यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: ₹26,000 करोड़ का प्रयागराज-सोनभद्र एक्सप्रेसवे, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और मानसून सत्र 3 अगस्त से
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 21 जुलाई 2026 को लखनऊ में हुई उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में सड़क संपर्क, उच्च शिक्षा, महिला कल्याण और परिवहन से जुड़े दर्जनभर से अधिक प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने दो बड़े ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को हरी झंडी देने के साथ ही रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और विधानमंडल के मानसून सत्र की तारीखें भी तय कर दीं।
दो नए एक्सप्रेसवे: प्रयागराज से सोनभद्र तक
कैबिनेट ने प्रयागराज से सोनभद्र तक करीब 333 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी, जिसकी अनुमानित लागत लगभग ₹26,000 करोड़ बताई गई है। इसके साथ ही 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी स्वीकृति मिली, जो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़कर गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली जिलों की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। इस परियोजना पर करीब ₹9,039 करोड़ खर्च होंगे, जिसमें भूमि अधिग्रहण भी शामिल है।
इसके अतिरिक्त, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के लिए विकासकर्ता के चयन को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मोड पर मंजूरी दी गई। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 1.18 किलोमीटर लंबे डायवर्जन निर्माण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना: 50 हजार छात्राओं को लाभ
उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े प्रस्तावों में सबसे चर्चित निर्णय रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का है, जो वर्ष 2025-26 से लागू होगी। इसके तहत प्रदेश के सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी महाविद्यालयों की शीर्ष 5 प्रतिशत छात्राओं को पेट्रोल चालित स्कूटी प्रदान की जाएगी। दिव्यांग, शहीदों के आश्रित और निराश्रित परिवारों की छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के लिए ₹400 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है और इससे लगभग 50 हजार छात्राओं को लाभ मिलने का अनुमान है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में महिला उच्च शिक्षा में नामांकन दर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। गौरतलब है कि परिवहन सुविधा की कमी ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में छात्राओं के कॉलेज छोड़ने के प्रमुख कारणों में से एक रही है।
शोध पीठ और महिला छात्रावास
कैबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने के लिए शोध पीठ स्थापित करने का निर्णय लिया। पात्र विश्वविद्यालयों को ₹2 करोड़ और महाविद्यालयों को ₹1 करोड़ तक की सहायता मिलेगी। यह राशि सावधि जमा (एफडी) के रूप में रखी जाएगी और उसके ब्याज से शोध गतिविधियाँ संचालित होंगी। 50 वर्ष से अधिक पुराने और 5,000 से अधिक छात्र क्षमता वाले संस्थान इस योजना के लिए पात्र होंगे।
वाराणसी स्थित बसंत महिला विश्वविद्यालय में 112 छात्राओं की क्षमता वाले नए छात्रावास के निर्माण को भी मंजूरी दी गई, जिस पर ₹2.48 करोड़ खर्च होंगे। इसके अलावा वाराणसी में कामकाजी महिलाओं के लिए 500 बेड वाले मुख्यमंत्री श्रमजीवी छात्रावास के निर्माण को भी स्वीकृति मिली।
परिवहन और अग्निशमन सेवाओं को मजबूती
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के लिए 220 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने का निर्णय लिया गया, जिन पर लगभग ₹400 करोड़ खर्च होंगे। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम को पोर्टल संचालन और कर्मचारियों के वेतन के लिए ₹20 करोड़ का ब्याजमुक्त ऋण देने का फैसला भी किया गया। अग्निशमन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 44 वाटर टैंकर और 5 फोम टैंकर खरीदे जाएंगे, जिससे संकरी गलियों और दुर्गम क्षेत्रों में आग बुझाने की क्षमता बढ़ेगी।
मानसून सत्र और अन्य फैसले
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 से 6 अगस्त तक बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस दौरान सरकार विधायी कार्यों के साथ अनुपूरक बजट भी पेश करेगी। इसके अलावा कानपुर नगर में उप-निबंधक कार्यालय के नए भवन के लिए भूमि आवंटन, महिला कल्याण विभाग के लिपिकीय कर्मचारियों की सेवा नियमावली में संशोधन तथा राज्यपाल सचिवालय और घरेलू सेवा से संबंधित नई सेवा नियमावली को भी स्वीकृति दी गई।
इन निर्णयों के साथ योगी सरकार ने बुनियादी ढाँचे, महिला शिक्षा और सार्वजनिक परिवहन — तीनों मोर्चों पर एक साथ कदम बढ़ाए हैं। आने वाले महीनों में इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति ही तय करेगी कि ये घोषणाएँ ज़मीन पर कितनी उतरती हैं।