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केंद्र सरकार ने ₹895 करोड़ के रेलवे-मेट्रो प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी, कोलकाता मेट्रो और दामोदर पुल होंगे अपग्रेड

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केंद्र सरकार ने ₹895 करोड़ के रेलवे-मेट्रो प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी, कोलकाता मेट्रो और दामोदर पुल होंगे अपग्रेड

सारांश

केंद्र सरकार ने ₹895.30 करोड़ की दो बड़ी रेल परियोजनाओं को हरी झंडी दी है — कोलकाता मेट्रो के नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर में ट्रेन अंतराल 5 मिनट से घटाकर 2.5 मिनट करने का लक्ष्य, और 1903 में बने जर्जर दामोदर पुल का पुनर्निर्माण। यह कदम रेलवे आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने 2 मई 2026 को ₹895.30 करोड़ के रेलवे एवं मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी।
₹671.72 करोड़ कोलकाता मेट्रो के नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर की पावर सप्लाई अपग्रेड के लिए, जिसमें 7 नए ट्रैक्शन सबस्टेशन शामिल।
अपग्रेड के बाद ट्रेन अंतराल 5 मिनट से घटकर 2.5 मिनट होगा, यात्री सेवा में बड़ा सुधार संभव।
₹223.58 करोड़ की लागत से दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा डिवीजन में दामोदर पुल (ब्रिज नंबर 520) का पुनर्निर्माण होगा।
दामोदर पुल का डाउनलाइन 1903 में और अपलाइन 1965 में बना था — दोनों जर्जर हो चुके हैं।
यह सेक्शन आसनसोल-टाटानगर कोयला माल ढुलाई का प्रमुख मार्ग है।

केंद्र सरकार ने 2 मई 2026 को मेट्रो रेल प्रणाली को सुदृढ़ करने और रेलवे पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ₹895.30 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर एवं क्षमता विस्तार परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। रेल मंत्रालय ने शनिवार को इस निर्णय की आधिकारिक जानकारी दी। ये परियोजनाएँ रेलवे के आधुनिकीकरण और बढ़ती परिवहन माँग को पूरा करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।

कोलकाता मेट्रो के लिए पावर सिस्टम अपग्रेड

स्वीकृत कुल राशि में से ₹671.72 करोड़ की परियोजनाएँ कोलकाता मेट्रो के नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर की विद्युत आपूर्ति प्रणाली को उन्नत करने के लिए अनुमोदित की गई हैं। इसके अंतर्गत ₹291.06 करोड़ की लागत से सात नए ट्रैक्शन सबस्टेशन निर्मित किए जाएंगे।

इसके साथ ही एस्प्लेनेड से कवी सुभाष के बीच स्थित मौजूदा सबस्टेशनों का विस्तार एवं अपग्रेड किया जाएगा। कुछ ऊँचे (एलीवेटेड) सेक्शनों में बिजली प्रणाली को 11 केवी से बढ़ाकर 33 केवी किया जाएगा, जिससे आपूर्ति अधिक स्थिर और कुशल होगी।

ट्रेन अंतराल घटकर 2.5 मिनट होगा

1980 के दशक में निर्मित कोलकाता मेट्रो को मूल रूप से लगभग 5 मिनट के अंतराल पर ट्रेन संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया था। रेल मंत्रालय के अनुसार, इन अपग्रेड के पूर्ण होने के बाद ट्रेनें मात्र 2.5 मिनट के अंतराल पर चल सकेंगी। यह बदलाव यात्री सेवा की गुणवत्ता और प्रतिदिन सेवित यात्रियों की संख्या दोनों में उल्लेखनीय सुधार लाएगा।

दामोदर पुल का पुनर्निर्माण

इसके अतिरिक्त, दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा डिवीजन में पुलों को मजबूत करने के लिए ₹223.58 करोड़ की एक पृथक परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसमें मधुकुंडा और दामोदर के बीच स्थित 'ब्रिज नंबर 520' के दोनों ट्रैकों पर नई संरचना का निर्माण और ट्रैक से जुड़े अन्य कार्य शामिल हैं।

