11 अगस्त 2026
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'कभी अलविदा ना कहना' के 20 साल: मेकर्स ने शेयर किए अनदेखे क्लिप, शाहरुख-रानी की यादगार केमिस्ट्री फिर चर्चा में

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'कभी अलविदा ना कहना' के 20 साल: मेकर्स ने शेयर किए अनदेखे क्लिप, शाहरुख-रानी की यादगार केमिस्ट्री फिर चर्चा में

सारांश

'कभी अलविदा ना कहना' सिर्फ एक फिल्म नहीं थी — यह हिंदी सिनेमा की उस हिम्मत का नाम था जिसने विवाहेतर संबंधों को बिना माफी माँगे पर्दे पर उतारा। 20 साल बाद भी यह फिल्म उतनी ही बहस और उतनी ही मोहब्बत के साथ याद की जाती है।

मुख्य बातें

'कभी अलविदा ना कहना' ने 11 अगस्त 2026 को अपने रिलीज के 20 वर्ष पूरे किए।
मेकर्स ने इंस्टाग्राम पर फिल्म के अनदेखे क्लिप का मोंटाज वीडियो साझा किया।
फिल्म में शाहरुख खान, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, प्रीति जिंटा और अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिकाओं में थे।
फिल्म का निर्देशन करण जौहर ने किया था और संगीत शंकर-एहसान-लॉय ने दिया था।
रिलीज के समय विवाहेतर संबंधों पर आधारित कथानक के कारण फिल्म को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी।

करण जौहर निर्देशित रोमांटिक ड्रामा 'कभी अलविदा ना कहना' ने 11 अगस्त 2026 को अपने रिलीज के 20 वर्ष पूरे कर लिए। इस खास मौके पर फिल्म के मेकर्स ने इंस्टाग्राम पर एक भावनात्मक मोंटाज वीडियो साझा किया, जिसमें फिल्म के अनदेखे क्लिप और यादगार दृश्यों की झलक दिखाई गई। दो दशक बाद भी यह फिल्म दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाए हुए है।

मेकर्स का भावुक संदेश

फिल्म के निर्माताओं ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'एक ऐसी कहानी जिसे आप कभी अलविदा नहीं कह सकते। फिल्म 'कभी अलविदा ना कहना' के रिलीज को 20 साल पूरे हो गए। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि प्यार, दिल टूटने, तड़प और सीख से भरा एक इमोशन है।' इस पोस्ट के साथ शेयर किए गए मोंटाज वीडियो ने फिल्म के प्रशंसकों में नॉस्टेल्जिया की लहर दौड़ा दी।

फिल्म की कहानी और सितारे

शाहरुख खान, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, प्रीति जिंटा और अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज कलाकारों से सजी यह फिल्म विवाहेतर संबंधों, भावनात्मक असंतोष और जटिल रिश्तों के संवेदनशील विषय पर आधारित थी। फिल्म में देव (शाहरुख खान) और माया (रानी मुखर्जी) दोनों अलग-अलग साथियों से विवाहित हैं, लेकिन अपने वैवाहिक जीवन में असंतुष्ट हैं। दोनों की मुलाकात होती है, धीरे-धीरे दोस्ती गहरी होती है और वे एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं।

सच्चाई उजागर होने पर उनके पुराने रिश्ते टूट जाते हैं — फिल्म मानवीय भावनाओं की जटिलता को बेबाकी से सामने रखती है। यह कथानक उस दौर के हिंदी सिनेमा के लिए असाधारण रूप से साहसी माना गया था।

संगीत और सांस्कृतिक प्रभाव

फिल्म का संगीत शंकर-एहसान-लॉय ने तैयार किया था और शीर्षक गीत 'कभी अलविदा ना कहना' समेत कई गाने उस दौर में बेहद लोकप्रिय हुए। गौरतलब है कि रिलीज के समय इस फिल्म की कहानी पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों से हटकर होने के कारण दर्शकों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया का विषय बनी थी — कुछ ने इसे साहसी कहा, तो कुछ ने इसे विवादास्पद।

दो दशक बाद भी प्रासंगिक

यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड की क्लासिक फिल्मों के री-रिलीज और ओटीटी पर पुनर्जीवन का दौर चल रहा है। 'कभी अलविदा ना कहना' जैसी फिल्में, जिन्होंने अपने समय में परंपरागत सोच को चुनौती दी, आज के दर्शकों के लिए और भी प्रासंगिक हो गई हैं। करण जौहर के निर्देशन में बनी यह फिल्म हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा प्रयोगों में शुमार है जिन्होंने रिश्तों को एकायामी नहीं, बहुआयामी रूप में दिखाया। आने वाले वर्षों में इस फिल्म की विरासत और भी गहरी होती जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह आज के OTT युग में भी दुर्लभ है। विवाहेतर संबंधों को बिना खलनायक बनाए दिखाना उस दौर के मुख्यधारा हिंदी सिनेमा के लिए असाधारण साहस था। आलोचकों ने तब इसे 'अनैतिक' कहा, लेकिन दर्शकों ने इसे सराहा — यह विरोधाभास आज भी सिनेमाई बहस का हिस्सा है। दो दशक बाद भी जब मेकर्स के एक इंस्टाग्राम पोस्ट पर लाखों प्रतिक्रियाएँ आती हैं, तो यह साबित होता है कि असली कहानियाँ कभी पुरानी नहीं पड़तीं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'कभी अलविदा ना कहना' कब रिलीज हुई थी और इसे किसने बनाया था?
'कभी अलविदा ना कहना' 11 अगस्त 2006 को रिलीज हुई थी और इसका निर्देशन करण जौहर ने किया था। फिल्म में शाहरुख खान, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, प्रीति जिंटा और अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज कलाकार थे।
20वीं वर्षगांठ पर मेकर्स ने क्या शेयर किया?
मेकर्स ने इंस्टाग्राम पर फिल्म के अनदेखे क्लिप का एक भावनात्मक मोंटाज वीडियो पोस्ट किया। साथ ही एक संदेश भी साझा किया जिसमें कहा गया कि यह फिल्म 'प्यार, दिल टूटने, तड़प और सीख से भरा एक इमोशन है।'
'कभी अलविदा ना कहना' की कहानी किस विषय पर आधारित है?
यह फिल्म विवाहेतर संबंधों, भावनात्मक असंतोष और जटिल रिश्तों के संवेदनशील विषय पर आधारित है। इसमें दो विवाहित जोड़ों की कहानी है जिनके पात्र अपने-अपने वैवाहिक जीवन में असंतुष्ट होकर एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं।
फिल्म का संगीत किसने दिया था और कौन से गाने लोकप्रिय हुए?
फिल्म का संगीत शंकर-एहसान-लॉय की तिकड़ी ने तैयार किया था। शीर्षक गीत 'कभी अलविदा ना कहना' सहित फिल्म के कई गाने रिलीज के समय बेहद लोकप्रिय हुए थे।
रिलीज के समय फिल्म को दर्शकों की कैसी प्रतिक्रिया मिली थी?
रिलीज के समय फिल्म पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों से हटकर विषय उठाने के कारण विवादास्पद रही और दर्शकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया का विषय बनी। कुछ ने इसे साहसी सिनेमाई प्रयोग माना, तो कुछ ने इसकी कथावस्तु पर आपत्ति जताई।
राष्ट्र प्रेस
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