यूपी को ₹60,000 करोड़ की राजमार्ग परियोजनाओं की मंजूरी, उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी का खुलेगा नया अध्याय: CM योगी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 14 जुलाई 2025 को लखनऊ में आयोजित राजमार्ग परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह में घोषणा की कि राज्य को लगभग ₹60,000 करोड़ की नई परियोजनाओं की स्वीकृति मिल गई है। इस मंजूरी के साथ उत्तर प्रदेश के उत्तरी और दक्षिणी जिलों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी मिल गई है।
मुख्य घटनाक्रम
इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ₹4,850 करोड़ से अधिक लागत की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें कानपुर-लखनऊ सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण और हरदोई-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (पैकेज-4) का फोर-लेन निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त इंजीनियरिंग कॉलेज चौहारे पर फोर-लेन फ्लाईओवर के निर्माण का शिलान्यास भी किया गया। इससे पहले तीनों नेताओं ने उन्नाव में 63 किलोमीटर लंबे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का फीता काटकर उद्घाटन किया।
नई कनेक्टिविटी योजना
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि अब तक पूर्व से पश्चिम की कनेक्टिविटी मजबूत हो चुकी है — पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे इसके प्रमुख उदाहरण हैं। अब उत्तर से दक्षिण की कनेक्टिविटी के लिए नए क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। साथ ही 5 लाख या उससे अधिक आबादी वाले प्रत्येक शहर में एक बाईपास और हर जिला मुख्यालय को फोर-लेन सड़क से जोड़ने की योजना को केंद्रीय मंत्री गडकरी की स्वीकृति मिल गई है।
सीएम योगी का यूपी के विकास पर बयान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो राज्य कभी 'बीमारू' की श्रेणी में गिना जाता था, वह आज आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सुशासन और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के दम पर देश का ग्रोथ इंजन बन रहा है। उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने संकुचित सोच और विभाजनकारी राजनीति से प्रदेश को उपद्रव और दंगों की आग में झोंक दिया था। योगी ने कहा, 'अब उत्सव हमारी पहचान है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश आज सर्वाधिक एक्सप्रेसवे, सबसे बड़े रेल नेटवर्क, सर्वाधिक शहरों में मेट्रो और सर्वाधिक हवाई अड्डों के संचालन में अग्रणी राज्य बन चुका है।
स्टेट कैपिटल रीजन और आर्थिक प्रभाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ-कानपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे लखनऊ के आसपास के स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) — जिसमें बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव और रायबरेली शामिल हैं — को जोड़कर आर्थिक विकास को गति देगा। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे बड़े गंगा एक्सप्रेसवे और 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था।
आगे क्या
₹60,000 करोड़ की स्वीकृत परियोजनाओं के तहत उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। बाईपास और फोर-लेन जिला संपर्क योजना के क्रियान्वयन की समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। यह परियोजनाएं उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और गति देने में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।