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महिलाओं का शरीर केवल सौंदर्य के लिए नहीं, बॉडी शेमिंग पर स्वरा भास्कर का तीखा प्रहार

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महिलाओं का शरीर केवल सौंदर्य के लिए नहीं, बॉडी शेमिंग पर स्वरा भास्कर का तीखा प्रहार

सारांश

स्वरा भास्कर ने मातृत्व के बाद अपने शरीर में आए बदलाव को लेकर समाज द्वारा किए जा रहे बॉडी शेमिंग का जोरदार विरोध किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का शरीर केवल ग्लैमर के लिए नहीं है, और किसी को भी दूसरों के शरीर पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।

मुख्य बातें

अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने 2 मई को बॉडी शेमिंग के खिलाफ मजबूत बयान दिया।
उन्होंने 2018 की पुरानी तस्वीर और बेटी राबिया के साथ हाल की फोटो का कोलाज शेयर किया।
स्वरा का तर्क: मातृत्व के बाद शरीर में बदलाव स्वाभाविक है और महिलाओं को इसे स्वीकार करने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के शरीर को सेक्सुअलाइज़ करने और ग्लैमर के लिए इस्तेमाल करने की प्रथा समाप्त होनी चाहिए।
स्वरा ने जोर दिया कि फिटनेस महत्वपूर्ण है, लेकिन बॉडी शेमिंग कभी स्वीकार्य नहीं है।

मुंबई, 2 मई को अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने सोशल मीडिया पर बॉडी शेमिंग के खिलाफ एक मजबूत बयान दिया। 2018 की अपनी पुरानी तस्वीर और बेटी राबिया को गोद में लिए हाल की फोटो का कोलाज शेयर करते हुए, उन्होंने प्रेग्नेंसी के बाद अपने शरीर में आए बदलाव को लेकर किए जा रहे नकारात्मक कमेंट्स का जवाब दिया। स्वरा ने साफ़ कहा कि महिलाओं के शरीर का प्राथमिक उद्देश्य सुंदर दिखना या ग्लैमर नहीं है, और वह समाज द्वारा थोपे गए सौंदर्य मानकों को स्वीकार नहीं करती हैं।

मातृत्व के बाद शरीर में बदलाव को स्वीकार करना

स्वरा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि बच्चे को जन्म देने के बाद उनके शरीर में आए परिवर्तनों के लिए उन्हें 'अजनबियों की समय-सीमा' के अनुसार वजन कम करने के लिए दबाव झेलना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मातृत्व के बाद 'पहले जैसी बनने' की कोशिश करना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि महिलाओं पर अनावश्यक मनोवैज्ञानिक दबाव डालता है। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

भले ही वह मातृत्व जैसी जीवन-परिवर्तनकारी घटना के कारण बदला हो। स्वरा की बात महिलाओं की स्वायत्तता और आत्मसम्मान के बारे में है — वह कह रही हैं कि महिलाएं अपने शरीर के प्रति अजनबियों के फैसलों से बंधी नहीं हैं। हालांकि, यह भी सच है कि सोशल मीडिया पर ऐसी बातें कहना और समाज के व्यापक दृष्टिकोण को बदलना दो अलग चीजें हैं। स्वरा जैसी सार्वजनिक हस्तियों की आवाज़ें महत्वपूर्ण हैं, लेकिन असली परिवर्तन तब आएगा जब परिवार, शिक्षा और मीडिया स्तर पर महिलाओं के शरीर को सम्मान के साथ देखा जाए।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वरा भास्कर ने बॉडी शेमिंग के खिलाफ क्या कहा?
स्वरा ने कहा कि महिलाओं का शरीर केवल सुंदर दिखने या ग्लैमर के लिए नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि मातृत्व के बाद शरीर में बदलाव स्वाभाविक है, और किसी को भी दूसरों के शरीर पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।
स्वरा ने अपनी पोस्ट में कौन-सी तस्वीरें शेयर कीं?
स्वरा ने 2018 की अपनी पुरानी तस्वीर और बेटी राबिया को गोद में लिए हाल की फोटो का कोलाज पोस्ट किया। इसके माध्यम से उन्होंने मातृत्व के बाद अपने शरीर में आए बदलाव को दर्शाया।
मातृत्व के बाद शरीर में बदलाव को स्वीकार करना क्यों महत्वपूर्ण है?
स्वरा के अनुसार, एक महिला का शरीर गर्भावस्था और प्रसव के दौरान एक पूरा इंसान पालता है, जन्म देता है और दूध पिलाता है। इन प्रक्रियाओं में शरीर में परिवर्तन होना स्वाभाविक है, और महिलाओं को इसे स्वीकार करने का अधिकार है, न कि इसके लिए शर्मिंदा होना चाहिए।
बॉडी शेमिंग क्या है और यह गलत क्यों है?
बॉडी शेमिंग किसी के शरीर के बारे में नकारात्मक टिप्पणी करना है। स्वरा के अनुसार, यह गलत है क्योंकि महिलाओं को अपनी जिंदगी अपनी मर्जी से जीने का अधिकार है। फिटनेस और स्वास्थ्य महत्वपूर्ण हैं, लेकिन किसी को दूसरों के शरीर पर अनावश्यक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
स्वरा के अनुसार, महिलाओं को किस तरह की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए?
स्वरा का मानना है कि महिलाओं को समाज द्वारा थोपे गए सौंदर्य मानकों से मुक्त होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपनी जिंदगी अपनी मर्जी से जीने के हकदार हैं, और महिलाओं के शरीर को सेक्सुअलाइज़ करने की प्रथा समाप्त होनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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