योगी ने नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी, बोले — UP अब एक्सप्रेसवे और एयर कनेक्टिविटी का नया प्रदेश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार, 12 जून 2026 को नोएडा में इलेक्ट्रिक बस डिपो का उद्घाटन किया और गौतमबुद्ध नगर के लिए 110 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रीन मोबिलिटी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के विज़न को ज़मीन पर उतारते हुए प्रदेश में आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को तेज़ी से विस्तार दिया जा रहा है।
2017 से पहले और अब — बदला उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश टूटी सड़कों, बिजली संकट, बिगड़ी कानून-व्यवस्था और निवेशकों की उदासीनता के लिए जाना जाता था। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश ने आधारभूत संरचना, कनेक्टिविटी और निवेश के मोर्चे पर नई पहचान बनाई है। उनके अनुसार आज उत्तर प्रदेश देश का सबसे मज़बूत सड़क नेटवर्क वाला राज्य बन चुका है, जहाँ लगभग 4 लाख किलोमीटर का सड़क तंत्र विकसित हो चुका है।
एक्सप्रेसवे और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार
योगी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और अन्य परियोजनाओं ने उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का भी लोकार्पण किया जाएगा, जिससे प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
हवाई संपर्क के मोर्चे पर उन्होंने बताया कि प्रदेश में अयोध्या, लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर और नोएडा सहित कई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हो रहे हैं। उन्होंने जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश की सबसे बड़ी विमानन परियोजनाओं में से एक बनने जा रहा है।
अयोध्या की बदलती तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सदियों तक उपेक्षा झेलने वाली अयोध्या आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी नई पहचान बना चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या में पर्यटन और निवेश दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
इलेक्ट्रिक बस सेवा — आगे की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में शुरू की गई ये 110 बसें स्वच्छ और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी चरण में तीनों प्राधिकरणों की ओर से और अधिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा, ताकि यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधा मिल सके। गौरतलब है कि केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत देशभर के शहरों में इलेक्ट्रिक बस बेड़े को बढ़ावा दिया जा रहा है, और उत्तर प्रदेश इस दिशा में अग्रणी राज्यों में शामिल होने का दावा कर रहा है।