ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक: ₹6,048 करोड़ का बजट, ईवी बसें और नई सड़कों को मंजूरी

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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक: ₹6,048 करोड़ का बजट, ईवी बसें और नई सड़कों को मंजूरी

सारांश

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक में ₹6,048 करोड़ के बजट से लेकर 15 इलेक्ट्रिक बसों, गंगा एक्सप्रेसवे लिंक रोड, 40,570 फ्लैट रजिस्ट्री और 350 बेड के ESI अस्पताल तक — यह बैठक शहर के बुनियादी ढाँचे और जनसुविधाओं के लिए एक व्यापक रोडमैप साबित हुई।

Key Takeaways

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 2026-27 के लिए ₹6,048 करोड़ का संतुलित बजट पारित किया। गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 15 किमी नई सड़क और 6 लेन एलिवेटेड रोड को मंजूरी। चार रूटों पर 15 इलेक्ट्रिक बसें 6 महीने के लिए शुरू की जाएंगी। EWS से 135 वर्गमीटर तक के फ्लैट आवंटियों को विलंब शुल्क पर 80% तक ब्याज छूट ; 40,570 फ्लैटों की रजिस्ट्री पूरी। 102 मीटर ऊँचे दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म के लिए ₹100 करोड़ की मंजूरी। नॉलेज पार्क-5 में 350 बेड का ESI अस्पताल बनाया जाएगा।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक में 2 मई 2026 को विकास, बुनियादी ढाँचे और जनसुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹6,048 करोड़ के संतुलित बजट को मंजूरी दी गई। साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे और नोएडा एयरपोर्ट को जोड़ने वाली नई सड़कों, इलेक्ट्रिक बस सेवा, फ्लैट खरीदारों को राहत और अग्नि सुरक्षा को मजबूत करने के निर्णय भी इस बैठक की प्रमुख उपलब्धियाँ रहीं।

बजट और वित्तीय प्रावधान

प्राधिकरण ने 2026-27 के लिए ₹6,048 करोड़ का संतुलित बजट पारित किया, जिसमें आमदनी और खर्च को बराबर रखा गया है। इसमें भूमि अधिग्रहण पर लगभग ₹1,150 करोड़ और निर्माण व विकास कार्यों पर ₹2,176 करोड़ खर्च किए जाने का प्रावधान है। ग्रामीण विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और विभिन्न सेक्टरों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष जल शुल्क में 10 प्रतिशत वृद्धि नहीं करने का फैसला लिया गया है, जिससे निवासियों को सीधी राहत मिलेगी। बकाया जल बिल के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) भी लागू की गई है — 30 जून तक 40%, 31 जुलाई तक 30% और 31 अगस्त तक 20% ब्याज छूट मिलेगी।

कनेक्टिविटी और सड़क निर्माण

प्राधिकरण ने 105 मीटर रोड को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 15 किलोमीटर नई सड़क निर्माण को मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त लॉजिस्टिक हब से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के समानांतर 6 लेन एलिवेटेड रोड भी बनाई जाएगी, जिससे उद्योगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट कनेक्टिविटी की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।

परी चौक और आसपास के इलाकों को जाम मुक्त बनाने के लिए आईआईटी दिल्ली से ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार कराया जाएगा। इकोटेक-10 में 220 केवी का नया बिजलीघर भी बनाया जाएगा, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बेहतर होगी।

आवास और फ्लैट खरीदारों को राहत

EWS से लेकर 135 वर्गमीटर तक के फ्लैट आवंटियों के लिए OTS योजना लागू की गई है, जिसमें प्रीमियम और लीज डीड के विलंब शुल्क पर 80% तक ब्याज छूट मिलेगी। लिगेसी प्रोजेक्ट नीति के तहत अब तक 40,570 फ्लैटों की रजिस्ट्री हो चुकी है, जिससे हजारों खरीदारों को राहत मिली है। सभी प्रकार की संपत्तियों की आवंटन दरों में 3.58 प्रतिशत की मामूली वृद्धि भी की गई है।

पुलिस और फायर विभाग को 500 मीटर तक भूमि निःशुल्क दी जाएगी। ओमिक्रॉन-1ए सेक्टर में NDRF के लिए 30 फ्लैट किराए पर दिए जाएंगे, जिससे आपदा के समय त्वरित राहत सुनिश्चित हो सकेगी।

