मध्य प्रदेश में 20 साल बाद राज्य परिवहन सेवा फिर शुरू, CM मोहन यादव बोले — भगवा बसें कांग्रेस को रास नहीं आएंगी
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 सितंबर 2026 को भोपाल में 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' का शुभारंभ किया — जो दो दशकों से अधिक समय के बाद राज्य में सार्वजनिक बस परिवहन की पुनर्वापसी है। पहले चरण में सात शहरों में 351 बसें सड़कों पर उतारी गई हैं, जिनमें 120 अंतर-नगर और 231 शहरी मार्गों पर चलेंगी।
मुख्यमंत्री का कांग्रेस पर तंज
उद्घाटन समारोह में मोहन यादव ने बसों के भगवा रंग का बचाव करते हुए विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस की छाती पर सांप लोटेगा' — यह बयान सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक तनाव को उजागर करता है।
यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में राज्य परिवहन निगम को 'योजनाबद्ध तरीके से' बंद कराया गया था। उन्होंने कहा, 'मुझे खुशी है कि मध्य प्रदेश में दो दशक बाद राज्य परिवहन निगम को फिर से शुरू किया गया है। कांग्रेस सरकार के समय सड़कें जाम कर योजनाबद्ध तरीके से परिवहन निगम को बंद करने की साजिश रची गई थी।'
योजना का विस्तार और भविष्य का लक्ष्य
सरकार के अनुसार, आने वाले समय में बसों की कुल संख्या बढ़ाकर 1,500 की जाएगी और इसके बाद इस संख्या को और भी विस्तारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, 'आज 351 बसों के साथ इस सेवा की शुरुआत की जा रही है और आने वाले समय में मध्य प्रदेश को 1,500 बसें मिलेंगी। जनता की सेवा हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।'
यादव ने इस लॉन्च को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 2023 विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में किए गए वादे को पूरा करने की दिशा में अहम कदम बताया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ है और राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को दिया।
कांग्रेस का पलटवार
मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'हमारे मोहन बाबू, जब कुछ नहीं कर पाते हैं, तो नाम बदलने की मुहिम शुरू कर देते हैं। अब उन्हें कौन समझाए कि 'नाम' नहीं, 'काम' बदलने की जरूरत है?'
पटवारी का आरोप है कि सरकार शासन के ठोस कार्यों के बजाय प्रतीकात्मक पहलों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
आम जनता पर असर
यह सेवा उन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है जो सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं। 231 शहरी बसें शहर के भीतर संपर्क सुधारेंगी, जबकि 120 अंतर-नगर बसें विभिन्न जिलों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करेंगी। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि ज़रूरत पड़ने पर ये बसें मध्य प्रदेश के बाहर भी संचालित की जा सकती हैं।
गौरतलब है कि राज्य में निजी बस ऑपरेटरों के एकाधिकार के बीच यह पुनर्वापसी किराए और सुविधा के मामले में प्रतिस्पर्धा की संभावना भी खोलती है। आने वाले महीनों में 1,500 बसों के पूर्ण बेड़े के साथ इस सेवा की वास्तविक उपयोगिता स्पष्ट हो सकेगी।