क्या 20 साल बाद भी 'रंग दे बसंती' का जादू जारी है?
सारांश
Key Takeaways
- फिल्म 'रंग दे बसंती' ने 20 साल पूरे किए।
- शरमन जोशी ने फिल्म से जुड़ी अपनी भावनाएं साझा की।
- यह फिल्म युवाओं में जागरूकता लाने का काम करती है।
- फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की।
- इस फिल्म को कई पुरस्कार मिले हैं।
मुंबई, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म 'रंग दे बसंती' ने आज 20 वर्षों का सफर पूरा कर लिया है। इस अवसर पर अभिनेता शरमन जोशी ने पुरानी यादों में खोकर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने गर्व से कहा कि इस फिल्म का हिस्सा बनकर वह खुद को लकी मानते हैं।
शरमन का मानना है कि राकेश ओमप्रकाश मेहरा द्वारा निर्देशित यह मल्टीस्टारर फिल्म न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि इसने युवाओं की सोच और देशभक्ति के नजरिए में भी बदलाव लाया है। शरमन जोशी ने कहा, “रंग दे बसंती एक यादगार और कल्ट फिल्म है। हिंदी सिनेमा इसे हमेशा याद रखेगा। मैं खुद को बहुत खुशकिस्मत मानता हूं कि मैं इस खास फिल्म का हिस्सा बना। यह फिल्म आज भी हर उम्र के दर्शकों को आकर्षित करती है। मेरे करियर में रंग दे बसंती और 3 इडियट्स सबसे महत्वपूर्ण फिल्में हैं। मैं ईश्वर, निर्देशकों और निर्माताओं का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने मुझे ऐसी बेहतरीन फिल्मों में काम करने का अवसर दिया।”
शरमन ने कहा कि यह फिल्म उनके जीवन का एक अनमोल हिस्सा बनी रहेगी। उन्होंने फिल्म की शूटिंग के अनुभव को साझा करते हुए कहा, “शूटिंग कभी काम जैसी नहीं लगी। हर सीन, सेट का हर पल मेरे लिए खास था। ये यादें मैं हमेशा अपने दिल में रखूंगा।”
फिल्म में शरमन जोशी के साथ आमिर खान, सिद्धार्थ, अतुल कुलकर्णी, कुणाल कपूर, किरण खेर, आर माधवन, वहीदा रहमान और सोहा अली खान जैसे अभिनेता महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।
जानकारी के अनुसार, 2006 में रिलीज हुई 'रंग दे बसंती' के शोध में कुल सात साल लगे थे। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया और यह उस समय की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मों में शुमार हुई। फिल्म का कुल कलेक्शन 100 करोड़ रुपए से अधिक था।
फिल्म को नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला और इसे बाफ्टा अवॉर्ड्स में नामांकित भी किया गया। इसके अलावा, भारत की ओर से इसे ऑस्कर और गोल्डन ग्लोब के लिए भी भेजा गया था। इस फिल्म ने न केवल दर्शकों के दिलों पर राज किया, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी गहरी छाप छोड़ी। युवाओं में जागरूकता लाने और देश के प्रति प्रेम जगाने में इसकी बड़ी भूमिका रही।