29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 33 ई-बसें लॉन्च, CM योगी ने दिखाई हरी झंडी; 3 हाइड्रोजन बसें भी रवाना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 33 ई-बसें लॉन्च, CM योगी ने दिखाई हरी झंडी; 3 हाइड्रोजन बसें भी रवाना

सारांश

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 33 ई-बसें और 3 हाइड्रोजन बसें एक साथ लॉन्च — NCR के लिए यह महज़ नई बसें नहीं, बल्कि प्रदूषण और परिवहन दोनों संकटों से एक साथ निपटने की कोशिश है। प्रतिवर्ष 1,000 टन CO₂ कटौती और 1,750 पेड़ों के बराबर ऑक्सीजन उत्पादन का दावा इसे केवल राजनीतिक घोषणा से आगे ले जाता है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 12 जून 2026 को नोएडा , ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में कुल 33 हाईटेक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई।
तीनों प्राधिकरण क्षेत्रों में 11-11-11 बसें; परिचालन बोटेनिकल गार्डन से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट , सेक्टर-62 , कौशांबी और ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक।
YEIDA क्षेत्र में एनटीपीसी दादरी निर्मित 3 ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसें भी रवाना; यह देश का सबसे बड़ा ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूलिंग स्टेशन है।
प्रत्येक हाइड्रोजन बस 56 किग्रा हाइड्रोजन पर 750 किमी की रेंज; 42 यात्री क्षमता।
परियोजना से प्रतिवर्ष 1,000 टन CO₂ कटौती और प्रतिदिन 2,080 किग्रा ऑक्सीजन उत्पादन का अनुमान।
बसों में सीसीटीवी , पैनिक बटन , एसओएस अलर्ट और इमरजेंसी गेट जैसी सुरक्षा सुविधाएँ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 जून 2026 को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के लिए कुल 33 हाईटेक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इसी अवसर पर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में एनटीपीसी दादरी द्वारा निर्मित 3 ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसों को भी रवाना किया गया।

बस संचालन का ढाँचा

नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण — तीनों क्षेत्रों में 11-11-11 यानी कुल 33 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। इन बसों का परिचालन बोटेनिकल गार्डन से होगा और ये नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, सेक्टर-62, कौशांबी बस डिपो तथा ग्रेटर नोएडा वेस्ट सहित प्रमुख गंतव्यों को आपस में जोड़ेंगी। इस नेटवर्क से लाखों दैनिक यात्रियों को तेज़ और सुलभ परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।

यात्री सुरक्षा के इंतज़ाम

प्रत्येक ई-बस में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी चालक सीट से की जा सकती है। बसों के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर भी कैमरे स्थापित हैं। इसके अलावा पैनिक बटन, एसओएस अलर्ट सिस्टम और इमरजेंसी गेट जैसी सुविधाएँ दी गई हैं। किसी भी आपात स्थिति में यात्री एसओएस बटन दबाकर चालक को तत्काल सूचित कर सकेंगे।

ग्रीन हाइड्रोजन बसें: पर्यावरणीय महत्व

विशेषज्ञों के अनुसार हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसों से उत्सर्जन के रूप में केवल जल-वाष्प निकलती है, जिससे वायु प्रदूषण शून्य रहता है। इस परियोजना के तहत प्रतिदिन लगभग 2,080 किलोग्राम ऑक्सीजन का उत्पादन होगा — जो करीब 1,750 पेड़ लगाने के बराबर माना जा रहा है। साथ ही प्रति वर्ष लगभग 1,000 टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है।

प्रत्येक हाइड्रोजन बस 42 यात्रियों की क्षमता और 12 मीटर लंबाई वाली है। एक बार में 56 किलोग्राम हाइड्रोजन भरने पर यह बस लगभग 750 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है। यह परियोजना देश का सबसे बड़ा ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूलिंग स्टेशन भी है।

राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें शहरी परिवहन को जीवाश्म ईंधन से मुक्त करने की दिशा में तेज़ी से काम कर रही हैं। गौरतलब है कि NCR पहले से ही देश के सर्वाधिक वायु-प्रदूषित क्षेत्रों में गिना जाता है, और ऐसे में इलेक्ट्रिक व हाइड्रोजन बसों का एक साथ संचालन शुरू होना नीतिगत दृष्टि से उल्लेखनीय है। YEIDA और एनटीपीसी दादरी की साझेदारी इसे एक सार्वजनिक-निजी सहयोग का व्यावहारिक मॉडल भी बनाती है।

आने वाले महीनों में इन बसों के विस्तार और हाइड्रोजन फ्यूलिंग बुनियादी ढाँचे की प्रगति पर नज़र रखी जाएगी, जो इस पहल की दीर्घकालिक सफलता तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी बेड़े के विस्तार और हाइड्रोजन फ्यूलिंग बुनियादी ढाँचे की निरंतरता होगी। देश के सर्वाधिक प्रदूषित क्षेत्र में यह पहल सही दिशा में है, पर तीन बसों से शहर का वायु-गुणवत्ता संकट नहीं टलेगा — स्केल-अप की गति और NTPC-YEIDA साझेदारी की व्यावसायिक व्यवहार्यता ही इसकी दीर्घकालिक सफलता तय करेगी। CO₂ कटौती और ऑक्सीजन उत्पादन के आँकड़े प्रभावशाली हैं, लेकिन इनका स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कितनी और कौन-सी नई बसें शुरू हुई हैं?
12 जून 2026 को CM योगी आदित्यनाथ ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में कुल 33 हाईटेक इलेक्ट्रिक बसें लॉन्च कीं — तीनों क्षेत्रों में 11-11-11। इसके अलावा YEIDA क्षेत्र में 3 ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसें भी रवाना की गईं।
ये ई-बसें किन रूटों पर चलेंगी?
बसों का परिचालन बोटेनिकल गार्डन से होगा और ये नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, सेक्टर-62, कौशांबी बस डिपो और ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ेंगी। यह नेटवर्क NCR के प्रमुख यातायात केंद्रों को कवर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
ग्रीन हाइड्रोजन बसें क्या हैं और इनसे पर्यावरण को क्या फायदा होगा?
हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रतिक्रिया से बिजली बनाती हैं और उत्सर्जन में केवल जल-वाष्प छोड़ती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 1,000 टन CO₂ कटौती और प्रतिदिन 2,080 किग्रा ऑक्सीजन उत्पादन का अनुमान है।
हाइड्रोजन बसों की रेंज और क्षमता क्या है?
प्रत्येक हाइड्रोजन बस 12 मीटर लंबी है और 42 यात्रियों को ले जा सकती है। एक बार 56 किलोग्राम हाइड्रोजन भरने पर यह लगभग 750 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है।
इन बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या इंतज़ाम हैं?
प्रत्येक ई-बस में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, एसओएस अलर्ट सिस्टम और इमरजेंसी गेट लगाए गए हैं। एंट्री-एग्जिट प्वाइंट पर भी कैमरे हैं और चालक सीट से पूरी बस की निगरानी संभव है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले