हैदराबाद में 6,000 से अधिक लोगों ने एक साथ भुजंगासन कर बनाया एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नया कीर्तिमान

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हैदराबाद में 6,000 से अधिक लोगों ने एक साथ भुजंगासन कर बनाया एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नया कीर्तिमान

सारांश

हैदराबाद के कान्हा शांति वनम में 6,000 से अधिक लोगों ने एक साथ भुजंगासन कर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नया इतिहास रचा — और यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं था, बल्कि 21 जून के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की 50-दिवसीय उलटी गिनती का आगाज़ भी था, जो भारत की वैश्विक योग कूटनीति का ताज़ा अध्याय है।

Key Takeaways

कान्हा शांति वनम, हैदराबाद में 2 मई 2026 को 6,000 से अधिक लोगों ने एक साथ भुजंगासन कर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया। आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव और केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने प्रतिभागियों का नेतृत्व किया। यह आयोजन 21 जून 2026 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की 50-दिवसीय उलटी गिनती का शुभारंभ था। 100-दिवसीय निःशुल्क योग प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 1 लाख से अधिक लोगों को 'योग मित्र' प्रमाणन देने का लक्ष्य। अगला योग महोत्सव मध्य प्रदेश के खजुराहो में आयोजित होगा — आईडीवाई 2026 की 25-दिवसीय उलटी गिनती के रूप में।

तेलंगाना के हैदराबाद स्थित कान्हा शांति वनम में 2 मई 2026 को 6,000 से अधिक योग प्रेमियों ने एक साथ भुजंगासन करके एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा लिया। एक ही समय पर सबसे बड़ी संख्या में लोगों द्वारा यह आसन करने की यह उपलब्धि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की 50-दिवसीय उलटी गिनती के शुभारंभ के अवसर पर हासिल की गई।

मुख्य घटनाक्रम

इस ऐतिहासिक योग सत्र का आयोजन आयुष मंत्रालय के अंतर्गत मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY) द्वारा किया गया। आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने प्रतिभागियों का नेतृत्व करते हुए इस एशियाई कीर्तिमान को स्थापित करने में अग्रणी भूमिका निभाई। यह 'योग महोत्सव' कार्यक्रम 21 जून 2026 को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की आधिकारिक शुरुआत का प्रतीक बना।

मंत्रियों की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने कहा कि योग केवल भारत की प्राचीन विरासत नहीं, बल्कि मानवता के लिए एक अनमोल उपहार है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज दुनिया भर के नेता, पेशेवर और आम नागरिक योग का अभ्यास कर इसका लाभ उठा रहे हैं। रेड्डी ने यह भी कहा कि हैदराबाद, जो पहले से नवाचार और प्रौद्योगिकी के लिए वैश्विक स्तर पर जाना जाता है, अब योग और समग्र कल्याण के वैश्विक केंद्र के रूप में भी उभरना चाहिए।

मंत्री जाधव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग एक वैश्विक आंदोलन बन गया है, जो शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक संतुलन को बढ़ावा देता है। उन्होंने 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि एक स्वस्थ और अनुशासित समाज के निर्माण में योग की केंद्रीय भूमिका है।

योग 365 पहल और प्रशिक्षण कार्यक्रम

जाधव ने हाल ही में शुरू की गई 'योग 365' पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि आयुष मंत्रालय, हैबिल्ड और MDNIY के सहयोग से नागरिकों को योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत 21 जून तक 100-दिवसीय निःशुल्क योग प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य 1 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना और 'योग मित्र' प्रमाणन प्रदान करना है।

अगला योग महोत्सव और अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति

मंत्री ने घोषणा की कि अगला 'योग महोत्सव' मध्य प्रदेश के खजुराहो में आयोजित किया जाएगा, जो आईडीवाई 2026 की 25-दिवसीय उलटी गिनती का प्रतीक होगा। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत, वास्तुकला और कल्याण परंपराओं के संगम को रेखांकित करेगा। इसके अलावा, जापान के ओसाका में आयोजित 'वर्ल्ड एक्सपो 2025' के दौरान छह महीने तक योग सत्र संचालित करने के लिए MDNIY और योग प्रमाणन बोर्ड के प्रयासों की भी सराहना की गई।

विशेषज्ञ और संस्थान की राय

आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव मोनालिसा दास ने कहा कि कान्हा शांति वनम उस शांति और संतुलन का प्रतीक है जिसे योग विकसित करने का प्रयास करता है। उन्होंने इस आयोजन को स्वास्थ्य और एकता की दिशा में एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन की शुरुआत बताया। गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब भारत सरकार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर योग को सॉफ्ट पावर के रूप में स्थापित करने के प्रयासों को तेज़ कर रही है।

Point of View

000 लोगों का एक साथ भुजंगासन करना निस्संदेह प्रभावशाली है, लेकिन यह आयोजन उससे कहीं बड़ी रणनीति का हिस्सा है — भारत सरकार योग को अपनी सॉफ्ट पावर कूटनीति के सबसे धारदार हथियार के रूप में स्थापित कर रही है। 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने के बाद से हर साल इस तरह के आयोजन बड़े होते जा रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि रिकॉर्ड बनाने से परे जन-स्वास्थ्य पर इसका मापनीय प्रभाव कितना है। 'योग 365' और 'योग मित्र' जैसी पहलें सही दिशा में हैं, पर उनकी सफलता का मूल्यांकन भागीदारी संख्या से नहीं, बल्कि दीर्घकालिक स्वास्थ्य परिणामों से होना चाहिए।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

हैदराबाद में भुजंगासन का एशिया रिकॉर्ड कब और कहाँ बना?
यह रिकॉर्ड 2 मई 2026 को हैदराबाद के कान्हा शांति वनम में बना, जब 6,000 से अधिक लोगों ने एक साथ भुजंगासन किया और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया।
यह योग महोत्सव किसने आयोजित किया?
इस योग महोत्सव का आयोजन आयुष मंत्रालय के अंतर्गत मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY) ने किया। यह अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की 50-दिवसीय उलटी गिनती के शुभारंभ के रूप में आयोजित किया गया था।
योग 365 पहल क्या है?
'योग 365' आयुष मंत्रालय, हैबिल्ड और MDNIY की संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना है। इसके तहत 21 जून तक 100-दिवसीय निःशुल्क योग प्रशिक्षण चलाया जा रहा है, जिसमें 1 लाख से अधिक लोगों को 'योग मित्र' प्रमाणन देने का लक्ष्य है।
अगला योग महोत्सव कहाँ होगा?
अगला योग महोत्सव मध्य प्रदेश के खजुराहो में आयोजित होगा, जो अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की 25-दिवसीय उलटी गिनती का प्रतीक होगा।
भुजंगासन क्या है और इसके क्या फायदे हैं?
भुजंगासन एक प्रमुख योगासन है जिसमें शरीर को कोबरा सर्प की मुद्रा में उठाया जाता है। यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने, पीठ दर्द कम करने और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
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