक रूप से महसूस किया जाएगा।

गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार

कैबिनेट के सबसे अहम फैसलों में गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित करने की मंजूरी शामिल है। इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की अनुमानित लागत ₹10,761 करोड़ है और इसे छह लेन में बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।

इस परियोजना से बिजनौर को हरिद्वार से तेज़ और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही प्रयागराज और हरिद्वार — दोनों प्रमुख कुंभ नगरों — के बीच नियंत्रित एक्सप्रेसवे संपर्क स्थापित होगा, जिससे धार्मिक पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। परियोजना का पूरा व्यय-भार राज्य सरकार वहन करेगी; केंद्र की वित्तीय भागीदारी इसमें प्रस्तावित नहीं है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे से बुंदेलखंड को मिलेगी रफ्तार

बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए कैबिनेट ने ₹7,968.30 करोड़ की लागत से झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी। यह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) क्षेत्र और डिफेंस कॉरिडोर को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगा।

सरकार के अनुसार, इससे प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से बुंदेलखंड तक तेज़ एवं सुरक्षित आवागमन संभव होगा। बेहतर कनेक्टिविटी के ज़रिए औद्योगिक निवेश, कारोबार और रोज़गार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। परियोजना का पूरा व्यय राज्य सरकार वहन करेगी और निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ करने की कार्रवाई की जाएगी।

सुल्तानपुर में ₹272 करोड़ का औद्योगिक क्लस्टर

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निकट सुल्तानपुर में ₹272.25 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) विकसित किया जाएगा। कैबिनेट ने औद्योगिक कॉरिडोर योजना के तहत इस परियोजना के अवस्थापना विकास से जुड़े निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी है।

निर्माण एजेंसी का चयन ग्लोबल बिड के माध्यम से किया जाएगा। एक्सप्रेसवे की निकटता से उद्योगों को बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ मिलने और सुल्तानपुर में स्थानीय रोज़गार के अवसर बढ़ने की संभावना जताई गई है।

आठ मेगा औद्योगिक इकाइयों को ₹2,901.97 करोड़ का निवेश प्रोत्साहन

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोज़गार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत आठ मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने की संस्तुति को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं में कुल ₹2,901.97 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं — गौतमबुद्ध नगर में सूर्या ग्लोबल सुपर फ्लैक्सीफिल्म्स (₹605.37 करोड़), हमीरपुर में शाल्विस स्पेशियलिटीज (₹297.30 करोड़), हाथरस में साउंड कास्टिंग्स (₹225 करोड़), बाराबंकी में वृन्दावन बॉटलर्स (₹436.12 करोड़), लखीमपुर खीरी में जुआरी एनविएन बायोएनर्जी (₹294.72 करोड़), हाथरस में पसवारा पेपर्स (₹315 करोड़), मथुरा में सीआरडी फूड्स एंड बेवरेजेज (₹363.94 करोड़) और उन्नाव में माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज (₹363.52 करोड़)।

नीति के तहत पात्र परियोजनाओं को नेट एसजीएसटी और पूंजीगत सब्सिडी जैसे प्रोत्साहन दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से संबंधित जिलों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे।

कनेक्टिविटी और निवेश पर योगी सरकार का दोहरा ज़ोर

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश निवेशकों को आकर्षित करने की होड़ में अन्य राज्यों से प्रतिस्पर्धा कर रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले भी योगी सरकार ने एक्सप्रेसवे नेटवर्क और औद्योगिक कॉरिडोर को प्राथमिकता दी है, और ये ताज़े फैसले उसी रणनीति की अगली कड़ी हैं।

पूर्वांचल से बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक बुनियादी ढाँचे, निवेश और रोज़गार को एक साथ गति देने की इस कोशिश का वास्तविक असर आने वाले महीनों में परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ से अधिक की मंजूरी प्रभावशाली दिखती है, लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गति होगी — उत्तर प्रदेश में बड़े बुनियादी ढाँचे की घोषणाएँ और उनके ज़मीन पर उतरने के बीच का अंतर पहले भी चर्चा का विषय रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार विस्तार धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से सामरिक है, लेकिन इसकी डीपीआर अभी बननी है — यानी परियोजना अभी कागज़ पर ही है। झांसी लिंक एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड के लिए ज़रूरी है, पर डिफेंस कॉरिडोर की पूरी क्षमता तभी सामने आएगी जब औद्योगिक इकाइयाँ वास्तव में चालू हों। आठ मेगा इकाइयों को 'लेटर ऑफ कम्फर्ट' जारी करना निवेश की गारंटी नहीं है — यह प्रक्रिया का पहला चरण है, न अंतिम।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी कैबिनेट ने 25 अगस्त को कौन-कौन सी बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी?
योगी कैबिनेट ने ₹10,761 करोड़ से गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार, ₹7,968.30 करोड़ से झांसी लिंक एक्सप्रेसवे, ₹272.25 करोड़ से सुल्तानपुर में औद्योगिक क्लस्टर और ₹2,901.97 करोड़ के निवेश वाली आठ मेगा औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन देने की मंजूरी दी। कुल मंजूरी ₹21,000 करोड़ से अधिक की है।
गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार क्यों महत्वपूर्ण है?
यह विस्तार प्रयागराज और हरिद्वार — दोनों प्रमुख कुंभ नगरों — के बीच नियंत्रित एक्सप्रेसवे संपर्क स्थापित करेगा, जिससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार और बिजनौर क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ने की उम्मीद है। परियोजना को 6 लेन में बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।
झांसी लिंक एक्सप्रेसवे से बुंदेलखंड को क्या फायदा होगा?
₹7,968.30 करोड़ का यह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) और डिफेंस कॉरिडोर को बेहतर सड़क संपर्क देगा। इससे औद्योगिक निवेश, कारोबार और रोज़गार के अवसर बढ़ने की संभावना है।
सुल्तानपुर में बनने वाला औद्योगिक क्लस्टर क्या है?
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निकट ₹272.25 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) विकसित किया जाएगा। निर्माण एजेंसी का चयन ग्लोबल बिड से होगा और इससे सुल्तानपुर में विनिर्माण एवं स्थानीय रोज़गार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
आठ मेगा औद्योगिक इकाइयों को क्या प्रोत्साहन मिलेगा?
उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोज़गार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत इन इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किया जाएगा और नेट एसजीएसटी व पूंजीगत सब्सिडी जैसे प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इन परियोजनाओं में कुल ₹2,901.97 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है।
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