26 जून 2026
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भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में तैनात किए 165 मतगणना पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षक

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भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में तैनात किए 165 मतगणना पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षक

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए हैं। QR कोड आधारित प्रवेश और फॉर्म 17सी की अनिवार्यता के साथ यह राज्य में चुनावी पारदर्शिता की दिशा में आयोग का सबसे सुव्यवस्थित प्रयास माना जा रहा है।

मुख्य बातें

भारत निर्वाचन आयोग ने 2 मई 2026 को पश्चिम बंगाल में 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए।
तैनाती संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी के तहत की गई।
165 विधानसभा क्षेत्रों में जहाँ एक से अधिक मतगणना कक्ष हैं, वहाँ अतिरिक्त पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए।
मतगणना केंद्रों में प्रवेश केवल ECINET के माध्यम से जारी QR कोड-आधारित फोटो आईडी से होगा।
पुलिस पर्यवेक्षक मतगणना कक्ष में प्रवेश नहीं करेंगे ; केवल बाहरी सुरक्षा की निगरानी करेंगे।
फॉर्म 17सी-दो और सूक्ष्म-पर्यवेक्षकों द्वारा स्वतंत्र नोटिंग से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 2 मई 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षकों और 77 पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती की घोषणा की। यह कदम मतगणना केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और कानून-व्यवस्था की कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

तैनाती का कानूनी आधार

आयोग ने यह नियुक्तियाँ भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की हैं। इस अवधि में सभी पर्यवेक्षक आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माने जाएंगे और सीधे आयोग के पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण में कार्य करेंगे। गौरतलब है कि यह व्यवस्था उन 165 विधानसभा क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से की गई है जहाँ एक से अधिक मतगणना कक्ष हैं।

पुलिस पर्यवेक्षकों की भूमिका और सीमाएँ

तैनात 77 पुलिस पर्यवेक्षक अपने-अपने निर्धारित मतगणना केंद्रों के आसपास सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की निगरानी करेंगे। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि सुरक्षा व्यवस्था आयोग के निर्देशों के अनुरूप हो। हालाँकि, आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि मतगणना के दिन पुलिस पर्यवेक्षक किसी भी परिस्थिति में मतगणना कक्ष के भीतर प्रवेश नहीं करेंगे। वे मतगणना पर्यवेक्षकों और अन्य चुनाव तंत्र के साथ घनिष्ठ समन्वय में कार्य करेंगे।

प्रवेश और पहचान की डिजिटल व्यवस्था

मतगणना केंद्रों में प्रवेश के लिए ECINET के एक विशेष मॉड्यूल के माध्यम से QR कोड-आधारित फोटो आईडी जारी की जाएगी। रिटर्निंग ऑफिसर (RO), मतगणना कर्मियों, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों को इसी प्रणाली से पहचान पत्र प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त, मतगणना पर्यवेक्षक और रिटर्निंग ऑफिसर को छोड़कर किसी भी व्यक्ति को मतगणना हॉल के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

पारदर्शिता के लिए फॉर्म 17सी और सूक्ष्म-पर्यवेक्षण

कंट्रोल यूनिट से प्राप्त गिनती परिणामों वाला फॉर्म 17सी-दो गिनती पर्यवेक्षकों द्वारा गिनती एजेंटों की उपस्थिति में तैयार किया जाएगा और हस्ताक्षर के लिए उन्हें सौंपा जाएगा। प्रत्येक टेबल पर तैनात सूक्ष्म-पर्यवेक्षक प्रत्येक दौर के अंत में कंट्रोल यूनिट डिस्प्ले से परिणाम स्वतंत्र रूप से नोट करेंगे और सत्यापन के लिए गिनती पर्यवेक्षक को सौंप देंगे। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा और निष्पक्षता को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं, जिससे यह बहु-स्तरीय निगरानी ढाँचा विशेष महत्व रखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा मतगणना के दिन ज़मीनी क्रियान्वयन में होगी। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। आयोग का यह बहु-स्तरीय ढाँचा सही दिशा में है, परंतु पर्यवेक्षकों की जवाबदेही और रिपोर्टिंग तंत्र की पारदर्शिता के बिना यह केवल संख्याओं का खेल बनकर रह सकता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में कितने पर्यवेक्षक तैनात किए हैं?
भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के लिए 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए हैं। यह तैनाती 2 मई 2026 को घोषित की गई।
पुलिस पर्यवेक्षक मतगणना कक्ष में प्रवेश क्यों नहीं कर सकते?
आयोग के निर्देशानुसार पुलिस पर्यवेक्षकों की भूमिका केवल मतगणना केंद्रों के बाहर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की निगरानी तक सीमित है। मतगणना प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मतगणना के दिन किसी भी परिस्थिति में उन्हें मतगणना कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं है।
मतगणना केंद्रों में प्रवेश कैसे होगा?
मतगणना केंद्रों में प्रवेश केवल ECINET के विशेष मॉड्यूल के माध्यम से जारी QR कोड-आधारित फोटो आईडी के आधार पर होगा। रिटर्निंग ऑफिसर, मतगणना कर्मी, उम्मीदवार और उनके प्रतिनिधि सभी इसी डिजिटल प्रणाली से पहचान पत्र प्राप्त करेंगे।
फॉर्म 17सी-दो की भूमिका मतगणना में क्या है?
फॉर्म 17सी-दो में कंट्रोल यूनिट से प्राप्त गिनती के परिणाम दर्ज किए जाते हैं। यह गिनती पर्यवेक्षकों द्वारा गिनती एजेंटों की उपस्थिति में तैयार किया जाता है और हस्ताक्षर के लिए एजेंटों को सौंपा जाता है, जिससे परिणामों की पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
यह तैनाती किस कानूनी अधिकार के तहत की गई है?
यह तैनाती भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी के तहत आयोग को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। इस दौरान सभी पर्यवेक्षक आयोग के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण और नियंत्रण में कार्य करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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