सार्वजनिक परिवहन और अग्नि सुरक्षा

सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए चार रूटों पर 15 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। यह सेवा फिलहाल छह महीने के लिए शुरू की जाएगी और इसके परिणामों के आधार पर विस्तार का निर्णय लिया जाएगा। बहुमंजिला इमारतों में आग से निपटने के लिए 102 मीटर ऊँचाई वाले दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदने को मंजूरी दी गई है, जिस पर लगभग ₹100 करोड़ खर्च होंगे।

अन्य प्रमुख निर्णय

प्राधिकरण ने कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राजस्व में भी वृद्धि होगी। मेघालय सरकार को टेकजोन में 8,000 वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई है, जहाँ मेघालय भवन बनाया जाएगा। नॉलेज पार्क-5 में 350 बेड का ESI अस्पताल बनाया जाएगा, जिससे श्रमिकों और स्थानीय निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी। इन फैसलों का सीधा लाभ आने वाले वर्षों में ग्रेटर नोएडा के निवासियों, उद्योगों और निवेशकों तीनों को मिलने की उम्मीद है।

Point of View

048 करोड़ का यह बजट आँकड़े में बड़ा लगता है, लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गति होगी — ग्रेटर नोएडा में पिछली कई घोषणाएँ कागज़ पर मजबूत रहीं और ज़मीन पर धीमी। 40,570 फ्लैट रजिस्ट्री लिगेसी नीति की सफलता दर्शाती है, लेकिन हज़ारों खरीदार अभी भी बाहर हैं। 15 ईवी बसें चार रूटों के लिए एक शहर की ज़रूरत के मुकाबले प्रतीकात्मक कदम है — यदि छह महीने बाद विस्तार नहीं हुआ, तो यह पायलट एक और अधूरी परियोजना बन जाएगी।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक में कौन-से प्रमुख फैसले लिए गए?
बैठक में ₹6,048 करोड़ का बजट पास किया गया, 15 इलेक्ट्रिक बसें चलाने, गंगा एक्सप्रेसवे लिंक रोड बनाने, फ्लैट खरीदारों को 80% ब्याज छूट और 350 बेड का ESI अस्पताल बनाने जैसे निर्णय लिए गए। ये सभी फैसले 2 मई 2026 को हुई बैठक में लिए गए।
ग्रेटर नोएडा में ईवी बस सेवा कब और कहाँ शुरू होगी?
प्राधिकरण ने चार रूटों पर 15 इलेक्ट्रिक बसें चलाने को मंजूरी दी है, जो फिलहाल छह महीने के लिए शुरू की जाएंगी। परिणामों के आधार पर सेवा विस्तार का निर्णय बाद में लिया जाएगा।
फ्लैट खरीदारों के लिए OTS योजना में क्या छूट मिलेगी?
EWS से लेकर 135 वर्गमीटर तक के फ्लैट आवंटियों को प्रीमियम और लीज डीड के विलंब शुल्क पर 80% तक ब्याज छूट मिलेगी। बकाया जल बिल पर भी OTS लागू है — 30 जून तक 40%, 31 जुलाई तक 30% और 31 अगस्त तक 20% ब्याज माफ होगा।
गंगा एक्सप्रेसवे से ग्रेटर नोएडा को जोड़ने के लिए क्या योजना है?
प्राधिकरण ने 105 मीटर रोड को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 15 किलोमीटर नई सड़क बनाने को मंजूरी दी है। इसके अलावा लॉजिस्टिक हब से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के समानांतर 6 लेन एलिवेटेड रोड भी बनाई जाएगी।
ग्रेटर नोएडा में अग्नि सुरक्षा के लिए क्या नए इंतजाम किए गए हैं?
बहुमंजिला इमारतों में आग से निपटने के लिए 102 मीटर ऊँचाई वाले दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदने को मंजूरी दी गई है, जिस पर लगभग ₹100 करोड़ खर्च होंगे। पुलिस और फायर विभाग को 500 मीटर तक भूमि निःशुल्क दी जाएगी।
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