कालीघाट थाना प्रभारी गौतम दास निलंबित: मशीन गन वाली सोशल मीडिया पोस्ट बनी वजह

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कालीघाट थाना प्रभारी गौतम दास निलंबित: मशीन गन वाली सोशल मीडिया पोस्ट बनी वजह

सारांश

कोलकाता के कालीघाट थाने के प्रभारी गौतम दास की मशीन गन थामे वर्दी में खिंची तस्वीर — 'नई जिम्मेदारी के लिए तैयार' कैप्शन के साथ — ने पुलिस और सियासत दोनों में हलचल मचा दी। तृणमूल की शिकायत पर चुनाव आयोग हरकत में आया और कोलकाता पुलिस ने निलंबन की कार्रवाई की।

Key Takeaways

कोलकाता पुलिस ने 2 मई को कालीघाट थाना प्रभारी गौतम दास को विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट के कारण निलंबित किया। तस्वीर में गौतम दास पुलिस वर्दी में, हाथ में मशीन गन पकड़े, 'नई जिम्मेदारी के लिए तैयार' कैप्शन के साथ नजर आए। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रदेश उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर शिकायत की। गौतम दास की जगह चमेली मुखर्जी को कालीघाट थाने की नई प्रभारी बनाया गया। कालीघाट थाने में 29 मार्च से अब तक यह तीसरा नेतृत्व परिवर्तन है।

कोलकाता पुलिस ने शनिवार, 2 मई को कालीघाट पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी गौतम दास को निलंबित कर दिया। निलंबन की वजह उनकी वह विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट बताई जा रही है, जिसमें वे पुलिस की वर्दी पहने और हाथ में मशीन गन थामे नजर आए थे। उनकी जगह चमेली मुखर्जी को कालीघाट थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई

कथित तौर पर गौतम दास ने एक तस्वीर अपने फेसबुक और व्हाट्सएप स्टेटस पर साझा की थी, जिसमें वे थाने की कुर्सी पर बैठे, पुलिस वर्दी में, हाथ में एक अत्याधुनिक बंदूक पकड़े हुए दिख रहे थे। इस तस्वीर के साथ 'नई जिम्मेदारी के लिए तैयार' कैप्शन लगाया गया था। हालांकि, बाद में उस फेसबुक आईडी से की गई पोस्ट हटा दी गई।

तृणमूल कांग्रेस की शिकायत और चुनाव आयोग का हस्तक्षेप

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रदेश उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार ने शुक्रवार रात यह तस्वीर सार्वजनिक करते हुए इसे 'आपत्तिजनक' करार दिया। उन्होंने देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल और कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी। तृणमूल नेता ने दावा किया कि तस्वीर से स्पष्ट है कि गौतम दास किसी को अत्याधुनिक बंदूक से निशाना बना रहे हैं, जो न केवल असहज करने वाला है बल्कि कानूनी दृष्टि से भी बेहद आपत्तिजनक है।

तृणमूल ने यह भी सवाल उठाया कि क्या थाना प्रभारी के पास मौजूद हथियार वास्तव में उन्हें आधिकारिक रूप से आवंटित किए गए थे।

कालीघाट थाने में बदलाव का इतिहास

गौरतलब है कि दूसरे चरण के मतदान से पहले चुनाव आयोग ने कालीघाट थाने के प्रभारी को बदला था। इससे पहले 29 मार्च को कोलकाता पुलिस के खुफिया विभाग के उत्पल घोष को कालीघाट थाने का प्रभारी नियुक्त किया गया था। लेकिन नियुक्ति के एक महीने के भीतर ही आयोग ने उत्पल को हटाकर उनकी जगह गौतम दास को — जो कोलकाता पुलिस की विशेष शाखा में तैनात थे — नया प्रभारी बनाया। अब गौतम भी निलंबित हो गए हैं, जिससे यह थाना कम समय में तीसरी बार नेतृत्व परिवर्तन का गवाह बना है।

कोलकाता पुलिस का रुख

कोलकाता पुलिस के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि गौतम दास को बंदूक वाली घटना के कारण ही निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई चुनावी माहौल में पुलिस की निष्पक्षता और अनुशासन पर उठे सवालों के बीच की गई है।

आगे क्या होगा

अब चमेली मुखर्जी कालीघाट थाने की नई प्रभारी के रूप में कार्यभार संभाल चुकी हैं। चुनाव आयोग की सक्रियता और इस मामले में दर्ज शिकायत को देखते हुए गौतम दास के खिलाफ आगे की विभागीय जाँच की संभावना बनी हुई है।

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या थाना प्रभारी स्तर के अधिकारियों को आवंटित हथियारों की निगरानी की कोई व्यवस्था है। तृणमूल की सक्रियता और चुनाव आयोग की त्वरित प्रतिक्रिया यह भी संकेत देती है कि पश्चिम बंगाल में पुलिस की हर गतिविधि अब सियासी नजरिए से भी परखी जा रही है।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

कालीघाट थाना प्रभारी गौतम दास को क्यों निलंबित किया गया?
कोलकाता पुलिस के अनुसार गौतम दास को उनकी विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट के कारण निलंबित किया गया, जिसमें वे पुलिस वर्दी में मशीन गन पकड़े हुए दिख रहे थे। यह पोस्ट कथित तौर पर उन्होंने 'नई जिम्मेदारी के लिए तैयार' कैप्शन के साथ फेसबुक और व्हाट्सएप पर साझा की थी।
गौतम दास की जगह कालीघाट थाने का नया प्रभारी कौन है?
गौतम दास के निलंबन के बाद चमेली मुखर्जी को कालीघाट पुलिस स्टेशन का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार ने तस्वीर को 'आपत्तिजनक' बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल और कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद को पत्र लिखा। उन्होंने यह तस्वीर अपनी एक्स पोस्ट के जरिए सार्वजनिक भी की।
कालीघाट थाने में इतने कम समय में इतने बदलाव क्यों हुए?
चुनाव आयोग ने दूसरे चरण के मतदान से पहले कालीघाट जैसे संवेदनशील थानों पर नजर रखते हुए बदलाव किए। 29 मार्च को उत्पल घोष को नियुक्त किया गया, एक महीने में उन्हें हटाकर गौतम दास को लाया गया, और अब गौतम भी निलंबित हो गए — यह दो महीने में तीसरा बदलाव है।
क्या गौतम दास के खिलाफ आगे जाँच होगी?
कोलकाता पुलिस ने अभी विभागीय जाँच की औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन चुनाव आयोग को दर्ज शिकायत और निलंबन की कार्रवाई को देखते हुए आगे की जाँच की संभावना बनी हुई है।
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