केंद्र सरकार ने ₹895 करोड़ के रेलवे-मेट्रो प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी, कोलकाता मेट्रो और दामोदर पुल होंगे अपग्रेड
सारांश
Key Takeaways
केंद्र सरकार ने 2 मई 2026 को मेट्रो रेल प्रणाली को सुदृढ़ करने और रेलवे पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ₹895.30 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर एवं क्षमता विस्तार परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। रेल मंत्रालय ने शनिवार को इस निर्णय की आधिकारिक जानकारी दी। ये परियोजनाएँ रेलवे के आधुनिकीकरण और बढ़ती परिवहन माँग को पूरा करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।
कोलकाता मेट्रो के लिए पावर सिस्टम अपग्रेड
स्वीकृत कुल राशि में से ₹671.72 करोड़ की परियोजनाएँ कोलकाता मेट्रो के नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर की विद्युत आपूर्ति प्रणाली को उन्नत करने के लिए अनुमोदित की गई हैं। इसके अंतर्गत ₹291.06 करोड़ की लागत से सात नए ट्रैक्शन सबस्टेशन निर्मित किए जाएंगे।
इसके साथ ही एस्प्लेनेड से कवी सुभाष के बीच स्थित मौजूदा सबस्टेशनों का विस्तार एवं अपग्रेड किया जाएगा। कुछ ऊँचे (एलीवेटेड) सेक्शनों में बिजली प्रणाली को 11 केवी से बढ़ाकर 33 केवी किया जाएगा, जिससे आपूर्ति अधिक स्थिर और कुशल होगी।
ट्रेन अंतराल घटकर 2.5 मिनट होगा
1980 के दशक में निर्मित कोलकाता मेट्रो को मूल रूप से लगभग 5 मिनट के अंतराल पर ट्रेन संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया था। रेल मंत्रालय के अनुसार, इन अपग्रेड के पूर्ण होने के बाद ट्रेनें मात्र 2.5 मिनट के अंतराल पर चल सकेंगी। यह बदलाव यात्री सेवा की गुणवत्ता और प्रतिदिन सेवित यात्रियों की संख्या दोनों में उल्लेखनीय सुधार लाएगा।
दामोदर पुल का पुनर्निर्माण
इसके अतिरिक्त, दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा डिवीजन में पुलों को मजबूत करने के लिए ₹223.58 करोड़ की एक पृथक परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसमें मधुकुंडा और दामोदर के बीच स्थित 'ब्रिज नंबर 520' के दोनों ट्रैकों पर नई संरचना का निर्माण और ट्रैक से जुड़े अन्य कार्य शामिल हैं।
सरकारी जानकारी के अनुसार, मौजूदा दामोदर पुल का निर्माण डाउनलाइन के लिए 1903 में और अपलाइन के लिए 1965 में किया गया था। इसकी नींव और ढाँचा अब जीर्ण हो चुका है, इसलिए पुनर्निर्माण अनिवार्य हो गया है।
औद्योगिक और माल ढुलाई महत्व
यह रेल सेक्शन आसनसोल और टाटानगर को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण माल ढुलाई मार्ग है, जहाँ कोयले का भारी यातायात रहता है। परियोजना के पूर्ण होने पर सुरक्षा, भरोसेमंद संचालन और कार्यक्षमता में सुधार होगा, साथ ही दुर्गापुर-आसनसोल क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
आगे की राह
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये परियोजनाएँ रेलवे के आधुनिकीकरण, बेहतर सुरक्षा मानकों और देश की बढ़ती परिवहन माँग को पूरा करने की दिशा में उठाए जा रहे व्यापक कदमों का अंग हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कोलकाता जैसे घनी आबादी वाले महानगरों में मेट्रो की बढ़ी हुई आवृत्ति सड़क यातायात के दबाव को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगी।