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मध्य प्रदेश में 21 साल बाद फिर चलेगी सरकारी बस, दीनदयाल जयंती पर CM मोहन यादव देंगे हरी झंडी

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मध्य प्रदेश में 21 साल बाद फिर चलेगी सरकारी बस, दीनदयाल जयंती पर CM मोहन यादव देंगे हरी झंडी

सारांश

21 साल की चुप्पी तोड़कर मध्य प्रदेश फिर सरकारी बस की पटरी पर लौट रहा है। दीनदयाल जयंती पर 7 शहरों से 351 बसों की एक साथ शुरुआत — और 2031 तक 15,000 बसों का लक्ष्य — बताता है कि PPP मॉडल पर यह दांव कितना बड़ा है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश में 21 वर्षों के अंतराल के बाद 26 सितंबर 2026 को 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' शुरू होगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भोपाल के दशहरा मैदान से दोपहर 12:30 बजे हरी झंडी दिखाएंगे।
लॉन्च के दिन 7 शहरों से 351 बसें एक साथ रवाना होंगी; इंदौर में सर्वाधिक 145 बसें ।
सरकार का लक्ष्य 2031 तक 15,000 बसें ; पहले वर्ष 1,500 बसें , फिर सालाना 2,500–3,000 बसें जोड़ी जाएंगी।
सभी बसों में GPS, पैनिक बटन, CCTV और डिजिटल टिकटिंग की सुविधा।
सेवा PPP मॉडल पर आधारित; निजी ऑपरेटरों को गैर-किराया राजस्व की अनुमति।

मध्य प्रदेश सरकार 26 सितंबर 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के तहत राज्य की सार्वजनिक बस सेवा को 21 वर्षों के अंतराल के बाद पुनः आरंभ करने जा रही है। भोपाल के गोविंदपुरा (भेल) स्थित दशहरा मैदान से दोपहर 12:30 बजे यह सेवा लॉन्च की जाएगी।

लॉन्च समारोह और प्रमुख उपस्थिति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी संयुक्त रूप से 351 बसों को एक साथ हरी झंडी दिखाएंगे। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने स्वयं कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया, बसों की आधुनिक सुविधाओं को परखा और यात्रियों के लिए उपलब्ध तकनीक की समीक्षा की। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने उन्हें कार्यक्रम का ब्यौरा दिया, जबकि भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

शहर-वार बस वितरण

लॉन्च के दिन सात शहरों से एक साथ 351 बसें सड़क पर उतरेंगी। इंदौर में सर्वाधिक 145 बसें (50 इंटरसिटी, 95 इंट्रासिटी), भोपाल में 106 बसें (23 इंटरसिटी, 83 इंट्रासिटी), जबलपुर में 67 बसें (14 इंटरसिटी, 53 इंट्रासिटी), रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में 3 और भिंड में 2 इंटरसिटी बसें चलाई जाएंगी।

2031 तक 15,000 बसों का लक्ष्य

राज्य सरकार ने 2031 तक 15,000 बसें संचालित करने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। पहले वर्ष में 1,500 बसें तैनात की जाएंगी और उसके बाद प्रतिवर्ष 2,500 से 3,000 बसें जोड़ी जाएंगी। यह सेवा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित होगी, जिसमें पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और इंसेंटिव स्कीम लागू की जाएंगी।

आधुनिक सुरक्षा और तकनीकी सुविधाएँ

सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी बसों में जीपीएस ट्रैकिंग, पैनिक बटन, सीसीटीवी कैमरे और डिजिटल टिकटिंग की व्यवस्था होगी। निजी ऑपरेटरों को विज्ञापन और कार्गो सेवाओं जैसे गैर-किराया स्रोतों से राजस्व अर्जित करने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही, आधुनिक डिपो और टर्मिनल सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

21 साल की अनुपस्थिति का संदर्भ

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को 2000 के दशक की शुरुआत में बंद कर दिया गया था, जिसके बाद राज्य में सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह निजी ऑपरेटरों पर निर्भर हो गया। यह ऐसे समय में आया है जब दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में किफायती परिवहन की माँग लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार ने इस पुनरारंभ को उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन — यानी अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाने की अवधारणा — से प्रेरित बताया है।

यह सेवा न केवल शहरों के बीच कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी, बल्कि ग्रामीण-शहरी परिवहन अंतर को भी पाटने का प्रयास करेगी। आने वाले महीनों में PPP मॉडल की सफलता पर ही इस योजना का भविष्य निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन PPP मॉडल की असली परीक्षा लॉन्च के दिन नहीं, बल्कि अगले 24 महीनों में होगी। देश के कई राज्यों में PPP आधारित बस सेवाएँ किराया-निर्धारण विवाद और ऑपरेटर घाटे के कारण ठप हो चुकी हैं। मुख्य सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार ग्रामीण और अर्ध-शहरी मार्गों पर आर्थिक रूप से अव्यवहारिक रूटों पर निजी ऑपरेटरों को टिकाए रख पाएगी। 2031 तक 15,000 बसों का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है — पर बिना पारदर्शी सब्सिडी और रेगुलेटरी ढाँचे के, यह जोखिम बना रहेगा।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा क्या है?
यह मध्य प्रदेश सरकार की नई सार्वजनिक बस सेवा है, जो 21 साल के अंतराल के बाद 26 सितंबर 2026 को दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर लॉन्च की जा रही है। यह PPP मॉडल पर आधारित है और 2031 तक 15,000 बसें संचालित करने का लक्ष्य रखती है।
मध्य प्रदेश में सरकारी बस सेवा 21 साल से क्यों बंद थी?
मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को 2000 के दशक की शुरुआत में वित्तीय कारणों से बंद कर दिया गया था। इसके बाद राज्य में सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह निजी ऑपरेटरों पर निर्भर हो गया था।
लॉन्च के दिन कितनी और किन शहरों में बसें चलेंगी?
26 सितंबर को 7 शहरों — इंदौर (145), भोपाल (106), जबलपुर (67), रीवा (18), देवास (10), कटनी (3) और भिंड (2) — से कुल 351 बसें एक साथ रवाना होंगी।
नई बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या सुविधाएँ हैं?
सभी बसों में GPS ट्रैकिंग, पैनिक बटन, CCTV कैमरे और डिजिटल टिकटिंग की व्यवस्था होगी। इसके अलावा आधुनिक डिपो और टर्मिनल सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
2031 तक 15,000 बसों का लक्ष्य कैसे पूरा होगा?
पहले वर्ष 1,500 बसें चलाई जाएंगी और उसके बाद हर साल 2,500 से 3,000 बसें जोड़ी जाएंगी। यह सेवा PPP मॉडल पर आधारित है, जिसमें निजी ऑपरेटरों को विज्ञापन और कार्गो सेवाओं से अतिरिक्त राजस्व अर्जित करने की अनुमति होगी।
राष्ट्र प्रेस
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