पश्चिम बंगाल: 15 बूथों पर पुनर्मतदान शांतिपूर्ण, पहले 6 घंटे में 55.57% मतदान दर्ज
सारांश
Key Takeaways
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की दो विधानसभा सीटों के 15 मतदान केंद्रों पर शनिवार, 2 मई को सुबह 7 बजे से शुरू हुआ पुनर्मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा। केंद्रीय बलों की कड़ी सुरक्षा और राज्य पुलिस की सहायता में कराई जा रही इस मतदान प्रक्रिया में पहले 6 घंटों में औसत मतदान प्रतिशत 55.57 दर्ज किया गया।
मतदान प्रतिशत का विवरण
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मगराहाट (पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र के 11 मतदान केंद्रों पर दोपहर 1 बजे तक 54.9 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के 4 मतदान केंद्रों पर इसी अवधि में 56.33 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दोनों क्षेत्रों का संयुक्त औसत 55.57 प्रतिशत रहा।
किन बूथों पर हो रहा है पुनर्मतदान
मगराहाट (पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 46, 126, 127, 128, 142, 214, 215, 216, 230, 231 और 232 पर पुनर्मतदान कराया जा रहा है। डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 117, 179, 194 और 243 पर दोबारा वोटिंग हो रही है। इन सभी केंद्रों पर मतदान आधिकारिक रूप से शाम 6 बजे तक जारी रहेगा।
मतदाताओं की प्रतिक्रिया
डायमंड हार्बर और मगराहाट (पश्चिम) दोनों क्षेत्रों में मतदान केंद्रों पर कतार में खड़े मतदाताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुनर्मतदान के दिन कहीं भी तनाव जैसी स्थिति नहीं है। मतदाताओं ने बताया कि वातावरण पूरी तरह शांत और सामान्य है। गौरतलब है कि यदि शाम 6 बजे तक कुछ मतदाता कतार में खड़े पाए जाते हैं, तो अंतिम मतदाता के वोट डालने तक मतदान जारी रखा जाएगा।
पुनर्मतदान की पृष्ठभूमि
डायमंड हार्बर और मगराहाट (पश्चिम) दोनों विधानसभा क्षेत्रों में 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदान कराया गया था। राज्य में दो चरणों में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए — पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को 152 विधानसभा सीटों पर हुआ, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को शेष 142 सीटों पर वोट डाले गए। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे राज्य की नज़रें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं।
आगे क्या होगा
इन 15 बूथों की मतगणना भी शेष 294 विधानसभा सीटों के साथ 4 मई को ही की जाएगी। केंद्रीय बलों की तैनाती और शांतिपूर्ण मतदान ने चुनाव आयोग की पुनर्मतदान प्रक्रिया को विश्वसनीयता प्रदान की है, और अब सभी की निगाहें मतगणना दिवस पर होंगी।