सीएम योगी ने नोएडा में ई-बस सेवा को हरी झंडी दिखाई, NCR में 200 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार, 12 जून को नोएडा के सेक्टर-33ए स्थित शिल्प हाट से बहुप्रतीक्षित ई-बस सेवा को हरी झंडी दिखाई। इस सेवा का उद्देश्य नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल और अधिक सुलभ बनाना है।
उद्घाटन समारोह का विवरण
शिल्प हाट कॉम्प्लेक्स में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में लगभग 300 लोगों के शामिल होने की उम्मीद थी। समारोह में 10 इलेक्ट्रिक बसों को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाई गई, जबकि शेष बसें सेक्टर-90 के बस डिपो से अपने निर्धारित मार्गों पर रवाना हुईं।
पहले चरण की योजना
पहले चरण में तीनों प्राधिकरण — नोएडा अथॉरिटी, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और यमुना अथॉरिटी — अपने-अपने क्षेत्रों में 10-10 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करेंगी। नोएडा अथॉरिटी की एसीईसी वंदना त्रिपाठी के अनुसार, तीनों प्राधिकरणों ने अपने-अपने क्षेत्रों के लिए मार्गों का विस्तृत खाका तैयार किया है। यात्रियों के लिए किराया न्यूनतम ₹20 और अधिकतम ₹50 निर्धारित किया गया है, जो इसे मेट्रो के मुकाबले एक किफायती विकल्प बनाता है।
प्रमुख मार्ग और कनेक्टिविटी
ई-बस सेवा का सबसे अहम लक्ष्य आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों से जोड़ना है। कई मार्ग सीधे एयरपोर्ट तक जाएंगे, जबकि अन्य बसें बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर-62, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, सूरजपुर और परी चौक जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ेंगी।
इसके अतिरिक्त, सराय काले खां, आनंद विहार, गाजियाबाद और आईएसबीटी के लिए भी कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी। यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में ग्रामीण और शहरी इलाकों को जोड़ने के लिए कई लंबी दूरी के मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं।
विस्तार की रूपरेखा
नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक, मौजूदा योजना में कुल 100 ई-बसें चलाना शामिल है — जिनमें से 50 बसें नोएडा के लिए और 25-25 बसें ग्रेटर नोएडा तथा यमुना अथॉरिटी क्षेत्रों के लिए आवंटित हैं। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने इसके अतिरिक्त 100 और ई-बसों को भी मंजूरी दे दी है। इस प्रकार वर्ष के अंत तक सड़कों पर लगभग 200 इलेक्ट्रिक बसें चलने की संभावना है, जो NCR के सार्वजनिक परिवहन ढाँचे को एक नई दिशा देगी।