सरकारी जानकारी के अनुसार, मौजूदा दामोदर पुल का निर्माण डाउनलाइन के लिए 1903 में और अपलाइन के लिए 1965 में किया गया था। इसकी नींव और ढाँचा अब जीर्ण हो चुका है, इसलिए पुनर्निर्माण अनिवार्य हो गया है।

औद्योगिक और माल ढुलाई महत्व

यह रेल सेक्शन आसनसोल और टाटानगर को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण माल ढुलाई मार्ग है, जहाँ कोयले का भारी यातायात रहता है। परियोजना के पूर्ण होने पर सुरक्षा, भरोसेमंद संचालन और कार्यक्षमता में सुधार होगा, साथ ही दुर्गापुर-आसनसोल क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

आगे की राह

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये परियोजनाएँ रेलवे के आधुनिकीकरण, बेहतर सुरक्षा मानकों और देश की बढ़ती परिवहन माँग को पूरा करने की दिशा में उठाए जा रहे व्यापक कदमों का अंग हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कोलकाता जैसे घनी आबादी वाले महानगरों में मेट्रो की बढ़ी हुई आवृत्ति सड़क यातायात के दबाव को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 1903 में बने दामोदर पुल को बदलने में इतना समय क्यों लगा — यह लंबे समय से लंबित सुरक्षा चूक की स्वीकृति है, न कि महज आधुनिकीकरण का उत्साह। कोलकाता मेट्रो का 5 मिनट से 2.5 मिनट का अंतराल निश्चित रूप से यात्रियों के लिए राहत है, परंतु 1980 के दशक के बुनियादी ढाँचे को चार दशक बाद अपग्रेड करना यह भी दर्शाता है कि शहरी परिवहन नियोजन में दीर्घकालिक दृष्टिकोण की कमी रही है। आसनसोल-टाटानगर कोयला मार्ग की सुरक्षा औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला के लिए भी अहम है — इस कोण को मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्र सरकार ने ₹895 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट्स में क्या-क्या शामिल किया है?
इसमें दो प्रमुख परियोजनाएँ हैं — ₹671.72 करोड़ की कोलकाता मेट्रो नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर पावर अपग्रेड और ₹223.58 करोड़ का दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा डिवीजन में दामोदर पुल (ब्रिज नंबर 520) का पुनर्निर्माण। रेल मंत्रालय ने 2 मई 2026 को यह जानकारी दी।
कोलकाता मेट्रो अपग्रेड के बाद ट्रेन सेवा में क्या बदलाव होगा?
अपग्रेड के बाद कोलकाता मेट्रो के नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर पर ट्रेनों का अंतराल 5 मिनट से घटकर मात्र 2.5 मिनट हो जाएगा। इससे यात्रियों की संख्या और सेवा की गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार अपेक्षित है।
दामोदर पुल का पुनर्निर्माण क्यों जरूरी है?
दामोदर पुल का डाउनलाइन 1903 में और अपलाइन 1965 में बनाया गया था, जो अब जीर्ण हो चुका है। सरकार के अनुसार इसकी नींव और ढाँचे को फिर से बनाना सुरक्षा की दृष्टि से अनिवार्य हो गया है।
दामोदर पुल किन शहरों को जोड़ता है और इसका क्या महत्व है?
यह रेल सेक्शन आसनसोल और टाटानगर को जोड़ता है और कोयले की भारी माल ढुलाई के लिए एक प्रमुख मार्ग है। इसके पुनर्निर्माण से दुर्गापुर-आसनसोल क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।
कोलकाता मेट्रो पावर अपग्रेड में वोल्टेज में क्या बदलाव होगा?
कुछ ऊँचे (एलीवेटेड) सेक्शनों में बिजली प्रणाली को 11 केवी से बढ़ाकर 33 केवी किया जाएगा। इसके साथ ही एस्प्लेनेड से कवी सुभाष के बीच सात नए ट्रैक्शन सबस्टेशन बनाए जाएंगे और मौजूदा सबस्टेशनों का विस्तार होगा।
राष्ट्र प्रेस
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